अंतरराष्ट्रीय

कॉप-16 जैव विविधता सम्मेलन, आईएसए असेंबली और पश्चिम एशिया पर कूटनीतिक रुख

कैली में यूएन जैव विविधता कॉप-16 सम्मेलन, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की असेंबली और पश्चिम एशिया तनाव पर भारत की संतुलित कूटनीति के प्रमुख परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

⭐ मुख्य बिंदु

  • कोलंबिया के कैली में यूएन जैव विविधता सम्मेलन (COP16) का आयोजन ‘प्रकृति के साथ शांति’ थीम पर हुआ।
  • COP16 में 2022 के कुनमिंग-मॉन्ट्रियल फ्रेमवर्क और उसके 30x30 संरक्षण लक्ष्य की पहली आधिकारिक समीक्षा की गई।
  • भारत ने सम्मेलन में अपनी अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना (NBSAP) प्रस्तुत की।
  • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की वार्षिक असेंबली में 120 से अधिक सदस्य एवं हस्ताक्षरकर्ता देश शामिल हुए।
  • आईएसए का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2030 तक सौर ऊर्जा में 1 ट्रिलियन डॉलर का वैश्विक निवेश आकर्षित करना है।
  • पश्चिम एशिया संकट पर भारत ने कड़ा रुख रखते हुए सैन्य हमलों के स्थान पर कूटनीति और संवाद का समर्थन किया।
  • खाड़ी क्षेत्र में 90 लाख से अधिक भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य की नौवहन स्वतंत्रता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में वैश्विक पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग और भू-राजनीतिक सुरक्षा के मोर्चे पर कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। लैटिन अमेरिकी देश कोलंबिया के कैली में संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन (COP16) के अंतर्गत कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक रूपरेखा के क्रियान्वयन की समीक्षा हो रही है, वहीं भारत में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की वार्षिक असेंबली के जरिए ग्लोबल साउथ के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को गति दी जा रही है। दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक संयम और संवाद का स्पष्ट संदेश दिया है। ये सभी घटनाक्रम प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

1. यूएन जैव विविधता सम्मेलन (COP16): ‘प्रकृति के साथ शांति’ का वैश्विक आह्वान

क्या हुआ?

कोलंबिया के कैली (Cali) शहर में जैव विविधता पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCBD) के पक्षकारों का 16वां सम्मेलन (COP16) आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक सम्मेलन का मुख्य विषय (Theme) ‘प्रकृति के साथ शांति’ (Peace with Nature) रखा गया है। यह 2022 में अपनाए गए ऐतिहासिक कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (KMGBF) के बाद आयोजित होने वाला पहला जैव विविधता कॉप है। भारत ने इस मंच पर अपनी अद्यतन ‘राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना’ (NBSAP) को प्रस्तुत किया और मिशन LiFE (Lifestyle for Environment) तथा इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) के माध्यम से संरक्षण प्रयासों को रेखांकित किया।

पृष्ठभूमि और प्रमुख लक्ष्य

दिसंबर 2022 में कनाडा के मॉन्ट्रियल में आयोजित COP15 के दौरान कुनमिंग-मॉन्ट्रियल फ्रेमवर्क को स्वीकार किया गया था। इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य वर्ष 2030 तक दुनिया के 30 प्रतिशत नष्ट हो चुके पारिस्थितिक तंत्रों को पुनर्स्थापित करना और 30 प्रतिशत भूमि तथा समुद्री क्षेत्रों का संरक्षण सुनिश्चित करना है, जिसे ‘30x30 लक्ष्य’ के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा हानिकारक पर्यावरणीय सब्सिडी में वार्षिक 500 अरब डॉलर की कटौती और विकासशील देशों के लिए 200 अरब डॉलर का वार्षिक जैव विविधता वित्त जुटाना प्रमुख प्रतिबद्धताओं में शामिल है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • सीबीडी (CBD) की स्थापना: 1992 के रियो पृथ्वी सम्मेलन (Rio Earth Summit) के दौरान यह अभिसमय हस्ताक्षरित हुआ और 1993 में प्रभावी हुआ।
  • तीन मुख्य स्तंभ: जैव विविधता का संरक्षण, इसके घटकों का सतत उपयोग, और आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से प्राप्त लाभों का निष्पक्ष एवं न्यायसंगत बंटवारा (ABS)।
  • पूरक प्रोटोकॉल: सीबीडी के अंतर्गत 2000 का कार्टाजेना प्रोटोकॉल (बायोसेफ्टी) और 2010 का नागोया प्रोटोकॉल (लाभों का बंटवारा) संचालित होते हैं।
  • भारत की स्थिति: भारत विश्व के 17 मेगा-डायवर्स देशों में शामिल है और वैश्विक स्तर पर चिह्नित 36 बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट्स में से 4 (हिमालय, इंडो-बर्मा, पश्चिमी घाट एवं श्रीलंका, और सुंडालैंड) भारत में स्थित हैं।

2. अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) असेंबली: ऊर्जा परिवर्तन और दक्षिण-दक्षिण सहयोग

क्या हुआ?

