स्टैटिक GK

पादप विज्ञान: प्रकाश संश्लेषण, पादप ऊतक और पादप हार्मोन का संपूर्ण गाइड

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रकाश संश्लेषण, जाइलम-फ्लोएम ऊतक और पादप हार्मोन के कार्य, रासायनिक समीकरण और स्मरणीय ट्रिक्स का संपूर्ण अध्ययन लेख।

⭐ मुख्य बिंदु

  • प्रकाश संश्लेषण में क्लोरोफिल के केंद्र में मैग्नीशियम आयन (Mg²⁺) उपस्थित होता है।
  • प्रकाश संश्लेषण से निकलने वाली प्राणवायु ऑक्सीजन जल (H₂O) के प्रकाशिक अपघटन से मुक्त होती है।
  • लाल रंग के प्रकाश में प्रकाश संश्लेषण की दर सबसे तीव्र होती है, जबकि हरे रंग में नगण्य होती है।
  • प्रकाशिक अभिक्रिया हरितलवक के ग्रेना में और अप्रकाशिक अभिक्रिया स्ट्रोमा में संपन्न होती है।
  • जाइलम ऊतक जल व खनिजों का एकदिशीय संवहन करता है, जबकि फ्लोएम कार्बनिक भोजन का द्विदिशीय संवहन करता है।
  • नारियल का रेशेदार बाहरी आवरण मृत स्क्लेरेन्काइमा (दृढ़ोतक) ऊतक और लिग्निन से बना होता है।
  • एथिलीन एकमात्र प्राकृतिक गैसीय हार्मोन है जो फलों को पकाने के लिए उत्तरदायी है।
  • एब्सिसिक एसिड (ABA) को तनाव हार्मोन कहा जाता है, जो सूखे के समय पत्तियों के रंध्र बंद कर देता है।

परिचय: पादप कार्यिकी का महत्व

वनस्पति विज्ञान (Botany) में पादप कार्यिकी (Plant Physiology) और पादप शारीरिकी (Plant Anatomy) प्रतियोगी परीक्षाओं के सबसे महत्वपूर्ण खंडों में से एक हैं। रेलवे (RRB Group D, NTPC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC CGL, CHSL, MTS) और राज्य लोक सेवा आयोग (BPSC, UPPSC) की परीक्षाओं में हर वर्ष प्रकाश संश्लेषण की अभिक्रियाओं, जाइलम-फ्लोएम के कार्यों तथा पादप हार्मोन (Phytohormones) के प्रभाव पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। पौधों में भोजन निर्माण, पोषक तत्वों का संवहन और विभिन्न जैविक क्रियाओं का नियंत्रण कैसे होता है, इसे वैज्ञानिक व व्यावहारिक दृष्टि से समझना आवश्यक है।

1. प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)

प्रकाश संश्लेषण वह जैव-रासायनिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे सूर्य के प्रकाश और पर्णहरित (Chlorophyll) की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) और जल ($H_2O$) का उपयोग करके कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज) का निर्माण करते हैं तथा उप-उत्पाद (By-product) के रूप में ऑक्सीजन ($O_2$) मुक्त करते हैं।

रासायनिक समीकरण:
6CO₂ + 12H₂O + प्रकाश ऊर्जा (क्लोरोफिल) → C₆H₁₂O₆ (ग्लूकोज) + 6O₂ ↑ + 6H₂O

प्रकाश संश्लेषण के प्रमुख घटक और तथ्य

  • क्लोरोफिल (पर्णहरित): यह पत्तियों के हरितलवक (Chloroplast) में पाया जाने वाला प्रमुख वर्णक है। क्लोरोफिल के केंद्र में मैग्नीशियम ($Mg^{2+}$) धातु आयन पाया जाता है (यह प्रश्न SSC में बार-बार पूछा गया है)।
  • ऑक्सीजन का स्रोत: प्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन कार्बन डाइऑक्साइड से नहीं, बल्कि जल के प्रकाशिक अपघटन (Photolysis of Water) से प्राप्त होती है (रूबेन और कामेन द्वारा प्रमाणित)।
  • प्रकाश स्पेक्ट्रम का प्रभाव: प्रकाश संश्लेषण की दर लाल रंग के प्रकाश में सर्वाधिक और नीले रंग के प्रकाश में द्वितीय स्थान पर होती है। हरे रंग के प्रकाश को पत्तियाँ परावर्तित कर देती हैं, इसलिए हरे प्रकाश में प्रकाश संश्लेषण नगण्य या शून्य होता है।
  • अभिक्रिया के दो चरण:
    1. प्रकाशिक अभिक्रिया (Light Reaction / Hill Reaction): यह क्लोरोप्लास्ट के ग्रेना (Grana / Thylakoid) में होती है। इसमें सौर ऊर्जा की सहायता से जल का विखंडन होता है और ATP तथा NADPH का निर्माण होता है।
    2. अप्रकाशिक अभिक्रिया (Dark Reaction / Calvin Cycle): यह क्लोरोप्लास्ट के स्ट्रोमा (Stroma) में होती है। इसके लिए प्रत्यक्ष प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती। इसमें $CO_2$ का स्थिरीकरण होकर ग्लूकोज बनता है।

