बिहार विशेष (17 अक्टूबर): PMAY-U 2.0 में 52,866 आवास मंजूर, पीएम गतिशक्ति क्षेत्रीय कार्यशाला व बालू खनन बहाली
PMAY-U 2.0 के तहत बिहार को 52,866 पक्के आवासों की मंजूरी, पटना में पीएम गतिशक्ति की 4th क्षेत्रीय कार्यशाला तथा 16 अक्टूबर से बालू खनन की डिजिटल शुरुआत।
⭐ मुख्य बिंदु
- केंद्रीय मंजूरी और निगरानी समिति (CSMC) ने PMAY-U 2.0 के तहत बिहार को 52,866 नए पक्के आवास आवंटित किए हैं।
- PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों में लगभग 97% महिलाओं के व्यक्तिगत अथवा संयुक्त स्वामित्व में पंजीकृत होंगे।
- उत्तर प्रदेश (73,182 आवास) के बाद बिहार इस आवंटन चक्र में देश का दूसरा सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य बना।
- पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की चौथी क्षेत्रीय कार्यशाला 17 अक्टूबर को पटना में आयोजित की गई।
- पटना कार्यशाला में बिहार सहित 6 राज्यों के 44 जिलों के जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
- कार्यशाला में बुनियादी परियोजनाओं के त्वरित नियोजन हेतु 'एरिया डेवलपमेंट अप्रोच' और जीआईएस मैपिंग पर बल दिया गया।
- एनजीटी के निर्देशों के अनुरूप मानसून प्रतिबंध समाप्त होने के बाद 16 अक्टूबर से बिहार में वैध बालू खनन पुनः आरंभ हुआ।
- खान एवं भूतत्व विभाग ने खनन स्थलों और परिवहन पर ड्रोन, सीसीटीवी और ई-चालान आधारित डिजिटल निगरानी लागू की।
बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास, शहरी आवास विस्तार और पारदर्शी प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन की दिशा में 16-17 अक्टूबर के दौरान कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत बिहार के लिए 52 हजार से अधिक आवासों की मंजूरी दी गई है। वहीं राजधानी पटना में पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की उच्चस्तरीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित हुई और मानसून प्रतिबंध समाप्त होने के बाद राज्य में बालू खनन की प्रक्रिया भी पुनः शुरू हो गई है। यह संपूर्ण घटनाक्रम BPSC एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक है।
1. PMAY-U 2.0: बिहार के शहरी गरीबों के लिए 52,866 पक्के मकान स्वीकृत
क्या हुआ?
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की 'केंद्रीय मंजूरी और निगरानी समिति' (CSMC) की नवीनतम बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत 11 राज्यों के लिए कुल 1.93 लाख से अधिक पक्के मकानों को मंजूरी दी गई। इस चरण में बिहार को 52,866 आवास आवंटित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश (73,182 आवास) के बाद पूरे देश में बिहार दूसरा सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य बना है।
पृष्ठभूमि एवं प्रमुख प्रावधान
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के बेघर या कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है।
- महिला सशक्तिकरण: योजना के स्वीकृत आवासों में लगभग 97% मकान महिलाओं के नाम पर अकेले या उनके पतियों के साथ संयुक्त स्वामित्व में पंजीकृत किए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
- समावेशी दृष्टिकोण: इसमें वरिष्ठ नागरिकों, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के शहरी परिवारों को प्राथमिकता दी गई है।
- आय सीमा: 9 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले पात्र शहरी परिवार विभिन्न श्रेणियों (ब्याज सब्सिडी, लाभार्थी आधारित निर्माण आदि) के तहत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में शहरीकरण की दर मात्र 11.3% थी, जो तीसरे कृषि रोडमैप और नए नगर निकायों के गठन के बाद बढ़कर लगभग 15.3% से अधिक हो चुकी है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच PMAY-U 2.0 जैसी योजनाएं राज्य के शहरी परिदृश्य और जीवन स्तर सुधारने में केंद्रीय भूमिका निभाएंगी।
2. पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान: पटना में 6 राज्यों की 4th क्षेत्रीय कार्यशाला
क्या हुआ?