भारत की अध्यक्षता और फ्रांस की सह-अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance - ISA) की वार्षिक असेंबली बैठक आयोजित की जा रही है। इस असेंबली में 120 से अधिक सदस्य एवं हस्ताक्षरकर्ता देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। बैठक का मुख्य फोकस लघु द्वीपीय विकासशील देशों (SIDS) और कम विकसित देशों (LDCs) में सौर ऊर्जा अवसंरचना का विस्तार, सौर विनिर्माण में चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने हेतु ‘सनराइज’ (SUNRISE) नेटवर्क और ग्रिड एकीकरण को तेज करना है।

रणनीतिक महत्व एवं प्रमुख पहलें

आईएसए ने वर्ष 2030 तक सौर ऊर्जा क्षेत्र में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश जुटाने का लक्ष्य रखा है। असेंबली के दौरान ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ (OSOWOG) विजन के तहत क्षेत्रीय ग्रिड इंटरकनेक्शन के व्यावहारिक अध्ययनों और स्टार-सी (STAR-C) क्षमता निर्माण केंद्रों के विस्तार की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, विकासशील देशों में छोटे सौर उद्यमों को वित्तीय जोखिम से बचाने के लिए ग्लोबल सोलर फैसिलिटी (GSF) का दायरा बढ़ाने पर सहमति बनी है।

परीक्षा उपयोगी तुलनात्मक तालिका

पहल / मंचप्रमुख उद्देश्यसंबद्ध भागीदार / दायरा
OSOWOGपार-महाद्वीपीय सौर ग्रिड कनेक्टिविटी स्थापित करनाभारत, यूके एवं अंतरराष्ट्रीय ग्रिड ऑपरेटर
STAR-Cसदस्य देशों में सौर प्रशिक्षण व मानक प्रमाणन केंद्र स्थापित करनाISA और UNIDO
ग्लोबल सोलर फैसिलिटीअफ्रीका व एशिया में सौर निवेश के लिए ऋण गारंटी प्रदान करनाISA और बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान

3. पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और भारत का कूटनीतिक रुख

क्या हुआ?

ईरान और इस्राइल के बीच प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष और हालिया हवाई हमलों के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सभी संबंधित पक्षों से तत्काल संयम बरतने की अपील की है। भारत ने स्पष्ट किया कि हिंसा और शत्रुता किसी के हित में नहीं है तथा सभी पक्षों को तुरंत संवाद और कूटनीति (Dialogue and Diplomacy) की राह पर लौटना चाहिए। भारतीय दूतावासों ने क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए विस्तृत परामर्श जारी किए हैं।

भारत के रणनीतिक एवं आर्थिक हित

पश्चिम एशिया (खाड़ी क्षेत्र) भारत की ऊर्जा सुरक्षा, भू-राजनीति और प्रवासी कल्याण की रीढ़ है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 60% से अधिक हिस्सा और एलएनजी (LNG) आयात इसी क्षेत्र से प्राप्त करता है। इसके अलावा:

  • भारतीय प्रवासी (Diaspora): खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों में 90 लाख से अधिक भारतीय नागरिक कार्यरत हैं, जो देश को अरबों डॉलर का वार्षिक प्रेषण (Remittance) भेजते हैं।
  • व्यापार मार्ग और संपर्क: फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब-अल-मंदेब वैश्विक व्यापार के रणनीतिक संकरे समुद्री गलियारे (Choke points) हैं। इनमें किसी भी प्रकार का व्यवधान वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और माल ढुलाई लागत को बुरी तरह प्रभावित करता है।
  • संतुलित कूटनीति: भारत इस्राइल के साथ रणनीतिक व रक्षा साझेदारी बनाए रखते हुए ईरान के चाबहार बंदरगाह और अरब देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों में संप्रभु संतुलन की नीति अपनाता है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

सीबीडी (CBD) का मुख्यालयमॉन्ट्रियल, कनाडा
कॉप-16 (जैव विविधता) का मेजबान शहरकैली, कोलंबिया
आईएसए (ISA) की स्थापना30 नवंबर 2015 (पेरिस, कॉप-21)
आईएसए का मुख्यालयगुरुग्राम (हरियाणा), भारत
भारत में वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट4 (कुल 36 में से)
आईएसए का सौर निवेश लक्ष्य1 ट्रिलियन डॉलर (वर्ष 2030 तक)

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता अभिसमय के पक्षकारों का 16वां सम्मेलन (UNCBD COP16) किस शहर में आयोजित किया गया?

Q2 कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (KMGBF) के तहत चर्चित ‘30x30’ लक्ष्य का क्या आशय है?

Q3 अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मुख्यालय निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थित है?

Q4 ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ (OSOWOG) पहल का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

Q5 विश्व के कुल 36 मान्यता प्राप्त जैव विविधता हॉटस्पॉट्स (Biodiversity Hotspots) में से कितने भारत के भू-भाग में आते हैं?

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