2. पादप ऊतक (Plant Tissues)

पौधों में कोशिकाओं के समूह जो एक समान कार्य करते हैं, पादप ऊतक कहलाते हैं। इन्हें मुख्य रूप से दो वर्गों में विभाजित किया जाता है: विभाज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) और स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)।

क. विभाज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue)

इन ऊतकों की कोशिकाएँ निरंतर विभाजित होती रहती हैं। विभाजन के स्थान के आधार पर ये तीन प्रकार के होते हैं:

  • शीर्षस्थ विभाज्योतक (Apical Meristem): जड़ और तने के शीर्ष पर स्थित; पौधे की प्राथमिक लंबाई बढ़ाता है।
  • अंतर्वेशी विभाज्योतक (Intercalary Meristem): पत्तियों के आधार या तने की गांठों (Internodes) पर स्थित; शाकाहारी जंतुओं द्वारा खाए जाने के बाद घास की पुनर्वृद्धि इसी से होती है।
  • पार्श्व विभाज्योतक (Lateral Meristem / Cambium): तने और जड़ की मोटाई (Girth/Secondary Growth) में वृद्धि के लिए उत्तरदायी।

ख. स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)

विभाजन क्षमता खो चुकी परिपक्व कोशिकाएँ स्थायी ऊतक बनाती हैं:

  1. सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissue):
    • पैरेन्काइमा (Parenchyma / मृदूतक): भोजन संचय करता है। जलीय पौधों में हवा भरी रहने से यह उत्प्लावन (Buoyancy) प्रदान करता है, जिसे एरेन्काइमा कहते हैं।
    • कोलेन्काइमा (Collenchyma / स्थूलकोण ऊतक): पौधों को लचीलापन (Flexibility) और यांत्रिक सहारा देता है, जिससे तेज हवा में पौधे बिना टूटे मुड़ जाते हैं।
    • स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma / दृढ़ोतक): यह मृत कोशिकाओं से बना कठोर ऊतक है। इसकी भित्ति पर लिग्निन (Lignin) का जमाव होता है। उदाहरण: नारियल का बाहरी रेशा (Coir) और अखरोट का छिलका।
  2. जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue / संवहनी ऊतक):
    • जाइलम (Xylem): जड़ों द्वारा अवशोषित जल और खनिज लवणों को पौधे के ऊपरी भागों तक एकदिशीय (Unidirectional) प्रवाह में पहुँचाता है। पुराने जाइलम के वार्षिक वलयों (Annual Rings) को गिनकर पेड़ की आयु निर्धारित की जाती है (डेंड्रोक्रोनोलॉजी)।
    • फ्लोएम (Phloem): पत्तियों द्वारा निर्मित घुलनशील भोजन (सुक्रोज) को पौधे के सभी अंगों तक द्विदिशीय (Bidirectional) संवहन करता है।

3. पादप हार्मोन (Plant Hormones / Phytohormones)

पादप हार्मोन रासायनिक संदेशवाहक होते हैं जो पौधों की वृद्धि, विकास और पर्यावरण के प्रति अनुक्रिया को नियंत्रित करते हैं। इन्हें दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा जाता है:

हार्मोन का नामश्रेणीप्रमुख कार्य एवं परीक्षा उपयोगी तथ्य
ऑक्सिन (Auxin)वृद्धि प्रवर्धक (Promoter)कोशिका का दीर्घीकरण (Cell Elongation), प्रकाशानुवर्तन (Phototropism - पौधे का प्रकाश की ओर झुकना), शीर्ष प्रमुखता। 2,4-D नामक कृत्रिम ऑक्सिन खरपतवारनाशी (Weedicide) के रूप में प्रयुक्त होता है।
जिबरेलिन (Gibberellin)वृद्धि प्रवर्धकतने की लंबाई में वृद्धि, बीज की प्रसुप्ति (Dormancy) तोड़ना, अंकुरण को बढ़ावा देना, अंगूर के फलों का आकार बड़ा करना (बोल्टिंग प्रभाव)।
साइटोकाइनिन (Cytokinin)वृद्धि प्रवर्धकतीव्र कोशिका विभाजन (Cell Division) को प्रेरित करना, जीर्णता (Senescence) को टालना (पत्तियों को हरा बनाए रखना)। प्राकृतिक रूप से नारियल पानी और मक्के के भ्रूणपोष में प्रचुर।
एब्सिसिक एसिड (ABA)वृद्धि रोधक (Inhibitor)‘तनाव हार्मोन’ (Stress Hormone) कहलाता है। सूखे के समय रंध्रों (Stomata) को बंद करना, बीज प्रसुप्ति बनाए रखना, पत्तियों और फलों को गिराना।
एथिलीन (Ethylene)वृद्धि रोधक/नियामकएकमात्र प्राकृतिक गैसीय पादप हार्मोन ($C_2H_4$)। फलों को पकाने (Fruit Ripening) और पत्तियों के विलगन (Abscission) में मुख्य भूमिका।

