विज्ञान एवं तकनीक

ESTIC‑2026 पर नई आधिकारिक डिटेल्स; DST की Special Campaign 6 में e‑waste पहल तेज

पिछले 24–48 घंटों में विज्ञान‑तकनीक की 2 अहम खबरें: ESTIC‑2026 पर नई प्रेस नोट व थीम/कार्यक्रम अपडेट; DST ने Special Campaign 6 में स्वच्छता व e‑waste निपटान की इम्प्लीमेंटेशन फेज समीक्षा।

⭐ मुख्य बिंदु

  • ESTIC‑2026 27–29 अक्टूबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में होगा।
  • 7 अक्टूबर की प्रेस नोट में कार्यक्रम की रूपरेखा व थीमैटिक फोकस साझा हुआ।
  • कर्टन‑रेज़र (10 सितंबर) में अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं/नोबेल‑विजेताओं का संकेत मिला था।
  • MoES ने 6 अक्टूबर को ESTIC में अपने सत्रों/गतिविधियों की रूपरेखा बताई।
  • DST ने 8 अक्टूबर को Special Campaign 6 के इम्प्लीमेंटेशन फेज की समीक्षा की।
  • अभियान का फोकस स्वच्छता, लंबित मामलों का निस्तारण और e‑waste का निपटान है।
  • e‑waste प्रबंधन में EPR सिद्धांत, रीसाइक्लिंग व डेटा‑सुरक्षा आयाम अहम हैं।
  • दोनों अपडेट्स से ‘उभरती तकनीक’ व ‘ग्रीन‑गवर्नेंस’ पर सरकार का जोर स्पष्ट है।

1) ESTIC‑2026: कार्यक्रम, दिनांक व थीम पर नई आधिकारिक जानकारी

क्या हुआ

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 7 अक्टूबर 2026 को प्रेस नोट जारी कर बताया कि ‘Emerging Science, Technology & Innovation Conclave (ESTIC)‑2026’ का दूसरा संस्करण 27–29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। नोट में कार्यक्रम की टैगलाइन/फोकस और आयोजन की रूपरेखा साझा की गई है। इससे पहले 10 सितंबर 2026 को “कर्टन‑रेज़र” में उद्घाटन, स्थल और प्रमुख वक्ताओं का खाका जारी हुआ था।

पृष्ठभूमि

ESTIC को राष्ट्रीय विज्ञान‑तकनीक इकोसिस्टम में उभरती तकनीकों—जैसे क्वांटम, AI, एडवांस्ड मटेरियल्स, सेमीकंडक्टर्स, बायोटेक—पर बहु‑हितधारक संवाद के मंच के रूप में डिजाइन किया गया है। कर्टन‑रेज़र में सूचित किया गया था कि कार्यक्रम में नोबेल‑विजेताओं सहित अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग लेंगे तथा 12 थीमैटिक ट्रैक्स पर सेशंस प्रस्तावित हैं। समुद्र विज्ञान मंत्रालय (MoES) ने भी 6 अक्टूबर को अपने विशेष सत्रों/प्रदर्शनों की झलक दी थी—यह दर्शाता है कि बहु‑विभागीय भागीदारी सुनिश्चित है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण

  • दिनांक/स्थान: 27–29 अक्टूबर 2026; भारत मंडपम, नई दिल्ली।
  • आयोजक/समन्वय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (DST) के नेतृत्व में अनेक स्वायत्त संस्थान व PSUs; अन्य विज्ञान मंत्रालय/विभाग भी सहभागी।
  • फोकस क्षेत्र: क्वांटम, AI/डेटा, सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरो‑स्पेस, स्वास्थ्य‑बायोटेक, जलवायु/पर्यावरण जैसी उभरती तकनीकें।
  • संस्थागत लक्ष्य: विज्ञान‑उद्योग‑स्टार्टअप तंत्र का सेतु निर्माण; ‘टेक्नोलॉजिकल सोवरेनिटी’ को बल।

स्टैटिक GK कनेक्शन: भारत मंडपम (प्रगति मैदान) G20 शिखर सम्मेलन 2023 का प्रमुख स्थल रहा; ऐसे स्थान‑आधारित प्रश्न अक्सर प्रीलिम्स/स्टेट‑PCS में पूछे जाते हैं।

स्रोत: 7 अक्टूबर की प्रेस नोट (MoS&T), 10 सितंबर का कर्टन‑रेज़र अपडेट, तथा 6 अक्टूबर को MoES का कार्यक्रम अपडेट।

2) Special Campaign 6 (2–31 अक्टूबर): DST ने इम्प्लीमेंटेशन फेज में e‑waste/स्वच्छता ड्राइव तेज की

