भारत के प्रधानमंत्री: 1947 से अब तक की संपूर्ण सूची, संवैधानिक प्रावधान और स्मरणीय तथ्य
भारत के प्रधानमंत्रियों की 1947 से अब तक की संपूर्ण कालानुक्रमिक सूची, संबंधित संवैधानिक अनुच्छेद, कार्यकाल के रिकॉर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण तथ्य।
⭐ मुख्य बिंदु
- संविधान के अनुच्छेद 74 के तहत राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद होती है।
- अनुच्छेद 75 के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वे लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होते हैं।
- पंडित जवाहरलाल नेहरू 16 वर्ष 286 दिन के कार्यकाल के साथ भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत प्रधानमंत्री रहे।
- अटल बिहारी वाजपेयी के नाम किसी प्रधानमंत्री के सबसे छोटे एकल कार्यकाल (1996 में मात्र 16 दिन) का रिकॉर्ड है।
- मोरारजी देसाई सबसे उम्रदराज़ (81 वर्ष) तथा राजीव गांधी सबसे युवा (40 वर्ष) प्रधानमंत्री बने।
- इंदिरा गांधी, एच. डी. देवेगौड़ा, आई. के. गुजराल और डॉ. मनमोहन सिंह राज्यसभा के सदस्य रहते हुए प्रधानमंत्री पद पर रहे।
- चौधरी चरण सिंह भारत के एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान कभी संसद का सामना नहीं किया।
- अब तक कुल 6 व्यक्ति ऐसे रहे हैं जो पहले किसी राज्य के मुख्यमंत्री थे और बाद में भारत के प्रधानमंत्री बने।
परिचय: भारतीय संसदीय व्यवस्था और प्रधानमंत्री का पद
भारत में ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर संसदीय शासन प्रणाली को अपनाया गया है। इस प्रणाली के तहत कार्यपालिका दो भागों में विभाजित होती है: नाममात्र की कार्यपालिका (डी ज्यूरे / De Jure) और वास्तविक कार्यपालिका (डी फैक्टो / De Facto)। भारत का राष्ट्रपति राष्ट्र का संवैधानिक प्रमुख (Head of the State) होता है, जबकि प्रधानमंत्री सरकार का वास्तविक प्रमुख (Head of the Government) होता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, BPSC, UPPSC, SSC, रेलवे और बैंकिंग) के दृष्टिकोण से भारत के प्रधानमंत्रियों का कालक्रम, उनसे जुड़े प्रमुख ऐतिहासिक निर्णय, कार्यकाल की विशिष्टताएँ और संबंधित संवैधानिक प्रावधान अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं।
प्रधानमंत्री पद से जुड़े महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान
भारतीय संविधान में प्रधानमंत्री के प्रत्यक्ष चुनाव का कोई प्रावधान नहीं है, बल्कि उनकी नियुक्ति और जिम्मेदारियों के लिए कई प्रमुख अनुच्छेद निर्धारित हैं:
- अनुच्छेद 74(1): राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी, जिसका प्रधान ‘प्रधानमंत्री’ होगा। राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार ही करेंगे (42वें और 44वें संविधान संशोधन द्वारा इसे बाध्यकारी बनाया गया)।
- अनुच्छेद 75(1): प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी तथा अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करेंगे। व्यावहारिक रूप से राष्ट्रपति लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल अथवा गठबंधन के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करते हैं।
- अनुच्छेद 75(3): मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से ‘लोकसभा’ के प्रति उत्तरदायी होती है। यदि प्रधानमंत्री त्यागपत्र दे दें अथवा उनकी मृत्यु हो जाए, तो पूरी मंत्रिपरिषद स्वतः भंग हो जाती है।
- अनुच्छेद 75(5): कोई भी व्यक्ति मंत्री या प्रधानमंत्री बन सकता है, बशर्ते वह पद ग्रहण के 6 महीने के भीतर संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) की सदस्यता प्राप्त कर ले।
- अनुच्छेद 78: राष्ट्रपति को विधायी और प्रशासनिक मामलों की सूचना देना प्रधानमंत्री का संवैधानिक कर्तव्य है। प्रधानमंत्री राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच संचार की मुख्य कड़ी (Channel of Communication) के रूप में कार्य करते हैं।
प्रधानमंत्री की शक्तियाँ और कार्यक्षेत्र
