भारत के रामसर स्थल: आर्द्रभूमियों की संपूर्ण सूची, परीक्षा ट्रिक और नवीनतम आँकड़े
भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या 103 हो चुकी है। जानिए रामसर सम्मेलन, मॉन्ट्रो रिकॉर्ड, राज्यवार सूची, परीक्षा के महत्वपूर्ण बिंदु और याद रखने के आसान ट्रिक्स।
⭐ मुख्य बिंदु
- भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या 103 हो गई है, जो दक्षिण एशिया में सर्वाधिक है।
- रामसर सम्मेलन 2 फ़रवरी 1971 को ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षरित हुआ था, इसलिए प्रतिवर्ष 2 फ़रवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है।
- भारत 1 फ़रवरी 1982 को रामसर सम्मेलन का आधिकारिक पक्षकार बना।
- भारत के पहले दो रामसर स्थल चिल्का झील (ओडिशा) और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) थे, जिन्हें 1981 में घोषित किया गया था।
- सुंदरवन आर्द्रभूमि (पश्चिम बंगाल) भारत का सबसे बड़ा और रेणुका (हिमाचल प्रदेश) सबसे छोटा रामसर स्थल है।
- भारत में सबसे अधिक 20 रामसर स्थल तमिलनाडु राज्य में स्थित हैं।
- भारत के वर्तमान में केवल दो स्थल मॉन्ट्रो रिकॉर्ड में शामिल हैं: केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान और लोकटक झील।
- नवीनतम शामिल स्थलों में सुखना आर्द्रभूमि (चंडीगढ़) और सौज झील (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।
परिचय: आर्द्रभूमियाँ और रामसर अभिसमय
आर्द्रभूमियों (Wetlands) को अक्सर ‘प्रकृति के गुर्दे’ (Kidneys of the Earth) कहा जाता है, क्योंकि ये जल को शुद्ध करने, भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण और जैव विविधता के संरक्षण में अपरिहार्य भूमिका निभाती हैं। वैश्विक स्तर पर इन पारिस्थितिक तंत्रों के ह्रास को रोकने के लिए 2 फ़रवरी 1971 को ईरान के कैस्पियन सागर तट पर स्थित शहर ‘रामसर’ में एक अंतरराष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए गए, जिसे रामसर अभिसमय (Ramsar Convention on Wetlands) कहा जाता है। यह अभिसमय 1975 में प्रभावी हुआ।
भारत आधिकारिक रूप से 1 फ़रवरी 1982 को इस समझौते का भागीदार बना। भारत में स्थित अंतरराष्ट्रीय महत्व की इन आर्द्रभूमियों को ‘रामसर स्थल’ का दर्जा दिया जाता है। अक्टूबर 2026 तक भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या 103 हो गई है, जो दक्षिण एशिया में सर्वाधिक और वैश्विक स्तर पर प्रमुख देशों में शुमार है।
रामसर स्थल का चयन कैसे होता है?
किसी भी आर्द्रभूमि को रामसर सूची में शामिल करने के लिए रामसर अभिसमय के तहत 9 वैज्ञानिक मापदंड तय किए गए हैं। यदि कोई आर्द्रभूमि इनमें से किसी एक भी मापदंड को पूरा करती है, तो उसे नामांकित किया जा सकता है:
- मापदंड 1: उपयुक्त जैव-भूगोलीय क्षेत्र में प्राकृतिक या अर्ध-प्राकृतिक आर्द्रभूमि का एक दुर्लभ या अनूठा उदाहरण हो।
- मापदंड 2 व 3: सुभेद्य, संकटापन्न या गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजातियों को आश्रय देती हो अथवा जैविक विविधता बनाए रखने में मदद करती हो।
- मापदंड 4: पादप या पशु प्रजातियों के जीवन चक्र के किसी नाजुक चरण में शरण देती हो।
- मापदंड 5 व 6: नियमित रूप से 20,000 या अधिक जल-पक्षियों को शरण देती हो या किसी एक प्रजाति/उप-प्रजाति की आबादी के 1% का नियमित आधार हो।
- मापदंड 7 व 8: स्वदेशी मछली उप-प्रजातियों, उनके भोजन और प्रजनन के लिए आवश्यक हो।
- मापदंड 9: आर्द्रभूमि पर निर्भर गैर-पक्षी वन्यजीव प्रजातियों की आबादी का 1% हिस्सा यहाँ रहता हो।
मॉन्ट्रो रिकॉर्ड (Montreux Record) क्या है?
