बिहार विशेष

बिहार में 3 नए सुपर हाईवे, ₹11,096 करोड़ की बिजली योजना और बांध सुरक्षा मिशन को मंजूरी

बिहार कैबिनेट ने विश्वामित्र, गंगा-अंबिका व नारायणी पथ के विकास, ₹11,096 करोड़ की बिजली वितरण योजना और 8 माह में बांध सुरक्षा आकलन को दी मंजूरी।

⭐ मुख्य बिंदु

  • बिहार कैबिनेट ने विश्वामित्र पथ, गंगा अंबिका पथ और नारायणी पथ के विकास हेतु परामर्शी व DPR प्रक्रियाओं को मंजूरी दी।
  • विश्वामित्र पथ (90 किमी) बक्सर-आरा-मनेर, गंगा अंबिका पथ (56 किमी) बिदुपुर-दिघवारा और नारायणी पथ (73.51 किमी) दरिहारा-डुमरिया घाट तक बनेगा।
  • बिजली की बढ़ती मांग और ओवरलोडिंग से निपटने हेतु ₹11,096.55 करोड़ की 3-वर्षीय एलटी नेटवर्क सुदृढ़ीकरण योजना मंजूर हुई।
  • विद्युत योजना में नॉर्थ बिहार डिस्कॉम (NBPDCL) को ₹6,066 करोड़ तथा साउथ बिहार डिस्कॉम (SBPDCL) को ₹5,030 करोड़ मिलेंगे।
  • राज्य के सभी बांधों की जल संचयन और स्पिलवे क्षमता जांचने हेतु 8 माह में समग्र सुरक्षा आकलन पूरा करने का आदेश दिया गया।
  • बाढ़ सुरक्षा के लिए प्रत्येक बांध का डैम-ब्रेक विश्लेषण और इमरजेंसी एक्शन प्लान (EAP) तैयार किया जाएगा।
  • मोतिहारी, पूर्णिया और छपरा में कानून-व्यवस्था मजबूत करने हेतु नए सिटी एसपी (City SP) के पद सृजित किए गए।
  • नवादा के वारिसलीगंज (मकनपुर) में नई चीनी मिल और सह-उत्पाद इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली।

बिहार में सड़क कनेक्टिविटी, ऊर्जा सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के ढांचे को आधुनिक रूप देने के उद्देश्य से राज्य मंत्रिमंडल ने कई युगांतरकारी निर्णयों पर मुहर लगाई है। राज्य सरकार ने गंगा और गंडक नदियों के किनारे तीन नए हाई-स्पीड रोड कॉरिडोर—विश्वामित्र पथ, गंगा अंबिका पथ और नारायणी पथ—के निर्माण की प्रक्रिया तेज करने के साथ-साथ राज्य की विद्युत वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण हेतु ₹11,096.55 करोड़ की व्यापक परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, बाढ़ नियंत्रण और जल संचयन क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के सभी बांधों के आठ महीनों के भीतर समग्र सुरक्षा परीक्षण का आदेश दिया गया है।

विश्वामित्र, गंगा-अंबिका और नारायणी पथ: तीन नए सुपर कॉरिडोर को रफ्तार

क्या हुआ?

राज्य कैबिनेट ने बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) के माध्यम से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP - DBFOT Toll) मॉडल पर विकसित किए जाने वाले तीन प्रमुख पथों के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने हेतु वित्तीय व प्रशासनिक मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में शामिल हैं:

  • विश्वामित्र पथ (90 किमी): यह कॉरिडोर बक्सर से आरा होते हुए मनेर (पटना) तक गंगा नदी के दक्षिणी किनारे विकसित होगा।
  • गंगा अंबिका पथ (56 किमी): यह मार्ग वैशाली जिले के बिदुपुर से सारण के दिघवारा तक उत्तरी गंगा तट के समानांतर बनेगा।
  • नारायणी पथ (73.51 किमी): यह परियोजना गंडक (नारायणी) नदी के किनारे सारण के दरिहारा से गोपालगंज के डुमरिया घाट तक निर्मित होगी।

पृष्ठभूमि व कनेक्टिविटी का महत्व

वर्तमान में पटना और आसपास के जिलों में भारी वाणिज्यिक वाहनों के दबाव से आवागमन बाधित होता है। विश्वामित्र पथ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से आने वाले ट्रैफिक को पटना एम्स-दीघा एलिवेटेड रोड और जेपी गंगा पथ से सीधे जोड़ेगा। वहीं, गंगा अंबिका पथ प्रस्तावित सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, हरिहरनाथ कॉरिडोर और पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। नारायणी पथ उत्तर-पश्चिमी बिहार में गंडक बेसिन के जिलों (सारण, सीवान, गोपालगंज) के लिए एक जीवनरेखा साबित होगा।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • नोडल एजेंसी: बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड (BSRDCL)।
  • मॉडल: डिज़ाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (DBFOT - Toll)।
  • ऐतिहासिक/भौगोलिक जुड़ाव: विश्वामित्र (बक्सर - सिद्धाश्रम की पौराणिक भूमि), नारायणी (गंडक नदी का पारंपरिक नाम, जो नेपाल के शालिग्रामी क्षेत्र से निकलती है)।

विद्युत नेटवर्क सुदृढ़ीकरण: ₹11,096.55 करोड़ की महा-योजना

क्या हुआ?

