विज्ञान एवं तकनीक

इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026 का शुभारंभ: भारत का डीप-टेक रोडमैप

नई दिल्ली के भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) शुरू हुआ, जो देश के डीप-टेक और वैज्ञानिक नवाचार को नई दिशा देगा।

⭐ मुख्य बिंदु

  • नई दिल्ली के भारत मंडपम में 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक ESTIC 2026 का आयोजन किया जा रहा है।
  • कॉन्क्लेव में एआई, उन्नत सामग्री, बायोटेक और ऊर्जा सहित 12 विषयगत क्षेत्रों पर विचार-विमर्श हो रहा है।
  • सम्मेलन में लगभग 150 डीप-टेक स्टार्टअप्स ने अपनी स्वदेशी तकनीकों का प्रदर्शन किया है।
  • अंतरराष्ट्रीय शोध साझेदारी हेतु ‘ग्लोबल कनेक्ट नेटवर्किंग इवेंट’ में 300 से अधिक विशेषज्ञ शामिल हुए हैं।
  • बायो-ई3 नीति के तहत सिंथेटिक बायोलॉजी और बायो-एआई हब की स्थापना पर विशेष बल दिया गया है।
  • इसरो और वैज्ञानिक संस्थानों ने स्पेस बायोटेक्नोलॉजी और उन्नत सामग्रियों के व्यावहारिक उपयोग की रूपरेखा पेश की।
  • यह आयोजन ‘विकसित भारत @2047’ के तहत भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) का शुभारंभ

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) कार्यालय, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के समन्वय से नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026 (ESTIC 2026) का भव्य शुभारंभ किया गया। 27 से 29 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत के वैज्ञानिक अनुसंधान, उभरती प्रौद्योगिकियों (Emerging Technologies) और डीप-टेक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को ‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण से जोड़ना है।

कॉन्क्लेव के 12 विषयगत क्षेत्र एवं मुख्य आकर्षण

ESTIC 2026 में देश-विदेश के प्रख्यात वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लाया गया है। इस सम्मेलन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के 12 प्रमुख विषयगत (Thematic) क्षेत्रों पर गहन विचार-विमर्श निर्धारित है:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फिजिकल एआई: स्वायत्त प्रणालियों, रोबोटिक्स और एजेंटिक एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोग।
  • बायोटेक्नोलॉजी एवं सिंथेटिक बायोलॉजी: बायो-मैन्युफैक्चरिंग, बायोफाउंड्रीज और स्वास्थ्य अनुसंधान का एकीकरण।
  • उन्नत सामग्री और विनिर्माण (Advanced Materials & Manufacturing): भविष्य के इंजीनियरिंग समाधान और सेमीकंडक्टर नवाचार।
  • ऊर्जा, जलवायु और महासागर विज्ञान: डीप-ओशन मिशन, हरित हाइड्रोजन और कार्बन कैप्चर तकनीक।
  • अंतरिक्ष विज्ञान और उभरती तकनीकें: इसरो और निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के बीच अनुसंधान सहयोग।

सम्मेलन में एक विशाल प्रौद्योगिकी एवं नवाचार प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जिसमें 150 से अधिक स्वदेशी डीप-टेक स्टार्टअप्स अपने उत्पादों और अनुसंधान का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान साझेदारियों और उद्योग-शिक्षा सहयोग (Industry-Academia Collaboration) को बढ़ावा देने के लिए ‘ग्लोबल कनेक्ट नेटवर्किंग इवेंट’ शुरू किया गया है, जिसमें 300 से अधिक वैश्विक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

सिंथेटिक बायोलॉजी और BioE3 नीति का विस्तार

ESTIC 2026 के अंतर्गत जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) और इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी (ICGEB) द्वारा सिंथेटिक एवं सिस्टम्स बायोलॉजी पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। भारत सरकार द्वारा स्वीकृत BioE3 (Biotechnology for Economy, Environment, and Employment) नीति के तहत देश भर में उच्च-प्रदर्शन बायो-मैन्युफैक्चरिंग हब, बायो-एआई हब और बायोफाउंड्रीज की स्थापना की जा रही है।