प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से यह सबसे पसंदीदा विषयों में से एक है। मॉन्ट्रो रिकॉर्ड रामसर सूची के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महत्व के उन स्थलों का एक रजिस्टर है, जहाँ तकनीकी विकास, प्रदूषण या अन्य मानवीय हस्तक्षेप के कारण पारिस्थितिक स्वरूप में नकारात्मक परिवर्तन हुए हैं, हो रहे हैं या होने की प्रबल संभावना है।
भारत और मॉन्ट्रो रिकॉर्ड: वर्तमान में भारत के केवल दो स्थल मॉन्ट्रो रिकॉर्ड में सूचीबद्ध हैं:
1. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) - 1990 में शामिल
2. लोकटक झील (मणिपुर) - 1993 में शामिल
विशेष तथ्य: ओडिशा की चिल्का झील को 1993 में मॉन्ट्रो रिकॉर्ड में डाला गया था, लेकिन सफल पुनर्बहाली और संरक्षण प्रयासों के चलते 2002 में इसे इस रजिस्टर से बाहर निकाल दिया गया। चिल्का झील ऐसा सम्मान पाने वाला एशिया का पहला स्थल था।
भारत के रामसर स्थल: परीक्षा-उपयोगी प्रमुख आँकड़े
विभिन्न आयोगों (UPSC, State PSC, SSC) द्वारा पूछे जाने वाले प्रमुख तुलनात्मक तथ्य निम्नलिखित हैं:
- भारत के पहले रामसर स्थल (1981): चिल्का झील (ओडिशा) और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान)।
- सबसे बड़ा रामसर स्थल: सुंदरवन आर्द्रभूमि (पश्चिम बंगाल) - लगभग 4,230 वर्ग किलोमीटर।
- सबसे छोटा रामसर स्थल: रेणुका आर्द्रभूमि (हिमाचल प्रदेश) और वेम्बन्नूर आर्द्रभूमि परिसर (तमिलनाडु) - दोनों लगभग 20 हेक्टेयर (0.2 वर्ग किमी)।
- सर्वाधिक रामसर स्थलों वाला राज्य: तमिलनाडु (कुल 20 स्थल), इसके बाद उत्तर प्रदेश का स्थान है।
- सर्वाधिक क्षेत्रफल वाला राज्य: पश्चिम बंगाल (सुंदरवन और पूर्व कोलकाता आर्द्रभूमि के कारण)।
- विश्व का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान: केइबुल लामजाओ, जो मणिपुर की लोकटक झील में स्थित है (यहाँ फुमडी पाई जाती है और यह संगाई हिरण का प्राकृतिक आवास है)।
- उल्कापिंड निर्मित स्थल: लोनार झील (महाराष्ट्र), जो एक प्रसिद्ध क्रेटर झील है।
महत्वपूर्ण रामसर स्थलों की राज्यवार तालिका
नीचे दी गई तालिका में भारत के प्रमुख व अक्सर पूछे जाने वाले रामसर स्थलों का राज्यवार विवरण दिया गया है:
| राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | प्रमुख रामसर स्थल | विशेषता / परीक्षा संदर्भ |
|---|---|---|
| ओडिशा | चिल्का झील, भीतरकनिका मैंग्रोव, तंपारा, अनसुपा, हीराकुड | चिल्का भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून है; भीतरकनिका खारे पानी के मगरमच्छों के लिए विख्यात। |
| राजस्थान | केवलादेव घाना, सांभर झील, सिलीसेढ़, खींचन, मेनार | सांभर भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय नमक झील है; खींचन कुरजां (Demoiselle Crane) के लिए प्रसिद्ध। |
| केरल | वेम्बनाड-कोल, अष्टमुडी, सस्थमकोट्टा झील | वेम्बनाड भारत की सबसे लंबी झील है; सस्थमकोट्टा मीठे पानी की ‘क्वीन ऑफ लेक्स’ कहलाती है। |