प्रधानमंत्री केवल सरकार के मुखिया नहीं हैं, बल्कि वे अनेक राष्ट्रीय परिषदों और आयोगों के पदेन अध्यक्ष भी होते हैं:
- मंत्रिपरिषद के संदर्भ में: विभागों का आबंटन व फेरबदल करना, मंत्रिपरिषद की बैठकों की अध्यक्षता करना और मंत्रियों के त्यागपत्र की सिफारिश करना।
- नीति आयोग: योजना आयोग के स्थान पर 1 जनवरी 2015 को गठित ‘नीति आयोग’ (NITI Aayog) के पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं।
- अन्य प्रमुख संस्थाओं की अध्यक्षता: राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC), राष्ट्रीय एकता परिषद (NIC), अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council), राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अध्यक्ष प्रधानमंत्री ही होते हैं।
- परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष: परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) और अंतरिक्ष विभाग (DoS) पारंपरिक रूप से सीधे प्रधानमंत्री के प्रभार में रहते हैं।
भारत के प्रधानमंत्रियों की संपूर्ण कालानुक्रमिक सूची (1947 से अब तक)
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से भारत में कुल 14 व्यक्ति पूर्णकालिक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं, जबकि गुलजारीलाल नंदा दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे। नीचे सभी प्रधानमंत्रियों की प्रामाणिक सूची दी गई है:
| क्र.सं. | प्रधानमंत्री का नाम | कार्यकाल (शुरुआत से अंत) | अवधि / कार्यकाल | संबद्ध दल / गठबंधन | विशेष टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | पंडित जवाहरलाल नेहरू | 15 अगस्त 1947 – 27 मई 1964 | 16 वर्ष, 286 दिन | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | भारत के प्रथम व सबसे लंबे समय तक सेवारत प्रधानमंत्री; पद पर रहते हुए निधन। |
| - | गुलजारीलाल नंदा | 27 मई 1964 – 9 जून 1964 | 13 दिन | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | भारत के पहले कार्यवाहक (Acting) प्रधानमंत्री। |
| 2 | लाल बहादुर शास्त्री | 9 जून 1964 – 11 जनवरी 1966 | 1 वर्ष, 216 दिन | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा; विदेश (ताशकंद) में निधन होने वाले एकमात्र पीएम। |
| - | गुलजारीलाल नंदा | 11 जनवरी 1966 – 24 जनवरी 1966 | 13 दिन | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | शास्त्री जी के निधन के बाद दूसरी बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने। |
| 3 | इंदिरा गांधी | 24 जनवरी 1966 – 24 मार्च 1977 | 11 वर्ष, 59 दिन | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री; पद ग्रहण के समय राज्यसभा सदस्य थीं। |
| 4 | मोरारजी देसाई | 24 मार्च 1977 – 28 जुलाई 1979 | 2 वर्ष, 126 दिन | जनता पार्टी | प्रथम गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री; सबसे उम्रदराज़ (81 वर्ष); पद से त्यागपत्र देने वाले प्रथम पीएम। |
| 5 | चौधरी चरण सिंह | 28 जुलाई 1979 – 14 जनवरी 1980 | 170 दिन | जनता पार्टी (सेक्युलर) | एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री जिन्होंने अपने कार्यकाल में कभी संसद का सामना नहीं किया। |
| (3) | इंदिरा गांधी | 14 जनवरी 1980 – 31 अक्टूबर 1984 | 4 वर्ष, 291 दिन | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई) | दूसरे कार्यकाल में पद पर रहते हुए हत्या; कुल कार्यकाल लगभग 15 वर्ष 350 दिन। |
| 6 | राजीव गांधी | 31 अक्टूबर 1984 – 2 दिसंबर 1989 | 5 वर्ष, 32 दिन | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई) | भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री (40 वर्ष की आयु में पदभार); दूरसंचार क्रांति के जनक। |
| 7 | विश्वनाथ प्रताप सिंह | 2 दिसंबर 1989 – 10 नवंबर 1990 | 343 दिन | जनता दल (राष्ट्रीय मोर्चा) | अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) द्वारा हटाए जाने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री। |
| 8 | चंद्रशेखर | 10 नवंबर 1990 – 21 जून 1991 | 223 दिन | समाजवादी जनता पार्टी | ‘युवा तुर्क’ के नाम से विख्यात; बिना किसी पूर्व मंत्री पद के सीधे प्रधानमंत्री बने। |
