अंतरराष्ट्रीय

भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते के मुख्य ट्रैक पूरे, भारत-ऑस्ट्रिया वार्ता में नई रणनीतिक दिशा

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की मुख्य वार्ताएं पूरी होकर कानूनी समीक्षा में पहुंचीं, वहीं ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री की भारत यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिली।

⭐ मुख्य बिंदु

  • भारत और यूरोपीय संघ के प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के मुख्य वार्ता ट्रैक पूरे हो चुके हैं और पाठ की कानूनी समीक्षा चल रही है।
  • भारत-ईयू द्विपक्षीय वस्तु व्यापार वित्त वर्ष 2024-25 में 136.54 अरब डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
  • ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री बिएट मीन-रीसिंगर ने नई दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की।
  • भारत और ऑस्ट्रिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना 10 नवंबर 1949 को हुई थी।
  • दोनों देशों ने वर्ष 2023 में हस्ताक्षरित प्रवासन एवं गतिशीलता साझेदारी समझौते (MMPA) के कार्यान्वयन पर जोर दिया।
  • ऑस्ट्रिया को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का गैर-स्थायी सदस्य चुना गया है, जिससे बहुपक्षीय सहयोग बढ़ा है।
  • यूएनएससी समिति ने संकल्प 1988 (2011) के तहत तालिबान प्रतिबंध सूची में नए संशोधन लागू किए हैं।
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने यूएपीए (UAPA) की धारा 51A के तहत यूएनएससी प्रतिबंध सूची के सख्त वित्तीय अनुपालन के निर्देश दिए हैं।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर भारत ने हाल ही में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। एक तरफ जहां भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के मुख्य वार्ता ट्रैक सफलतापूर्वक संपन्न होकर अंतिम विधिक जांच के दौर में पहुंच गए हैं, वहीं दूसरी ओर मध्य यूरोप के प्रमुख देश ऑस्ट्रिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को उच्चस्तरीय रणनीतिक गति मिली है। इसके अतिरिक्त, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की प्रतिबंध प्रणाली के तहत भारत ने वैश्विक वित्तीय सुरक्षा नियमों के अनुपालन को सुदृढ़ किया है।

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA): कानूनी समीक्षा का निर्णायक चरण

क्या हुआ?

विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि भारत और 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) के मुख्य वार्ता ट्रैकों (Negotiating Tracks) पर वार्ताएं काफी हद तक पूरी हो चुकी हैं। वर्तमान में समझौते के मसौदे की कानूनी और प्रक्रियात्मक समीक्षा (Legal and Procedural Text Scrubbing) की जा रही है। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों के कानूनी विशेषज्ञों और भाषाविदों द्वारा संधि के नियमों को अंतिम रूप देना है, ताकि औपचारिक हस्ताक्षर की तिथि तय की जा सके।

पृष्ठभूमि

भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस समझौते की शुरुआत मूल रूप से वर्ष 2007 में व्यापक व्यापार और निवेश समझौते (Broad-based Trade and Investment Agreement - BTIA) के रूप में हुई थी, जिसे मतभेदों के चलते वर्ष 2013 में रोक दिया गया था। जून 2022 में दोनों पक्षों ने तीन अलग-अलग ट्रैकों—मुक्त व्यापार समझौता (FTA), निवेश संरक्षण समझौता (IPA) और भौगोलिक संकेतक (GI) समझौता—के तहत पुनः बातचीत शुरू की। वर्ष 2024-25 में दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 136.54 अरब अमेरिकी डॉलर और सेवा व्यापार 83.10 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया, जिससे यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण आयाम

  • बाजार पहुंच और टैरिफ कटौती: समझौते के तहत वस्त्र, चमड़ा, कृषि उत्पाद, ऑटोमोबाइल और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेवाओं के निर्यात को व्यापक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
  • गैर-टैरिफ बाधाएं (NTBs) एवं नियामक मानक: भारत लगातार इस बात पर बल दे रहा है कि विनियामक नियम निष्पक्ष और आनुपातिक होने चाहिए ताकि एमएसएमई (MSMEs) प्रभावित न हों।
  • सीबीएएम (CBAM) की चुनौती: यूरोपीय संघ का ‘कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म’ भारत के इस्पात, एल्युमीनियम और सीमेंट निर्यातकों के लिए प्रमुख चिंता का विषय रहा है, जिस पर दोनों पक्ष व्यावहारिक समाधान तलाश रहे हैं।
  • व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC): यूरोपीय संघ ने अमेरिका के बाद केवल भारत के साथ दूसरा टीटीसी ढांचा स्थापित किया है, जो रणनीतिक प्रौद्योगिकियों और आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन को जोड़ता है।

भारत-ऑस्ट्रिया 'संवर्धित साझेदारी': विदेश मंत्री स्तरीय वार्ता

क्या हुआ?