| तमिलनाडु | पॉइंट कैलिमीरे, मन्नार की खाड़ी, पल्लिकरणई, पिचवरम, वेम्बन्नूर | भारत में सबसे ज्यादा (20) रामसर स्थल; पिचवरम में अद्वितीय मैंग्रोव वनस्पति। |
| उत्तर प्रदेश | ऊपरी गंगा, नवाबगंज, सांडी, समसपुर, पार्वती अरगा, सूर सरोवर, सौज झील | सौज झील (मैनपुरी) नवीनतम जुड़ाव है; ऊपरी गंगा प्रथम घोषित नदी खंड था। |
| मणिपुर | लोकटक झील | तैरती हुई वनस्पतियों (फुमडी) और संगाई हिरण (ब्राउ-एंटीलर्ड डियर) के लिए प्रसिद्ध। |
| लद्दाख | त्सो मोरीरी, त्सो कर आर्द्रभूमि परिसर | अत्यधिक ऊँचाई वाली खारे पानी की झीलें; काली गर्दन वाले सारस (Black-necked Crane) का प्रजनन स्थल। |
| जम्मू और कश्मीर | वुलर झील, होकेरा, सुरिंसर-मानसर, हाइगाम, शालबुग | वुलर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की प्राकृतिक झीलों में से एक है (झेलम नदी पर निर्मित)। |
| गुजरात | नल सरोवर, थोल झील, वाधवाना, खिजाड़िया, छारी-ढंड | छारी-ढंड कच्छ के रण में मौसमी आर्द्रभूमि है। |
| बिहार | काबरताल (कंवर झील), नागी, नकटी, गोगाबिल, गोकुल जलाशय, उदयपुर झील | काबरताल एशिया की सबसे बड़ी गोखुर झील (Oxbow Lake) में से एक है। |
| मध्य प्रदेश | भोज आर्द्रभूमि, सांख्य सागर, सिरपुर, यशवंत सागर | इंदौर और उदयपुर को रामसर आर्द्रभूमि शहर (Wetland City) के रूप में भी नामांकित किया गया। |
| पंजाब | हरिके, कंजली, रोपड़, केशोपुर-मियानी, ब्यास संरक्षण रिजर्व, नांगल | हरिके ब्यास और सतलुज के संगम पर स्थित मानव निर्मित आर्द्रभूमि है (सिंधु डॉल्फ़िन का आवास)। |
| चंडीगढ़ | सुखना आर्द्रभूमि | शिवालिक की तलहटी में स्थित मानव निर्मित झील; केंद्र शासित प्रदेश का पहला स्थल। |
हालिया बदलाव और नवीनतम स्थल
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा आर्द्रभूमि संरक्षण की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों से भारत के रामसर स्थलों का आँकड़ा 103 तक पहुँच चुका है। हाल ही में जोड़े गए प्रमुख स्थलों में शामिल हैं:
- सुखना आर्द्रभूमि (चंडीगढ़): यह 103वाँ रामसर स्थल बना, जो चंडीगढ़ का पहला रामसर स्थल है।
- सौज झील (मैनपुरी, उत्तर प्रदेश): इसे 102वें स्थल के रूप में मान्यता मिली, जिससे उत्तर प्रदेश की टैली और समृद्ध हुई।
- ग्लो लेक (Glaw Lake, अरुणाचल प्रदेश): यह लोहित जिले में स्थित अरुणाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल बना।
- जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य / सुरहा ताल (उत्तर प्रदेश): गंगा के कछार में बनी प्रसिद्ध गोखुर झील, जिसे 100वें स्थल के रूप में पहचान मिली।
- अमृत धरोहर पहल: केंद्रीय बजट में घोषित यह योजना देश के सभी रामसर स्थलों के पारिस्थितिक मूल्य, स्थानीय आजीविका और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
याद रखने की स्मार्ट ट्रिक (Memory Hacks)
परीक्षा में अक्सर राज्य और आर्द्रभूमि के मिलान वाले प्रश्न पूछे जाते हैं। इन्हें याद रखने के कुछ आसान सूत्र:
