आरबीआई एमपीसी मिनट्स जारी, 2.70 लाख निकायों में राष्ट्रव्यापी वित्तीय समावेशन अभियान
आरबीआई ने एमपीसी बैठक के मिनट्स जारी कर मुद्रास्फीति पर सतर्क रुख स्पष्ट किया, वहीं वित्त मंत्रालय ने ग्राम व शहरी निकायों में व्यापक वित्तीय समावेशन अभियान शुरू किया।
⭐ मुख्य बिंदु
- आरबीआई ने अधिनियम 1934 की धारा 45ZL के तहत 63वीं मौद्रिक नीति समिति बैठक के मिनट्स जारी किए।
- एमपीसी ने नीतिगत रेपो दर 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत और एसडीएफ दर 5.25 प्रतिशत तय की।
- गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार भावी दर वृद्धि विकास व अंतर्निहित मुद्रास्फीति आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
- वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि 7.1% और खुदरा मुद्रास्फीति 5.2% रहने का अनुमान है।
- वित्त मंत्रालय ने 2.70 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों में 31 दिसंबर तक वित्तीय समावेशन अभियान शुरू किया।
- इस अभियान के तहत PMJJBY, PMSBY, APY और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की शत-प्रतिशत संतृप्ति का लक्ष्य है।
- बैंकिंग क्षेत्र में CERT-In और आरबीआई साइबर सिक्योरिटी फ्रेमवर्क 2016 के तहत डेटा गवर्नेंस पर निगरानी बढ़ाई गई।
भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र के लिए हालिया घटनाक्रम नीतिगत प्राथमिकताओं और वित्तीय समावेशन के विस्तार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की 63वीं बैठक के मिनट्स जारी किए हैं, जिसमें मुद्रास्फीति के प्रसार और भावी ब्याज दरों के मार्ग पर विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) ने देश की 2.70 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की संतृप्ति के लिए राष्ट्रव्यापी वित्तीय समावेशन अभियान का शुभारंभ किया है। साथ ही, बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने पर भी नियामक की पैनी नजर बनी हुई है।
1. आरबीआई एमपीसी मिनट्स: मुद्रास्फीति का प्रसार और नीतिगत दर वृद्धि की पृष्ठभूमि
क्या हुआ?
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45ZL के प्रावधानों के अंतर्गत 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक आयोजित मौद्रिक नीति समिति की 63वीं बैठक के विस्तृत मिनट्स जारी कर दिए गए हैं। इस बैठक में सभी 6 सदस्यों की सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो दर को 25 आधार अंक (bps) बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया था, जिसके साथ स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) दर 5.25 प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) व बैंक दर 5.75 प्रतिशत निर्धारित की गई। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मिनट्स में स्पष्ट किया कि भावी ब्याज दर चक्र की दिशा आर्थिक वृद्धि और अंतर्निहित मुद्रास्फीति के वास्तविक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) बास्केट में 37% वस्तुओं की मुद्रास्फीति 4% से ऊपर निकल चुकी है, जो मार्च में केवल 20% थी।
पृष्ठभूमि
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत और खुदरा मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि, अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (Q3) में सीपीआई मुद्रास्फीति के 6.0 प्रतिशत तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। मिनट्स में सदस्यों के मध्य नीतिगत रुख (Policy Stance) पर वैचारिक मतभेद भी सामने आए; जहाँ अधिकांश सदस्यों ने कैलिब्रेटेड सख्ती (Calibrated Tightening) का समर्थन किया, वहीं बाह्य सदस्यों डॉ. नागेश कुमार और प्रो. राम सिंह ने विकास गति को बाधित न करने के उद्देश्य से न्यूट्रल (Neutral) रुख बनाए रखने की वकालत की।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- वैधानिक ढांचा: उर्जित पटेल समिति (2014) की सिफारिशों पर 2016 में संशोधित RBI अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB के तहत 6-सदस्यीय MPC का गठन किया गया।
- पारदर्शिता नियम: धारा 45ZL के अनुसार, बैठक समाप्त होने के 14वें दिन समिति के प्रत्येक सदस्य के मत, वक्तव्य और संकल्प के मिनट्स सार्वजनिक किए जाने अनिवार्य हैं।
- मुद्रास्फीति लक्ष्य: केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचा (FIT) 4 प्रतिशत है, जिसमें 2 प्रतिशत से 6 प्रतिशत (+/- 2%) का सहनशीलता बैंड (Tolerance Band) मान्य है।
2. ग्राम पंचायतों व शहरी निकायों में राष्ट्रव्यापी वित्तीय समावेशन अभियान
क्या हुआ?