क्या हुआ

8 अक्टूबर 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने सूचित किया कि वह अपने स्वायत्त संस्थान/क्षेत्रीय इकाइयों के साथ ‘Special Campaign 6’ के इम्प्लीमेंटेशन फेज (2–31 अक्टूबर 2026) में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। फोकस कार्यालय परिसर की स्वच्छता, लंबित मामलों का निस्तारण और विशेष रूप से e‑waste का पर्यावरण‑अनुकूल निपटान/रीसाइक्लिंग पर है। 30 सितंबर तक प्रेपरेटरी फेज पूरा कर लिया गया था; अब समन्वित, परिणाम‑उन्मुख कार्ययोजना लागू की जा रही है।

पृष्ठभूमि

भारत सरकार की यह ‘स्पेशल कैम्पेन’ वार्षिक स्वच्छता‑सुशासन पहल का हिस्सा है। विज्ञान संस्थानों में e‑waste (पुरानी कंप्यूटिंग/लैब इलेक्ट्रॉनिक्स) का सुरक्षित निस्तारण पर्यावरण‑स्वास्थ्य, डाटा‑सुरक्षा और ग्रीन कैंपस लक्ष्यों से जुड़ा है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण

  • अवधि: 2–31 अक्टूबर 2026 (Implementation Phase)।
  • फोकस: स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन/लंबित मामलों का निवारण, e‑waste निपटान।
  • संस्थागत परिप्रेक्ष्य: DST के स्वायत्त संस्थान (जैसे CSIR‑NIScPR इत्यादि) व फील्ड संगठनों की भागीदारी।
  • पर्यावरण/GK लिंक: ई‑कचरा (E‑waste) को ‘Hazardous Waste’ श्रेणी में माना जाता है; इसके सुरक्षित निस्तारण हेतु नियम/ई‑स्टेवर्डशिप नीतियाँ लागू हैं—ऐसे वैधानिक/नियम संबंधी प्रश्न प्रीलिम्स में आते हैं।

स्टैटिक GK कनेक्शन: E‑waste (WEEE) से जुड़े मुख्य खतरों—सीसा, पारा, कैडमियम—और ‘रीयूज़‑रिफर्बिश‑रीसायकल’ श्रेणियों पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं; साथ ही ‘Producer Responsibility’ (Extended Producer Responsibility‑EPR) का सिद्धांत भी महत्वपूर्ण है।

स्रोत: 8 अक्टूबर को DST का अपडेट; 2–31 अक्टूबर की इम्प्लीमेंटेशन अवधि व e‑waste पर विशेष जोर।

तुरंत पुनरावृत्ति: क्यों ये खबरें महत्वपूर्ण हैं

  1. नीतिगत दिशा: ESTIC‑2026 उभरती तकनीकों में भारत की प्राथमिकताओं, साझेदारियों और ‘इनोवेशन इकोनॉमी’ की रोडमैपिंग दिखाता है।
  2. इंस्टिट्यूशनल क्लीन‑अप: Special Campaign 6 शोध‑संस्थानों में गवर्नेंस, स्वच्छता और डिजिटल/ई‑कचरे के शुद्ध प्रबंधन को संस्थागत बनाती है।
  3. परीक्षा‑उपयोगिता: तिथियाँ, स्थल, आयोजक मंत्रालय, थीमैटिक ट्रैक्स, तथा e‑waste नियम व EPR जैसे टर्म्स—सभी प्रत्यक्ष प्रश्नों/मैच‑द‑फॉलोइंग/स्टेटमेंट‑आधारित MCQ में आते हैं।

उत्तर लेखन संकेत (Mains)

“भारत में उभरती तकनीकों के विकास हेतु ESTIC जैसे मल्टी‑स्टेकहोल्डर मंचों की क्या भूमिका है? e‑waste प्रबंधन व संस्थागत स्वच्छता से ‘टेक्नोलॉजिकल सोवरेनिटी’ को कैसे बल मिलता है?”—200 शब्दों में विवेचन करें।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

ESTIC‑2026 तिथियाँ27–29 अक्टूबर 2026
ESTIC‑2026 स्थलभारत मंडपम, नई दिल्ली
ESTIC‑2026 प्रकृतिउभरती विज्ञान‑तकनीक व नवाचार पर राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव
MoES अपडेट6 अक्तूबर 2026 को ESTIC‑सम्बंधित कार्यक्रम संकेत
Special Campaign 6 अवधिइम्प्लीमेंटेशन फेज: 2–31 अक्तूबर 2026
DST अपडेट तिथि8 अक्तूबर 2026
Special Campaign 6 फोकसस्वच्छता, लंबित कार्य निस्तारण, e‑waste निपटान

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

स्कोर 0 / 5

👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।

Q1 ESTIC‑2026 किस स्थान पर आयोजित हो रहा है?

Q2 Special Campaign 6 (Implementation Phase) की अवधि 2026 में क्या है?

Q3 Special Campaign 6 में विज्ञान संस्थानों हेतु कौन‑सा मुद्दा विशेष फोकस है?

Q4 ESTIC‑2026 का प्रमुख थीमैटिक उद्देश्य निम्न में से किससे संबद्ध है?

Q5 e‑waste प्रबंधन में अक्सर किस सिद्धांत का उल्लेख होता है?

स्रोत