ऑस्ट्रिया की संघीय यूरोपीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों की मंत्री बिएट मीन-रीसिंगर (Beate Meinl-Reisinger) की आधिकारिक भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। इस बैठक में व्यापार, नवीकरणीय ऊर्जा, नवाचार, उच्च शिक्षा और प्रतिभा गतिशीलता सहित बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई।

पृष्ठभूमि

भारत और ऑस्ट्रिया के राजनयिक संबंधों की स्थापना 10 नवंबर 1949 को हुई थी। वर्ष 1955 में ऑस्ट्रियाई राज्य संधि के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू ने वियना की ऐतिहासिक यात्रा की थी। दोनों देशों ने हाल के वर्षों में अपने संबंधों को ‘संवर्धित साझेदारी’ (Enhanced Partnership) के स्तर पर उन्नत किया है। वर्ष 2023 में दोनों देशों ने व्यापक प्रवासन एवं गतिशीलता साझेदारी समझौते (Comprehensive Migration and Mobility Partnership Agreement - MMPA) पर हस्ताक्षर किए थे, जो कुशल भारतीय कामगारों और छात्रों को ऑस्ट्रिया में वैध अवसर प्रदान करता है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • हरित प्रौद्योगिकी एवं औद्योगिक साझेदारी: ऑस्ट्रिया उन्नत इंजीनियरिंग, जल प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों में वैश्विक अग्रणी है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और टिकाऊ विकास लक्ष्यों के अनुकूल है।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में समन्वय: ऑस्ट्रिया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में चुना गया है। वार्ता में वैश्विक संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान और संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर करीबी तालमेल पर सहमति बनी।
  • आतंकवाद विरोधी तंत्र: दोनों पक्षों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग हेतु ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (LoI) तथा आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह (JWG on Counter-Terrorism) सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

यूएनएससी 1988 प्रतिबंध सूची संशोधन और भारत का विनियामक अनुपालन

क्या हुआ?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के संकल्प 1988 (2011) के तहत गठित समिति ने तालिबान और अफगानिस्तान से संबद्ध प्रतिबंधित सूची में संशोधन लागू किए हैं। इसके अनुपालन में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के सभी वाणिज्यिक बैंकों, वित्तीय संस्थानों और एनबीएफसी को गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 51A के तहत परिसंपत्तियों की जब्ती और वित्तीय प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से अद्यतन करने का निर्देश जारी किया।

पृष्ठभूमि एवं महत्व

संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII (Chapter VII) के अंतर्गत सुरक्षा परिषद शांति और सुरक्षा के खतरों से निपटने के लिए अनिवार्य प्रतिबंध लगाती है। वर्ष 1999 के संकल्प 1267 (अल-कायदा प्रतिबंध) को वर्ष 2011 में संकल्प 1988 के जरिए विभाजित किया गया, जिसके तहत तालिबान और उससे संबंधित संस्थाओं के लिए अलग प्रतिबंध व्यवस्था बनाई गई। भारत एफएटीएफ (FATF) के मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए यूएपीए की धारा 51A का उपयोग करके इन संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को राष्ट्रीय कानून के तहत लागू करता है।

प्रमुख कूटनीतिक वार्ताओं का तुलनात्मक विवरण

क्षेत्र / मंचप्रमुख भागीदारप्रमुख विषय / रणनीतिक उद्देश्यसंबंधित तंत्र
द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौतायूरोपीय संघ (EU)टैरिफ में कटौती, बाजार पहुंच, कानूनी समीक्षा (Legal Scrubbing)Trade & Technology Council (TTC)
मध्य यूरोपीय साझेदारीऑस्ट्रिया (Austria)गतिशीलता समझौता (MMPA), हरित उद्योग, यूएनएससी सहयोगJoint Economic Commission (JEC)
बहुपक्षीय सुरक्षा एवं अनुपालनयूएनएससी (UNSC) / भारततालिबान प्रतिबंध सूची अद्यतन, परिसंपत्ति जब्ती, आतंकवाद वित्तपोषण रोकथामUAPA (धारा 51A) व संकल्प 1988

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

भारत-ईयू वस्तु व्यापार (2024-25)136.54 अरब अमेरिकी डॉलर
भारत-ईयू मूल वार्ता शुरुआत वर्ष2007 (BTIA के रूप में)
भारत-ऑस्ट्रिया राजनयिक संबंध स्थापना10 नवंबर 1949
ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्रीबिएट मीन-रीसिंगर (Beate Meinl-Reisinger)
यूएनएससी तालिबान प्रतिबंध संकल्पप्रस्ताव 1988 (2011)
भारत में यूएनएससी वित्तीय प्रतिबंध कानूनUAPA, 1967 (धारा 51A)

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताएं मूल रूप से किस वर्ष 'BTIA' के रूप में प्रारंभ हुई थीं?

Q2 हाल ही में भारत की यात्रा पर आईं विदेश मंत्री बिएट मीन-रीसिंगर का संबंध किस यूरोपीय देश से है?

Q3 संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का कौन-सा प्रस्ताव विशेष रूप से अफगानिस्तान और तालिबान से संबद्ध प्रतिबंध सूची के प्रबंधन से संबंधित है?

Q4 यूरोपीय संघ द्वारा लागू किया जा रहा 'CBAM' तंत्र किस क्षेत्र से संबंधित है जो भारत-ईयू व्यापार वार्ताओं में चर्चा का मुख्य विषय रहा है?

Q5 भारत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आतंकवाद विरोधी वित्तीय प्रतिबंधों (जैसे संपत्ति जब्त करना) को किस अधिनियम के तहत अनिवार्य रूप से लागू किया जाता है?

स्रोत