बायो-ई3 नीति का लक्ष्य छह प्रमुख कार्यक्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना है:

  1. जैव-आधारित रसायन, एंजाइम और बायोप्लास्टिक्स
  2. स्मार्ट प्रोटीन और कार्यात्मक खाद्य पदार्थ (Functional Foods)
  3. सटीक बायोथेरेप्यूटिक्स (सेल और जीन थेरेपी)
  4. जलवायु-सहिष्णु कृषि (Climate-resilient agriculture)
  5. कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS)
  6. समुद्री और अंतरिक्ष जैव प्रौद्योगिकी

अंतरिक्ष और रक्षा प्रौद्योगिकियों का अभिसरण

सम्मेलन में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के वाणिज्यिक और सामाजिक अनुप्रयोगों पर एक विशेष सत्र संचालित किया जा रहा है। इसरो और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा उन्नत सेंसर, क्वांटम संचार और क्रायोजेनिक प्रणालियों के विकास पर निजी क्षेत्र और शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी पर बल दिया गया है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • आयोजन: इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026), भारत मंडपम, नई दिल्ली (27-29 अक्टूबर)।
  • थीमैटिक क्षेत्र: कुल 12 प्रमुख क्षेत्र, जिनमें एआई, क्वांटम, बायोटेक, उन्नत सामग्री और स्वच्छ ऊर्जा शामिल हैं।
  • ग्लोबल कनेक्ट: 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के साथ वैश्विक अनुसंधान नेटवर्क की स्थापना।
  • BioE3 फ्रेमवर्क: उच्च-प्रदर्शन बायो-मैन्युफैक्चरिंग द्वारा पर्यावरण संधारणीयता और चक्रीय जैव-अर्थव्यवस्था (Circular Bioeconomy) को प्रोत्साहन।
  • डीप-टेक स्टार्टअप्स: 150 स्टार्टअप्स द्वारा स्वदेशी तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन।

स्टैटिक GK: भारत का प्रमुख वैज्ञानिक अनुसंधान ढांचा

संस्थान / नीतिस्थापना / नोडल निकायप्रमुख उद्देश्य
प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) कार्यालय1999 (कैबिनेट सचिवालय)वैज्ञानिक नीतियों पर सरकार को रणनीतिक सलाह देना
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR)1942 (मुख्यालय: नई दिल्ली)औद्योगिक और अनुप्रयुक्त विज्ञान अनुसंधान
जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT)1986 (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय)जैव प्रौद्योगिकी का विकास और विनियमन
BioE3 नीति2024 (DBT द्वारा संचालित)अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार हेतु उच्च बायोमैन्युफैक्चरिंग

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

सम्मेलन का नामEmerging Science, Technology and Innovation Conclave (ESTIC 2026)
आयोजन स्थलभारत मंडपम, नई दिल्ली
आयोजन अवधि27 से 29 अक्टूबर 2026
विषयगत क्षेत्रों की संख्या12 थीम्स
डीप-टेक स्टार्टअप स्टॉललगभग 150
BioE3 नीति का पूरा नामBiotechnology for Economy, Environment, and Employment

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 अक्टूबर 2026 में इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) का आयोजन कहाँ किया गया?

Q2 ESTIC 2026 कॉन्क्लेव के अंतर्गत कितने विषयगत (Thematic) क्षेत्रों पर चर्चा निर्धारित की गई है?

Q3 हाल ही में चर्चित ‘BioE3’ नीति में ‘E3’ का सही विस्तार क्या है?

Q4 वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के पदेन अध्यक्ष (Ex-officio President) कौन होते हैं?

Q5 ESTIC 2026 के दौरान अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग और उद्योग-अकादमिक साझेदारी को बढ़ावा देने हेतु कौन-सा विशेष आयोजन शुरू किया गया?

स्रोत