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) तथा बिहार सरकार के उद्योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 17 अक्टूबर को पटना में पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PMGS-NMP) की चौथी क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन बिहार के उद्योग एवं पर्यटन मंत्री श्री नितीश मिश्रा द्वारा किया गया।
कार्यशाला के मुख्य आयाम
इस क्षेत्रीय बैठक में पूर्वी एवं उत्तरी क्षेत्र के 6 राज्यों—बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 44 चिन्हित जिलों के जिलाधिकारियों, राज्य स्तरीय नोडल पदाधिकारियों तथा केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
- एरिया डेवलपमेंट अप्रोच (Area Development Approach): बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को अलग-थलग योजना के बजाय एकीकृत क्लस्टर मॉडल पर विकसित करने पर सहमति बनी।
- लॉजिस्टिक्स लागत में कमी: बिहार में औद्योगिक पार्कों, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब और रेलवे-सड़क नेटवर्क को एक साथ डिजिटल जीआईएस (GIS) प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करने पर कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।
- जिला स्तर पर क्रियान्वयन: पीएम गतिशक्ति पोर्टल को अब जिला स्तर की बुनियादी विकास परियोजनाओं (स्कूल, अस्पताल, ग्रामीण सड़कें, जल आपूर्ति) से जोड़ने के लिए जिलाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
पीएम गतिशक्ति 13 अक्टूबर 2021 को लॉन्च की गई थी। इसके छह मुख्य स्तंभ हैं—व्यापकता (Comprehensiveness), प्राथमिकता (Prioritization), अनुकूलन (Optimization), समकालन (Synchronization), विश्लेषणात्मक (Analytical) और गतिशील (Dynamic)। BPSC मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (भारतीय अर्थव्यवस्था व भूगोल) में बुनियादी ढांचा विकास से जुड़े प्रश्नों में यह संदर्भ बेहद उपयोगी है।
3. 16 अक्टूबर से बिहार में बालू खनन पुनः शुरू: राजस्व व पर्यावरण निगरानी तंत्र
क्या हुआ?
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के पर्यावरण मानकों के अनुरूप मानसून के तीन महीने (1 जुलाई से 15 अक्टूबर) तक बालू खनन पर लगी रोक समाप्त होने के बाद, 16 अक्टूबर से बिहार के विभिन्न जिलों में चिन्हित बालू घाटों पर खनन का काम पुनः शुरू कर दिया गया है।
नियम एवं डिजिटल निगरानी रूपरेखा
बिहार खान एवं भूतत्व विभाग ने अवैध खनन और पर्यावरणीय क्षति को रोकने के लिए इस बार कड़े सुरक्षा और तकनीकी उपाय लागू किए हैं:
- ड्रोन और CCTV निगरानी: सभी स्वीकृत घाटों पर वास्तविक समय की निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन तैनात किए गए हैं।
- ई-चालान व जीपीएस ट्रैकिंग: बालू ढुलाई करने वाले सभी ट्रकों और ट्रैक्टरों के लिए डिजिटल ई-चालान और जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य की गई है, ताकि अवैध भंडारण और ओवरलोडिंग रोकी जा सके।
- राजस्व संवर्धन: चालू वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने बालू और लघु खनिज खनन से लगभग 3,800 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- निर्माण क्षेत्र को गति: खनन शुरू होने से राज्य में चल रही सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं (पुल, फोर-लेन, मेडिकल कॉलेज) तथा निजी मकान निर्माण हेतु बालू की उपलब्धता सामान्य होगी।
| परियोजना/पहल | संबंधित विभाग/मंत्रालय | मुख्य लाभ/प्रभाव |
|---|---|---|
| PMAY-U 2.0 आवंटन | केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय | बिहार के शहरी क्षेत्रों में 52,866 पक्के आवासों का निर्माण; 97% महिला स्वामित्व लक्ष्य |
| पीएम गतिशक्ति 4th कार्यशाला | DPIIT एवं उद्योग विभाग, बिहार | 6 राज्यों के 44 जिलों में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और क्लस्टर आधारित विकास का समन्वय |
| बालू खनन पुनः संचालन | खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार | निर्माण क्षेत्र को सुलभ सामग्री, अवैध खनन पर रोक व गैर-कर राजस्व में वृद्धि |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| PMAY-U 2.0 बिहार आवंटन | 52,866 आवास |
|---|---|
| PMAY-U 2.0 राष्ट्रीय आवंटन (बैठक) | 1.93 लाख से अधिक आवास |
| पीएम गतिशक्ति कार्यशाला स्थल | पटना, बिहार (17 अक्टूबर 2024) |
| कार्यशाला में शामिल राज्य व जिले | 6 राज्य एवं 44 जिले |
| बिहार बालू खनन मानसून प्रतिबंध अवधि | 1 जुलाई से 15 अक्टूबर (प्रतिवर्ष) |
| पीएम गतिशक्ति का शुभारंभ | 13 अक्टूबर 2021 |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 हाल ही में केंद्रीय मंजूरी और निगरानी समिति (CSMC) द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत बिहार के लिए कितने पक्के आवासों को स्वीकृति दी गई है?
Q2 अक्टूबर 2024 में पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PMGS-NMP) पर आधारित 6 राज्यों के 44 जिलों की चौथी क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन कहाँ किया गया?
Q3 राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों के अनुसार बिहार में नदियों से बालू खनन पर प्रतिवर्ष मानसून के दौरान किस अवधि में प्रतिबंध रहता है?
Q4 PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों की प्रमुख विशेषता के संदर्भ में कौन-सा तथ्य सही है?
Q5 पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PMGS-NMP) के बुनियादी ढांचे के समेकित नियोजन में निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है?







