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कैबिनेट का GEC-III (BESS सहित) अनुमोदन, SC की नाबालिग–सोशल मीडिया टिप्पणी, MSP पर PSS खरीद

कैबिनेट ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-III व 50 GWh BESS को मंजूरी दी; सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नियम बनाने को कहा; कृषि मंत्री ने KMS 2026-27 के लिए PSS के तहत ₹5,547.99 करोड़ की खरीद स्वीकृत की।

⭐ मुख्य बिंदु

  • कैबिनेट ने GEC-III से 135 GW RE निकासी हेतु InSTS विस्तार को मंजूरी दी।
  • योजना में 50 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का प्रावधान है।
  • GEC-III का कुल व्यय ₹1,86,405 करोड़ है, लक्ष्य FY 2032-33 तक।
  • SC ने नाबालिगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर वैधानिक नियम बनाने का सुझाव दिया।
  • PSS के तहत KMS 2026-27 के लिए ₹5,547.99 करोड़ की MSP खरीद स्वीकृत हुई।
  • PSS का उद्देश्य दाल–तिलहन आदि में MSP लागू कर किसानों को समर्थन देना है।
  • SC की टिप्पणी से age-verification व अभिभावक-सहमति जैसे मानक बन सकते हैं।
  • GEC-III ऊर्जा संक्रमण व ग्रिड लचीलापन बढ़ाने की प्रमुख कड़ी है।

1) कैबिनेट ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III (GEC-III) को मंजूरी दी, 50 GWh BESS भी शामिल

क्या हुआ

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 30 सितंबर 2026 को ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III (GEC-III) को स्वीकृति दी। इस योजना से राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (InSTS) का विस्तार होगा ताकि 135 GW तक नवीकरणीय ऊर्जा निकासी सुगम हो सके। साथ ही, 50 GWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता स्थापित करने का प्रावधान है, जिससे ग्रिड लचीलापन बढ़ेगा और गैर-सोलर घंटों की मांग पूरी करने में मदद मिलेगी। कुल परियोजना व्यय ₹1,86,405 करोड़ निर्धारित है—जिसमें ₹1,36,378 करोड़ InSTS और ₹50,000 करोड़ BESS के लिए हैं। लक्ष्य वर्ष FY 2032-33 तक क्रियान्वयन का है। यह निर्णय PIB के अनुसार लिया गया।

पृष्ठभूमि

भारत ने 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता का लक्ष्य रखा है। GEC के पहले दो चरणों ने पवन–सौर पार्कों से ग्रिड कनेक्टिविटी और स्टेट ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत किया। BESS को मुख्यधारा में लाने से अंतराल (intermittency), कंजेशन और पीक-आवर कर्टेलमेंट जैसी समस्याओं का समाधान लक्षित है—जो ऊर्जा संक्रमण (energy transition) की प्रमुख बाधाएँ हैं।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण

  • योजना: GEC-III; उद्देश्य: InSTS सुदृढ़ कर 135 GW RE निकासी।
  • BESS लक्ष्य: 50 GWh; BESS का उपयोग—ग्रिड लचीलापन व नॉन-सोलर ऑवर मांग।
  • कुल व्यय: ₹1,86,405 करोड़; अवधि: FY 2032-33 तक।
  • कार्यान्वयन फोकस: राज्यों/UTs में ट्रांसमिशन लाइनें, सब-स्टेशन, नियंत्रण प्रणाली।
  • स्थैतिक GK लिंक: बैटरी स्टोरेज की इकाई—GWh; ट्रांसमिशन में InSTS का अर्थ।

2) सुप्रीम कोर्ट: नाबालिगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर वैधानिक नियम बनाने का सुझाव

क्या हुआ

30 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट की पीठ (CJI सुर्या कांत की अध्यक्षता) ने केंद्र सरकार से कहा कि नाबालिगों द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट बनाना/चलाना रोकने हेतु वैधानिक नियम बनाए जाएँ। यह टिप्पणी बाल-अधिकार एवं ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान हुई। विस्तृत रिपोर्ट अनुसार, अदालत ने सरकार को नीति–नियम तय करने पर जोर दिया। स्रोत: The Indian Express (30 सितंबर 2026)।

