चांदीपुर में नई अंतरिक्ष अनुसंधान सुविधा और इसरो-डीबीटी का स्पेस-बायोटेक समझौता
ओडिशा के चांदीपुर में नई वायुमंडलीय व अंतरिक्ष विज्ञान सुविधा स्थापित होगी, वहीं भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन 2035 के लक्ष्य के तहत इसरो और डीबीटी ने ऐतिहासिक समझौता किया।
⭐ मुख्य बिंदु
- ओडिशा के चांदीपुर (बालासोर) में नई वायुमंडलीय और अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान सुविधा (ASRF) स्थापित की जा रही है।
- ASRF परियोजना अंतरिक्ष विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और DRDO का एक संयुक्त अनुसंधान उपक्रम है।
- यह सुविधा वर्ष 1979 से कार्यरत ऐतिहासिक बालासोर रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन के आधार पर बनाई जा रही है।
- इसरो (ISRO) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने स्पेस बायोटेक्नोलॉजी के लिए ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
- भारत ने वर्ष 2035 तक ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ (BAS) के परिचालन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- यह साझेदारी भारत सरकार की ‘BioE3 नीति’ (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) को गति प्रदान करेगी।
- सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान, बायोएस्ट्रोनॉटिक्स, अंतरिक्ष चिकित्सा और बायोमैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं।
भारत के अंतरिक्ष और वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र में दो अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठाए गए हैं। ओडिशा के चांदीपुर में एक अत्याधुनिक ‘वायुमंडलीय और अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान सुविधा’ (Atmospheric and Space Science Research Facility - ASRF) स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके साथ ही, अंतरिक्ष विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो वर्ष 2035 तक ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ (Bharatiya Antriksh Station - BAS) के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
1. ओडिशा के चांदीपुर में स्थापित होगी वायुमंडलीय और अंतरिक्ष अनुसंधान सुविधा (ASRF)
क्या हुआ: प्रमुख घटनाक्रम
अंतरिक्ष विभाग (Department of Space) ने ओडिशा के बालेश्वर (बालासोर) जिले के चांदीपुर में अत्याधुनिक ‘वायुमंडलीय और अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान सुविधा’ (ASRF) की स्थापना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की है। यह परियोजना तीन प्रमुख राष्ट्रीय वैज्ञानिक संस्थाओं का एक एकीकृत उपक्रम है:
- अंतरिक्ष विभाग (Department of Space / ISRO)
- पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences - MoES)
- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)
पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक संदर्भ
यह नई सुविधा ऐतिहासिक बालासोर रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन (Balasore Rocket Launching Station) के परिसर में तैयार की जा रही है, जो वर्ष 1979 से चालू है। दशकों से इस केंद्र का उपयोग ‘साउंडिंग रॉकेट्स’ (रोहिणी श्रृंखला आदि) के प्रक्षेपण के लिए किया जाता रहा है, जो ऊपरी वायुमंडल में उपकरण ले जाकर मौसम संबंधी और वायुमंडलीय आंकड़े एकत्रित करते हैं। नई ASRF सुविधा इसे एक बहु-एजेंसी ‘सुपर रिसर्च साइट’ में बदल देगी।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- अनुसंधान के क्षेत्र: वायुमंडलीय गतिकी (Atmospheric Dynamics), मौसम पैटर्न, क्षोभमंडल और आयनमंडल की स्थितियां, अंतरिक्ष मौसम (Space Weather) तथा पृथ्वी-अंतरिक्ष परस्पर क्रियाएं।
- रेडियो संचार प्रभाव: ऊपरी वायुमंडल में होने वाले उतार-चढ़ाव उपग्रह सिग्नलों और रेडियो फ्रीक्वेंसी प्रसारण को प्रभावित करते हैं। इस केंद्र से प्राप्त डेटा संचार प्रणालियों की सटीकता बढ़ाएगा।
- रणनीतिक लाभ: चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) पहले से ही मिसाइल परीक्षणों का प्रमुख केंद्र है; इस केंद्र से मौसम और वायुमंडलीय सटीक आंकड़े रक्षा और अंतरिक्ष दोनों को प्राप्त होंगे।
2. इसरो और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) का ऐतिहासिक स्पेस-बायोटेक समझौता
क्या हुआ: अंतरिक्ष और जैव विज्ञान का महामिलन