- ‘केरल के तीन कसम’: वेम्बनाड, अष्टमुडी, सस्थमकोट्टा — तीनों में दक्षिण भारतीय जल संरचना (कयाल/Backwaters) का प्रभाव है। याद रखें: ‘सस्थम’ (शांत पानी) + ‘अष्ट’ (आठ शाखाएँ) + ‘वेम्बनाड’ (लंबी नौका दौड़)।
- ‘मणिपुर का लटकता हिरण’: मणिपुर = लोकटक (LOKTAK) = तैरता हुआ (फुमडी) = संगाई हिरण (डांसिंग डियर)।
- ‘पंजाब की नदियाँ और बैराज’: हरिके (हरि के चरण में सतलुज-ब्यास मिले), रोपड़, ब्यास, नांगल — सब नदी जल परियोजनाओं से जुड़े हैं।
- ‘बिहार के पक्षी और ताल’: काबरताल (बेगूसराय), नागी-नकटी (जमुई), गोगाबिल (कटिहार) — ‘ताल’ और ‘बिल’ शब्द पूर्वी भारत की गोखुर झीलों को दर्शाते हैं।
- मॉन्ट्रो रिकॉर्ड के दो पहरुए: ‘के-लो’ (K-Lo) = केवलादेव और लोकटक।
परीक्षा में कैसे पूछा जाता है? (Previous Year Question Pattern)
विगत वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण से पता चलता है कि प्रश्न चार मुख्य प्रारूपों में आते हैं:
- प्रारूप 1 (स्थान मिलान): यूपीएससी और राज्य सेवा में 4 स्थलों और उनके राज्यों की सूची देकर सही मिलान पूछा जाता है (उदा. रुद्रसागर - त्रिपुरा, दीपोर बील - असम)।
- प्रारूप 2 (नदी / स्रोत आधारित): आर्द्रभूमि किस नदी के जल से पोषित होती है? जैसे: ‘हरिके आर्द्रभूमि ब्यास और सतलुज के संगम पर है’ (UPSC CSE 2014)।
- प्रारूप 3 (पारिस्थितिक व प्राणी संपदा): केइबुल लामजाओ में संगाई हिरण, नल सरोवर में जंगली गधा, या भीतरकनिका में ऑलिव रिडले कछुए और मैंग्रोव।
- प्रारूप 4 (मॉन्ट्रो रिकॉर्ड की स्थिति): यह समझना आवश्यक है कि मॉन्ट्रो रिकॉर्ड केवल संकटग्रस्त स्थलों की सूची है, न कि किसी स्थल को हटाने की प्रक्रिया।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| रामसर सम्मेलन हस्ताक्षर | 2 फ़रवरी 1971 (ईरान) |
|---|---|
| भारत में लागू होने की तिथि | 1 फ़रवरी 1982 |
| भारत में कुल रामसर स्थल | 103 स्थल |
| सर्वाधिक स्थलों वाला राज्य | तमिलनाडु (20 स्थल) |
| क्षेत्रफल में सबसे बड़ा स्थल | सुंदरवन आर्द्रभूमि (~4,230 वर्ग किमी) |
| क्षेत्रफल में सबसे छोटा स्थल | रेणुका आर्द्रभूमि (~0.2 वर्ग किमी / 20 हेक्टेयर) |
| मॉन्ट्रो रिकॉर्ड में भारतीय स्थल | 2 (केवलादेव और लोकटक झील) |
| विश्व आर्द्रभूमि दिवस | 2 फ़रवरी |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।
Q1 भारत का कौन सा रामसर स्थल विश्व के एकमात्र तैरते हुए राष्ट्रीय उद्यान ‘केइबुल लामजाओ’ का घर है?
Q2 निम्नलिखित में से कौन सा स्थल वर्तमान में मॉन्ट्रो रिकॉर्ड (Montreux Record) के अंतर्गत सूचीबद्ध है?
Q3 भारत में अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों (रामसर स्थलों) की सर्वाधिक संख्या किस राज्य में है?
Q4 हरिके आर्द्रभूमि (Harike Wetland) किन दो नदियों के संगम पर स्थित है?
Q5 भारत में 1981 में सबसे पहले किन दो स्थलों को रामसर स्थल के रूप में नामित किया गया था?