| 9 | पी. वी. नरसिम्हा राव | 21 जून 1991 – 16 मई 1996 | 4 वर्ष, 330 दिन | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | दक्षिण भारत से पहले प्रधानमंत्री; 1991 के ऐतिहासिक LPG (उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण) आर्थिक सुधार। |
| 10 | अटल बिहारी वाजपेयी | 16 मई 1996 – 1 जून 1996 | 16 दिन | भारतीय जनता पार्टी | किसी प्रधानमंत्री का अब तक का सबसे छोटा एकल कार्यकाल (मात्र 16 दिन)। |
| 11 | एच. डी. देवेगौड़ा | 1 जून 1996 – 21 अप्रैल 1997 | 324 दिन | जनता दल (संयुक्त मोर्चा) | कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री; पदभार ग्रहण करते समय किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। |
| 12 | इंदर कुमार गुजराल | 21 अप्रैल 1997 – 19 मार्च 1998 | 332 दिन | जनता दल (संयुक्त मोर्चा) | पड़ोसी देशों के साथ शांति नीति के लिए विख्यात ‘गुजराल सिद्धांत’ (Gujral Doctrine) के प्रणेता। |
| (10) | अटल बिहारी वाजपेयी | 19 मार्च 1998 – 22 मई 2004 | 6 वर्ष, 64 दिन | भारतीय जनता पार्टी (राजग) | पूर्ण 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री; पोखरण-2 परीक्षण। |
| 13 | डॉ. मनमोहन सिंह | 22 मई 2004 – 26 मई 2014 | 10 वर्ष, 4 दिन | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (संप्रग) | पहले सिख प्रधानमंत्री; आरटीआई (RTI) व मनरेगा (MGNREGA) लागू; राज्यसभा (असम) सदस्य रहते पीएम रहे। |
| 14 | नरेंद्र मोदी | 26 मई 2014 – पदस्थ | निरंतर | भारतीय जनता पार्टी (राजग) | स्वतंत्र भारत में जन्मे पहले प्रधानमंत्री; लगातार तीन लोकसभा चुनावों (2014, 2019, 2024) में विजयी। |
परीक्षा-उपयोगी विशिष्ट सांख्यिकी और तथ्य
प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर तुलनात्मक विश्लेषण और अपवादों पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। इन तथ्यों को कंठस्थ रखना आवश्यक है:
- कार्यकाल के आधार पर: भारत में सबसे लंबा कार्यकाल पंडित जवाहरलाल नेहरू (16 वर्ष 286 दिन) का रहा है। दूसरे स्थान पर इंदिरा गांधी (कुल लगभग 15 वर्ष 350 दिन) रही हैं। नरेंद्र मोदी गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों में सबसे लंबा और देश में सबसे लंबा निर्वाचित निरंतर कार्यकाल रखने वाले प्रधानमंत्रियों में शामिल हैं।
- सबसे छोटा कार्यकाल: 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की पहली सरकार केवल 16 दिन चली थी।
- उम्र संबंधी रिकॉर्ड: मोरारजी देसाई सबसे अधिक उम्र (81 वर्ष) में प्रधानमंत्री बने, जबकि राजीव गांधी सबसे कम उम्र (40 वर्ष) में प्रधानमंत्री बने।
- राज्यसभा से प्रधानमंत्री बनने वाले नेता: सामान्यतः प्रधानमंत्री लोकसभा का सदस्य होता है, परंतु भारतीय संविधान दोनों सदनों के सदस्यों को अनुमति देता है। अब तक 4 व्यक्ति नियुक्ति के समय या कार्यकाल में राज्यसभा के सदस्य थे: इंदिरा गांधी (1966), एच. डी. देवेगौड़ा (1996 - बाद में निर्वाचित), इंदर कुमार गुजराल (1997), और डॉ. मनमोहन सिंह (2004 व 2009)।
- पद पर रहते हुए मृत्यु: तीन प्रधानमंत्रियों की मृत्यु उनके कार्यकाल के दौरान हुई: पंडित जवाहरलाल नेहरू (1964), लाल बहादुर शास्त्री (1966, ताशकंद में), और इंदिरा गांधी (1984, हत्या)।
- अविश्वास प्रस्ताव और त्यागपत्र: वी. पी. सिंह संसद में अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद पद छोड़ने वाले पहले प्रधानमंत्री थे। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले ही त्यागपत्र देने वालों में मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी (1996) शामिल हैं।
- मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बनने वाले व्यक्ति: कुल 6 ऐसे नेता रहे हैं जो पहले किसी राज्य के मुख्यमंत्री थे और बाद में देश के प्रधानमंत्री बने: मोरारजी देसाई (बॉम्बे स्टेट), चौधरी चरण सिंह (उत्तर प्रदेश), वी. पी. सिंह (उत्तर प्रदेश), पी. वी. नरसिम्हा राव (आंध्र प्रदेश), एच. डी. देवेगौड़ा (कर्नाटक), और नरेंद्र मोदी (गुजरात)।