राज्य में बढ़ती बिजली मांग को निर्बाध रूप से पूरा करने के लिए लो-टेंशन (LT) वितरण प्रणाली और ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता विस्तार हेतु तीन वर्षीय योजना स्वीकृत की गई है। इसके तहत ₹11,096.55 करोड़ व्यय किए जाएंगे:

  • नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL): ₹6,066.00 करोड़ का आवंटन।
  • साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL): ₹5,030.55 करोड़ का आवंटन।

पृष्ठभूमि एवं तकनीकी आवश्यकता

ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में पीक पावर डिमांड वर्ष 2012 के 1,802 मेगावाट से बढ़कर 2026 में 9,475 मेगावाट के पार पहुंच चुकी है। पूर्ववर्ती योजनाओं में लगाए गए एरियल बंच्ड (AB) केबल और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड हो चुके थे। इस योजना से नए कृषि फीडर, स्मार्ट डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर और उच्च क्षमता वाले एलटी नेटवर्क स्थापित किए जाएंगे ताकि ट्रांसमिशन एवं वितरण घाटे (AT&C Losses) को न्यूनतम किया जा सके।

बांध सुरक्षा मिशन: 8 माह में पूरा होगा समग्र सुरक्षा आकलन

क्या हुआ?

जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर राज्य के सभी बड़े व मध्यम बांधों की हाइड्रोड्रोग्राफिक और सेडिमेंट सर्वे कराने की मंजूरी दी गई है। यह कार्य 8 महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। इसके तहत संशोधित बाढ़ मानकों के आधार पर स्पिलवे डिस्चार्ज क्षमता की जांच, हाइड्रोलॉजिकल सुरक्षा ऑडिट और संभावित बांध टूटने की स्थिति का कंप्यूटर-आधारित पूर्वानुमान (Dam-Break Analysis) किया जाएगा।

स्टैटिक GK व नीतिगत जुड़ाव

  • केंद्रीय बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 (Dam Safety Act, 2021): इसके तहत राज्यों में ‘राज्य बांध सुरक्षा संगठन’ (SDSO) का गठन अनिवार्य है।
  • इमरजेंसी एक्शन प्लान (EAP): प्रत्येक बांध के लिए स्थानीय जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के समन्वय से आपातकालीन योजना बनेगी।
  • गाद (Sedimentation) प्रबंधन: बिहार की नदियों (विशेषकर दक्षिण बिहार की मौसमी नदियां जैसे फल्गु, पुनपुन, किऊल, बड़ुआ) में गाद जमाव के कारण जलाशयों की जल संचयन क्षमता प्रभावित हुई है। यह सर्वेक्षण जल भंडारण क्षमता का सटीक डेटा प्रदान करेगा।

अन्य महत्वपूर्ण कैबिनेट निर्णय

क्षेत्र/परियोजनास्वीकृत प्रावधानसंबंधित जिला/लाभार्थी
प्रशासनिक पुनर्गठनतीन नए नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) के पद सृजितमोतिहारी (पूर्वी चंपारण), पूर्णिया, छपरा (सारण)
औद्योगिक पुनरुद्धारवारिसलीगंज (मकनपुर) में नई चीनी मिल व सह-उत्पाद इकाई (40% सरकारी वित्तीय सहायता)नवादा जिला (इंडिया पोटाश लिमिटेड द्वारा संचालन)
रेल अवसंरचनासुपौल-अररिया नई रेल लाइन हेतु भूमि हस्तांतरण को मंजूरीसुपौल एवं अररिया जिले

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

विश्वामित्र पथ की लंबाई व मार्ग90 किमी (बक्सर - आरा - मनेर)
गंगा अंबिका पथ की लंबाई व मार्ग56 किमी (बिदुपुर - दिघवारा)
नारायणी पथ की लंबाई व मार्ग73.51 किमी (दरिहारा - डुमरिया घाट)
ऊर्जा सुदृढ़ीकरण हेतु कुल बजट₹11,096.55 करोड़
बिहार में वर्तमान पीक पावर डिमांड9,475 मेगावाट (MW)
बांध सुरक्षा आकलन की समय-सीमा8 महीने
नए सिटी एसपी पद वाले जिलेमोतिहारी, पूर्णिया, छपरा

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 बिहार कैबिनेट द्वारा स्वीकृत ‘विश्वामित्र पथ’ किन दो छोरों को जोड़ने वाला प्रस्तावित 90 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर है?

Q2 बिहार में लो-टेंशन (LT) विद्युत वितरण प्रणाली और ट्रांसफॉर्मर क्षमता विस्तार योजना के लिए कुल कितनी राशि मंजूर की गई है?

Q3 हालिया घोषणा के अनुसार, बिहार सरकार ने राज्य के सभी जलाशयों एवं बांधों का समग्र सुरक्षा आकलन कितने समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा है?

Q4 ‘नारायणी पथ’ (73.51 किमी) किस नदी के तटवर्ती क्षेत्र में दरिहारा से डुमरिया घाट तक निर्मित किया जाएगा?

Q5 बिहार के किस जिले के वारिसलीगंज (मकनपुर) में नई आधुनिक चीनी मिल व सह-उत्पाद इकाई स्थापित करने को मंजूरी दी गई है?

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