याद रखने की ट्रिक (Mnemonics)

  • जाइलम और फ्लोएम का संवहन:
    J se Jal = Jylem (जल का परिवहन जाइलम करता है)।
    Ph se Food / Phal = Phloem (भोजन का परिवहन फ्लोएम करता है)।
  • पादप हार्मोन के मुख्य कार्य:
    Auxin = Apical Growth (शीर्ष वृद्धि और प्रकाश की ओर मुड़ना)।
    Gibberellin = Growth of Stem (तने की लम्बवत वृद्धि और बीज अंकुरण)।
    Cytokinin = Cell Division (कोशिका विभाजन)।
    Ethylene = Exclusive Gas for Ripening (फलों को पकाने वाली गैस)।
    ABA = Anti-growth / Abscission (तनाव में रंध्र बंद करना)।

परीक्षा में कैसे पूछा जाता है? (PYQ विश्लेषण)

  • RRB Group D / ALP: सीधा प्रश्न — ‘नारियल का छिलका किस ऊतक का बना होता है?’ (उत्तर: स्क्लेरेन्काइमा); ‘पेड़ की छाल के नीचे मोटाई बढ़ाने वाला ऊतक कौन-सा है?’ (उत्तर: पार्श्व विभाज्योतक/कैम्बियम)।
  • SSC CHSL / CGL: संकल्पनात्मक प्रश्न — ‘क्लोरोफिल में कौन सा धातु आयन पाया जाता है?’ (उत्तर: मैग्नीशियम); ‘प्राकृतिक रूप से फल पकाने वाला गैसीय हार्मोन कौन सा है?’ (उत्तर: एथिलीन); कृत्रिम रूप से एसिटिलीन गैस (कैल्शियम कार्बाइड से) का उपयोग होता है।
  • State PSC (BPSC/UPPSC): प्रक्रम आधारित — ‘प्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किससे उत्पन्न होती है?’ (उत्तर: $H_2O$ के विखंडन से); ‘प्रकाशिक अभिक्रिया क्लोरोप्लास्ट के किस भाग में होती है?’ (उत्तर: ग्रेना)।

दैनिक जीवन और कृषि में व्यावहारिक अनुप्रयोग

कृषि विज्ञान में पादप हार्मोनों का व्यापक उपयोग होता है। गन्ने की फसल पर जिबरेलिन का छिड़काव करने से तनों की लंबाई बढ़ती है जिससे प्रति एकड़ पैदावार में 20 टन तक की वृद्धि हो सकती है। शीतगृहों (Cold Storages) में साइटोकाइनिन का उपयोग हरी सब्जियों को लंबे समय तक ताजा रखने में किया जाता है, जबकि परिवहन के दौरान कच्चे फलों को गंतव्य तक पहुँचाकर एथिलीन द्वारा समान रूप से पकाया जाता है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

क्लोरोफिल का प्रमुख घटकमैग्नीशियम (Mg²⁺)
सर्वाधिक प्रकाश संश्लेषण स्पेक्ट्रमलाल प्रकाश (Red Light)
प्रकाशिक अभिक्रिया का स्थलग्रेना / थायलाकोइड (Grana)
अप्रकाशिक अभिक्रिया का स्थलस्ट्रोमा (Stroma)
एकमात्र गैसीय पादप हार्मोनएथिलीन (Ethylene / C₂H₄)
तनाव हार्मोन (Stress Hormone)एब्सिसिक एसिड (ABA)
पेड़ की छाल व मोटाई वृद्धिपार्श्व विभाज्योतक (कैम्बियम)
नारियल का छिलका ऊतकस्क्लेरेन्काइमा (दृढ़ोतक)

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

स्कोर 0 / 5

👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।

Q1 प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के दौरान मुक्त होने वाली ऑक्सीजन का मुख्य स्रोत क्या है?

Q2 निम्नलिखित में से कौन सा एकमात्र गैसीय पादप हार्मोन है?

Q3 नारियल का रेशेदार छिलका निम्नलिखित में से किस ऊतक से बना होता है?

Q4 पौधों में जड़ों द्वारा अवशोषित जल और खनिज लवणों को पत्तियों तक पहुँचाने का कार्य कौन करता है?

Q5 किस पादप हार्मोन को ‘तनाव हार्मोन’ (Stress Hormone) कहा जाता है, जो सूखे के समय रंध्रों को बंद करता है?

स्रोत