याद रखने की ट्रिक (Mnemonic Method)
अक्सर छात्र 1989 से 1998 के गठबंधन काल में प्रधानमंत्रियों का सही क्रम भूल जाते हैं। इसके लिए यह विशेष वाक्य याद रखें:
‘जवाहर लाल की इंदु मोरी, चरण छूकर इंदु राजीव को बोली—विश्व के चंद्र को नरसिंह, अटल देव और गुजराल अटल मन से नमन करें।’
व्याख्या:
- जवाहर = जवाहरलाल नेहरू
- लाल = लाल बहादुर शास्त्री
- इंदु = इंदिरा गांधी
- मोरी = मोरारजी देसाई
- चरण = चौधरी चरण सिंह
- इंदु = इंदिरा गांधी (वापसी)
- राजीव = राजीव गांधी
- विश्व = विश्वनाथ प्रताप (वी. पी.) सिंह
- चंद्र = चंद्रशेखर
- नरसिंह = पी. वी. नरसिम्हा राव
- अटल = अटल बिहारी वाजपेयी (1996)
- देव = एच. डी. देवेगौड़ा
- गुजराल = इंदर कुमार गुजराल
- अटल = अटल बिहारी वाजपेयी (1998-2004)
- मन = डॉ. मनमोहन सिंह
- नमन = नरेंद्र मोदी
विगत वर्षों के प्रश्न-पैटर्न और ट्रेंड (PYQ Analysis)
विभिन्न आयोगों के पिछले 10 वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण से तीन मुख्य प्रवृत्तियाँ स्पष्ट होती हैं:
- UPSC एवं राज्य लोक सेवा आयोग (BPSC/UPPSC): यहाँ सीधे नाम पूछने के बजाय बहु-कथनीय प्रश्न (Statement-based) पूछे जाते हैं। जैसे: ‘निम्नलिखित में से कौन प्रधानमंत्री बनते समय राज्यसभा के सदस्य थे?’ अथवा ‘अनुच्छेद 78 के अंतर्गत प्रधानमंत्री के कर्तव्यों का सही संयोजन क्या है?’
- SSC (CGL/CHSL/CPO): यहाँ एकल-पंक्ति तथ्यात्मक प्रश्न आते हैं, जैसे ‘किस प्रधानमंत्री के काल में संसद का कोई सत्र आयोजित नहीं हुआ?’ (चौधरी चरण सिंह), अथवा ‘भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री कौन थे?’ (राजीव गांधी)।
- रेलवे एवं बैंकिंग (GA सेक्शन): यहाँ ऐतिहासिक आर्थिक निर्णयों और नीतिगत सुधारों को प्रधानमंत्री के कार्यकाल से जोड़कर पूछा जाता है, जैसे 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण (1969, इंदिरा गांधी), एलपीजी सुधार (1991, नरसिम्हा राव), या 61वें संविधान संशोधन (मतदान आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष, राजीव गांधी)।
परीक्षा के लिए विशेष निष्कर्ष
प्रधानमंत्री का पद केवल एक राजनीतिक हस्ती का नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की कार्यपालिका रीढ़ का प्रतीक है। संविधान के बुनियादी अनुच्छेदों (74, 75, 78) के साथ सभी 14 प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल की प्रमुख घटनाएँ, सुधार और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि को सारणीबद्ध रूप में दोहराना ही परीक्षा में 100% सटीकता सुनिश्चित करता है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| प्रथम प्रधानमंत्री | पंडित जवाहरलाल नेहरू (15 अगस्त 1947) |
|---|---|
| सबसे लंबा कार्यकाल | पंडित जवाहरलाल नेहरू (16 वर्ष 286 दिन) |
| सबसे छोटा कार्यकाल | अटल बिहारी वाजपेयी (16 दिन, मई 1996) |
| प्रथम गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री | मोरारजी देसाई (जनता पार्टी, 1977) |
| सबसे युवा प्रधानमंत्री | राजीव गांधी (40 वर्ष की आयु में) |
| विदेश में दिवंगत एकमात्र पीएम | लाल बहादुर शास्त्री (11 जनवरी 1966, ताशकंद) |
| संबंधित प्रमुख संवैधानिक अनुच्छेद | अनुच्छेद 74, 75 और 78 |
| नीति आयोग के पदेन अध्यक्ष | भारत के प्रधानमंत्री |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासनिक एवं विधायी मामलों की सूचना राष्ट्रपति को दे?
Q2 निम्नलिखित में से कौन भारत के प्रधानमंत्री बनते समय राज्यसभा के सदस्य थे?
Q3 भारत के एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री कौन थे जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कभी भी संसद के किसी सत्र का सामना नहीं किया?
Q4 संसद में अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) पारित होने के कारण पद गंवाने वाले भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे?
Q5 निम्नलिखित में से कौन सा नेता प्रधानमंत्री बनने से पहले किसी भी राज्य का मुख्यमंत्री नहीं रहा था?








