भुवनेश्वर में RBI के ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर का उद्घाटन; खुदरा मुद्रास्फीति 5.54% पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर में RBI के ₹169 करोड़ के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा संस्थान का उद्घाटन किया; वहीं खुदरा महँगाई दर 5.54% दर्ज की गई।
⭐ मुख्य बिंदु
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर (जटनी) में ₹169 करोड़ की लागत से निर्मित RBI के ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर व साइबर सुरक्षा संस्थान का उद्घाटन किया।
- यह डेटा सेंटर 18.55 एकड़ में विस्तृत है और नवी मुंबई स्थित आरबीआई के प्राथमिक डेटा केंद्र के रणनीतिक आपदा रिकवरी (DR) बैकअप के रूप में काम करेगा।
- डेटा सेंटर को अपटाइम इंस्टीट्यूट से उच्चतम ‘टियर-IV’ प्रमाणन प्राप्त है, जिससे यह शून्य-डाउनटाइम और फॉल्ट-टॉलेरेंट संचालन सुनिश्चित करता है।
- इस केंद्र से देश की महत्वपूर्ण भुगतान प्रणालियों जैसे RTGS, NEFT, ई-कुबेर और UPI अंतिम निपटान का सुरक्षित संचालन होगा।
- संस्थान में साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग पर उन्नत वित्तीय अनुसंधान एवं कर्मियों का तकनीकी प्रशिक्षण होगा।
- खाद्य वस्तुओं (विशेषकर सब्जियों) और ईंधन की कीमतों में उछाल के कारण खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) बढ़कर 5.54% तक पहुँच गई है।
- विश्व बैंक और IMF के अनुसार, भारत घरेलू माँग और बुनियादी ढाँचे के दम पर लगभग 7% की विकास दर के साथ सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
1. भुवनेश्वर में RBI का अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा संस्थान
क्या हुआ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के निकट जटनी स्थित इन्फो वैली-2 (Info Valley-II) में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नए ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर तथा एंटरप्राइज कंप्यूटिंग एवं साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अत्याधुनिक परियोजना की कुल लागत लगभग ₹169 करोड़ है और यह 18.55 एकड़ के विशाल भूखंड पर फैली हुई है। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा सहित प्रमुख नीति-निर्माता उपस्थित रहे।
पृष्ठभूमि और रणनीतिक आवश्यकता
भारत की अर्थव्यवस्था में डिजिटल लेन-देन के अभूतपूर्व विस्तार (प्रति माह अरबों यूपीआई और डिजिटल भुगतान) के साथ वित्तीय बुनियादी ढाँचे पर साइबर हमलों और तकनीकी बाधाओं का जोखिम तेजी से बढ़ा है। अब तक आरबीआई का प्राथमिक डेटा सेंटर नवी मुंबई में केंद्रित रहा है। किसी भी अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदा, भू-राजनीतिक संकट या ग्रिड विफलता की स्थिति में वित्तीय संप्रभुता बनाए रखने के लिए एक मजबूत और भौगोलिक रूप से सुरक्षित आपदा रिकवरी (Disaster Recovery - DR) सुविधा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। भुवनेश्वर को भूकंपीय दृष्टि से स्थिर क्षेत्र (कम जोखिम वाला सिस्मिक ज़ोन) और रणनीतिक दूरी के आधार पर चुना गया है।
डेटा सेंटर और संस्थान की प्रमुख विशेषताएं
| घटक (Parameter) | विवरण (Details) |
|---|---|
| स्थान और क्षेत्रफल | इन्फो वैली-2, जटनी, भुवनेश्वर (ओडिशा); 18.55 एकड़ |
| परियोजना लागत | लगभग ₹169 करोड़ |
| वैश्विक प्रमाणन | अपटाइम इंस्टीट्यूट (Uptime Institute) से टियर-IV (Tier-IV) प्रमाणन |
| क्लाउड स्वायत्तता | बाहरी थर्ड-पार्टी पब्लिक क्लाउड से स्वतंत्र स्वायत्त प्रणाली |
| प्रमुख होस्टिंग प्रणालियाँ | RTGS, NEFT, ई-कुबेर (e-Kuber), मुद्रा प्रबंधन और UPI फाइनल सेटलमेंट |
| संस्थान का कार्यक्षेत्र | साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग अनुसंधान |
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- टियर-IV प्रमाणन: यह डेटा सेंटर उद्योग में उच्चतम उपलब्धता (99.995% अपटाइम) मानक है, जिसमें पूरी तरह से दोष-सहिष्णु (Fault Tolerant) और 2N रिडंडेंट इंफ्रास्ट्रक्चर होता है, जिससे किसी भी घटक की मरम्मत के दौरान सेवाएं बाधित नहीं होती हैं।
- मिशन-क्रिटिकल वित्तीय सेवाएं: वास्तविक समय सकल निपटान (RTGS) और राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) जैसी प्रणालियाँ चौबीसों घंटे (24x7) यहीं से सुरक्षित रूप से प्रबंधित की जा सकेंगी।
- आर्थिक सुरक्षा व साइबर संप्रभुता: आधुनिक युद्ध केवल पारंपरिक सीमाओं पर नहीं, बल्कि आर्थिक रीढ़ पर साइबर हमलों के रूप में भी लड़े जाते हैं। यह संस्थान भविष्य के वित्तीय साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करेगा।
2. सितंबर-अक्टूबर मैक्रोइकॉनॉमिक परिदृश्य: मुद्रास्फीति 5.54% पर, अर्थव्यवस्था में जुझारूपन
क्या हुआ?