पृष्ठभूमि

डिजिटल स्पेस में नाबालिगों की सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी, साइबर बुलिंग और हानिकारक कंटेंट के जोखिम बढ़े हैं। भारत में IT Act/Rules और हालिया DPDP Act के बावजूद नाबालिगों के लिए प्लेटफॉर्म-स्तरीय age-gating और सत्यापन के ठोस व बाध्यकारी मानक स्पष्ट नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी नीति-निर्माण को दिशा दे सकती है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण

  • संवैधानिक संदर्भ: अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) में बाल-सुरक्षा का व्यापक दायरा।
  • नीति-प्रभाव: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए age-verification, अभिभावक सहमति, डिफॉल्ट प्राइवेसी सेटिंग्स आदि पर नियम बन सकते हैं।
  • हालिया विमर्श: ऑनलाइन हानि, एडटेक/गेमिंग पर आयु सीमा व KYC जैसे उपाय।

3) KMS 2026-27 के लिए PSS पर ₹5,547.99 करोड़ की MSP खरीद स्वीकृत

क्या हुआ

कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 30 सितंबर 2026 को किमत समर्थन योजना (PSS) के तहत खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में ₹5,547.99 करोड़ की खरीद को मंजूरी दी। यह खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर होगी ताकि किसानों को मूल्य-समर्थन मिल सके। स्रोत: PIB।

पृष्ठभूमि

PSS, NAFED/प्रोक्योरिंग एजेंसियों के माध्यम से दाल–तिलहन आदि फसलों की खरीद कर बाजार में MSP का न्यूनतम स्तर सुनिश्चित करती है। KMS/RMS कैलेंडर के अनुरूप राज्यों में अधिसूचित फसलों की खरीद से distress sale कम होती है और किसानों की आय-सुरक्षा होती है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण

  • योजना: PSS; उद्देश्य: MSP पर सार्वजनिक खरीद द्वारा मूल्य-समर्थन।
  • राशि: ₹5,547.99 करोड़; सत्र: KMS 2026-27; राज्य: UP, तेलंगाना, कर्नाटक।
  • स्थैतिक GK: MSP तय करने वाली संस्था—सीएसीपी (CACP) की सिफारिश पर केंद्र सरकार।
  • अंतर: PSS (दाल/तिलहन आदि) बनाम MSP पर धान/गेहूं की साधारण सरकारी खरीद (FCI/राज्य एजेंसियाँ)।

समग्र संदर्भ और परीक्षा तैयारी टिप्स

ऊर्जा संक्रमण, डिजिटल-नीति और कृषि–बाजार—तीनों मोर्चों पर ये निर्णय/टिप्पणियाँ अगले एक दशक की नीति दिशा दिखाती हैं। GEC-III भारत की RE-इंटीग्रेशन क्षमता बढ़ाएगा; SC की टिप्पणी बाल-सुरक्षा के लिए संभावित नियम-निर्माण को गति दे सकती है; और PSS के जरिए MSP क्रियान्वयन से किसानों को त्वरित राहत मिलेगी।

  • प्रिलिम्स नोट: संक्षेपाक्षर—GEC, InSTS, BESS, PSS, MSP, CACP—की परिभाषाएँ याद रखें।
  • मेन्‍स लिंकिंग: ऊर्जा सुरक्षा–जलवायु प्रतिबद्धताएँ; मौलिक अधिकार–बाल-सुरक्षा; कृषि विपणन सुधार।
  • डाटा प्वाइंट: 135 GW निकासी क्षमता, 50 GWh BESS, ₹1.86 लाख करोड़ व्यय, ₹5,547.99 करोड़ PSS खरीद—अंकों सहित उद्धृत करें।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

कैबिनेट निर्णय की तिथि30 सितंबर 2026
GEC-III निकासी लक्ष्य135 GW (InSTS के माध्यम से)
BESS क्षमता (GEC-III)50 GWh
GEC-III कुल व्यय₹1,86,405 करोड़
SC टिप्पणी की तारीख30 सितंबर 2026
PSS खरीद राशि₹5,547.99 करोड़
PSS लागू राज्यउत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 GEC-III के तहत कितनी RE निकासी क्षमता का लक्ष्य रखा गया है?

Q2 GEC-III में प्रस्तावित BESS क्षमता क्या है?

Q3 PSS का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

Q4 नाबालिगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नियम बनाने का सुझाव किस संस्था ने दिया?

Q5 GEC-III का लक्षित क्रियान्वयन किस वित्त वर्ष तक है?

स्रोत