नई दिल्ली में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में इसरो और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर यह दोहराया गया कि भारत वर्ष 2035 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन (भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन - BAS) स्थापित करेगा और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री उतारने का लक्ष्य रखता है।
‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ और BioE3 नीति से सीधा जुड़ाव
पारंपरिक रूप से जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशालाओं तक सीमित थी, लेकिन गगनयान और आगामी भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए अंतरिक्ष में जैविक प्रयोग अनिवार्य हो गए हैं। यह समझौता हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित ‘BioE3 नीति’ (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) के उद्देश्यों से सीधे तौर पर संरेखित है।
प्रमुख अनुसंधान एवं अनुप्रयोग क्षेत्र
- माइक्रोग्रैविटी जीवविज्ञान (Microgravity Biology): अंतरिक्ष के शून्य-गुरुत्वाकर्षण वातावरण में मानव कोशिकाओं, रोगाणुओं और पौधों पर पड़ने वाले जैविक प्रभावों का अध्ययन।
- बायोएस्ट्रोनॉटिक्स और अंतरिक्ष यात्री स्वास्थ्य: अंतरिक्ष यात्रियों में मांसपेशियों के क्षय (Muscle Atrophy), हड्डियों के घनत्व में कमी और कार्डियोवैस्कुलर परिवर्तनों का मुकाबला करने वाली दवाओं का विकास।
- स्पेस बायोमैन्युफैक्चरिंग (Space Biomanufacturing): अंतरिक्ष में दवाओं, एंजाइमों और बायो-पॉलिमर का उत्पादन तथा अंतरिक्ष मिशनों के लिए बंद-चक्र (closed-loop) जीवन समर्थन और अपशिष्ट पुनर्चक्रण तकनीक।
- पुनर्योजी चिकित्सा (Regenerative Medicine): अंतरिक्ष विकिरण और माइक्रोग्रैविटी में ऊतक संवर्धन (Tissue Engineering) और स्टेम सेल रिसर्च।
3. तुलनात्मक सारांश: परीक्षा सारणी
| पहल का नाम | सहयोगी नोडल एजेंसियां | प्राथमिक उद्देश्य | प्रमुख रणनीतिक लक्ष्य |
|---|---|---|---|
| ASRF चांदीपुर | अंतरिक्ष विभाग, MoES, DRDO | वायुमंडल, मौसम और अंतरिक्ष पर्यावरण का अध्ययन | रेडियो ट्रांसमिशन सुधार और मौसम पूर्वानुमान सटीकता |
| ISRO-DBT समझौता | इसरो (ISRO) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) | अंतरिक्ष जैव प्रौद्योगिकी और बायोएस्ट्रोनॉटिक्स | भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (2035) और गगनयान स्वास्थ्य सुरक्षा |
संपादकीय दृष्टिकोण: अंतरिक्ष और पृथ्वी विज्ञान का रक्षा व जैव प्रौद्योगिकी के साथ यह समन्वय भारत के ‘विकसित भारत 2047’ विजन में अंतर-विभागीय सहयोग (inter-departmental synergy) का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रतियोगी परीक्षाओं में इस प्रकार के अभिसरण (convergence) पर विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाने की प्रबल संभावना रहती है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| प्रस्तावित ASRF केंद्र का स्थान | चांदीपुर, बालेश्वर जिला (ओडिशा) |
|---|---|
| ASRF की नोडल एजेंसियां | अंतरिक्ष विभाग, MoES एवं DRDO |
| बालासोर रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन स्थापना | वर्ष 1979 |
| भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) का लक्ष्य वर्ष | वर्ष 2035 |
| चंद्रमा पर मानव उतारने का भारतीय लक्ष्य | वर्ष 2040 |
| BioE3 नीति का पूर्ण रूप | Biotechnology for Economy, Environment and Employment |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।
Q1 हाल ही में चर्चा में रही ‘वायुमंडलीय और अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान सुविधा’ (ASRF) किस राज्य में स्थापित की जा रही है?
Q2 भारत सरकार के आधिकारिक रोडमैप के अनुसार ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ (Bharatiya Antriksh Station) किस वर्ष तक स्थापित करने का लक्ष्य है?
Q3 ओडिशा स्थित ऐतिहासिक बालासोर रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन, जिसका उपयोग साउंडिंग रॉकेट्स के लिए किया जाता रहा है, किस वर्ष स्थापित हुआ था?
Q4 इसरो ने माइक्रोग्रैविटी शोध, बायोएस्ट्रोनॉटिक्स और स्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में सहयोग के लिए हाल ही में किस विभाग के साथ समझौता किया है?
Q5 केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में अनुमोदित ‘BioE3 नीति’ में ‘E3’ का सही अर्थ क्या है?