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) और भारतीय रिज़र्व बैंक के हालिया बुलेटिन के अनुसार, भारत की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित हेडलाइन खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 5.54% पर पहुँच गई है। यह रिज़र्व बैंक के 4% के केंद्रीय लक्ष्य से ऊपर और 6% की ऊपरी सहनशीलता सीमा के करीब है। इसके बावजूद, भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7% के मजबूत स्तर पर बनी हुई है, जिसे बहुपक्षीय संस्थाओं (विश्व बैंक व IMF) ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तीव्र गति माना है।
पृष्ठभूमि और मुद्रास्फीति में वृद्धि के कारक
मुद्रास्फीति में इस वृद्धि का मुख्य कारण खाद्य टोकरी (Food Basket) में आया मौसमी उछाल रहा है। सितंबर-अक्टूबर के दौरान भारी मानसूनी वर्षा और आपूर्ति बाधाओं के कारण सब्जियों, विशेष रूप से प्याज (108% वृद्धि), अदरक और लहसुन की कीमतों में तीव्र वृद्धि हुई। इसके अतिरिक्त, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनावों के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और लॉजिस्टिक्स लागतों पर दबाव देखा गया, जिससे आयातित मुद्रास्फीति (Imported Inflation) का जोखिम बढ़ा।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- फ्लेक्सिबल इन्फ्लेशन टारगेटिंग (FIT): आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 45ZA के तहत केंद्र सरकार रिज़र्व बैंक के परामर्श से प्रत्येक पाँच वर्ष में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-C) आधारित 4% (±2% सहनशीलता बैंड, यानी 2% से 6%) मुद्रास्फीति लक्ष्य निर्धारित करती है।
- कोर मुद्रास्फीति बनाम हेडलाइन मुद्रास्फीति: हेडलाइन मुद्रास्फीति में खाद्य एवं ईंधन जैसी अस्थिर वस्तुएं शामिल होती हैं, जबकि कोर मुद्रास्फीति (Core Inflation) से खाद्य व ईंधन घटकों को बाहर रखा जाता है। हालिया आंकड़ों में कोर मुद्रास्फीति लगभग 4.3% पर अपेक्षाकृत नियंत्रित रही है।
- मौद्रिक नीति समिति (MPC): 6 सदस्यीय एमपीसी मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने और विकास को गति देने के लिए नीतिगत रेपो दर निर्धारित करती है।
3. निष्कर्ष एवं मुख्य आर्थिक निहितार्थ
एक ओर जहाँ भुवनेश्वर में आरबीआई के अत्याधुनिक डेटा सेंटर की स्थापना भारत के वित्तीय बुनियादी ढाँचे को तकनीकी सुरक्षा, आपदा सहनशीलता और साइबर आतंकवाद से सुरक्षा प्रदान करती है; वहीं दूसरी ओर मुद्रास्फीति में हालिया वृद्धि यह रेखांकित करती है कि आपूर्ति-शृंखला प्रबंधन और मौद्रिक सतर्कता आने वाले समय में आर्थिक प्राथमिकताओं के केंद्र में बने रहेंगे। यह संतुलन भारत को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में एक सुरक्षित और टिकाऊ आर्थिक मार्ग प्रशस्त करने में सक्षम बनाएगा।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| परियोजना | RBI ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर व साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान |
|---|---|
| अवस्थिति | इन्फो वैली-2, जटनी, भुवनेश्वर (ओडिशा) |
| लागत एवं भूमि क्षेत्र | ₹169 करोड़, 18.55 एकड़ |
| वैश्विक तकनीकी रेटिंग | टियर-IV (Tier-IV by Uptime Institute) |
| प्राथमिक बैकअप भूमिका | नवी मुंबई मुख्य डेटा केंद्र का आपदा रिकवरी (DR) केंद्र |
| मुद्रास्फीति लक्ष्य दायरा | 4% (सहनशीलता सीमा: 2% से 6%, RBI Act 1934) |
| वर्तमान RBI गवर्नर | संजय मल्होत्रा |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ₹169 करोड़ लागत वाले ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा संस्थान का उद्घाटन कहाँ किया?
Q2 भुवनेश्वर स्थित RBI के नए डेटा सेंटर को वैश्विक डेटा सेंटर मानकों के तहत किस संस्था से उच्चतम ‘टियर-IV’ प्रमाणन प्राप्त हुआ है?
Q3 भारतीय रिज़र्व बैंक की फ्लेक्सिबल इन्फ्लेशन टारगेटिंग (FIT) व्यवस्था के तहत खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) का वैधानिक लक्ष्य और सहनशीलता बैंड क्या है?
Q4 भुवनेश्वर डेटा सेंटर द्वारा मुख्य रूप से प्रबंधित की जाने वाली ‘RTGS’ प्रणाली का पूर्ण रूप क्या है?
Q5 भुवनेश्वर स्थित नए साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का मुख्य रणनीतिक उद्देश्य क्या है?