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) ने देशभर के 2 लाख 70 हजार ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में एक विशेष राष्ट्रव्यापी वित्तीय समावेशन अभियान (Nationwide Financial Inclusion Campaign) का आगाज़ किया है। यह सघन अभियान 31 दिसंबर 2026 तक संचालित होगा। इसके तहत वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) और स्थानीय प्रशासनिक तंत्र के सहयोग से विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान का दायरा और प्रमुख योजनाएं
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर तक औपचारिक वित्तीय सेवाओं का विस्तार करना और पात्र नागरिकों को तीन प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संतृप्त करना है:
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY): 18-50 आयु वर्ग के लिए ₹436 वार्षिक प्रीमियम पर ₹2 लाख का जीवन बीमा।
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY): 18-70 आयु वर्ग के लिए ₹20 वार्षिक प्रीमियम पर दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर ₹2 लाख का जोखिम कवर।
- अटल पेंशन योजना (APY): असंगठित क्षेत्र के 18-40 आयु वर्ग के कामगारों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद ₹1,000 से ₹5,000 की मासिक गारंटीकृत पेंशन।
- कृषि साख विस्तार: आगामी रबी सत्र को देखते हुए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) संतृप्ति और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत किसानों का त्वरित नामांकन।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- वित्तीय समावेशन की अवधारणा: नचिकेता मोर और सी. रंगराजन समितियों की सिफारिशों के अनुरूप बैंकिंग रहित आबादी को औपचारिक वित्तीय परिधि में लाना।
- वित्तीय समावेशन सूचकांक (FI-Index): आरबीआई द्वारा प्रतिवर्ष जुलाई में जारी किया जाता है, जिसके तीन प्रमुख आयाम हैं—पहुंच (Access - 35%), उपयोग (Usage - 45%) और गुणवत्ता (Quality - 20%)।
3. बैंकिंग डिजिटल सुरक्षा और साइबर शासन पर नियामकीय सतर्कता
क्या हुआ व पृष्ठभूमि?
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों को सेबी लिस्टिंग नियमों के तहत दी गई सूचना के अनुसार, बैंक के 3,897 ग्राहकों का व्यक्तिगत पहचान योग्य डेटा (PII) डार्क वेब पर उजागर होने की पुष्टि हुई है। इसकी प्राथमिक चेतावनी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) और डिफेंस साइबर एजेंसी से प्राप्त हुई थी। इस घटना ने भारतीय बैंकिंग प्रणाली में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुदृढ़ता और साइबर सुरक्षा अनुपालन पर पुनः नियामकीय विमर्श को केंद्रित कर दिया है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- आरबीआई साइबर सुरक्षा रूपरेखा (2016): सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के लिए साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र (SOC), घटना प्रतिक्रिया दल और बोर्ड स्तर पर आईटी रणनीति समिति अनिवार्य है।
- CERT-In: सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70B के तहत स्थापित राष्ट्रीय नोडल एजेंसी, जिसे वित्तीय संस्थानों द्वारा साइबर सुरक्षा घटनाओं की सूचना 6 घंटे के भीतर देना अनिवार्य है।
- डेटा संरक्षण: डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act, 2023) के प्रावधान वित्तीय संस्थाओं को ‘डेटा फिड्यूशरी’ (Data Fiduciary) के रूप में कड़ी सुरक्षा जिम्मेदारी सौंपते हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| नीतिगत रेपो दर (वर्तमान) | 5.50 प्रतिशत |
|---|---|
| स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर | 5.25 प्रतिशत |
| सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर | 5.75 प्रतिशत |
| वित्त वर्ष 2026-27 अनुमानित जीडीपी वृद्धि | 7.1 प्रतिशत |
| अभियान में शामिल कुल निकाय/पंचायतें | 2.70 लाख |
| आरबीआई एमपीसी गठन की धारा | धारा 45ZB, आरबीआई अधिनियम 1934 |
| लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्य (FIT) | 4% (सहनशीलता बैंड: 2% से 6%) |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की किस धारा के अंतर्गत मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक समाप्त होने के 14वें दिन बैठक के मिनट्स प्रकाशित करना अनिवार्य है?
Q2 हाल ही में शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी वित्तीय समावेशन अभियान के तहत कवर किए जाने वाले ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) की कुल संख्या कितनी है?
Q3 प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के संदर्भ में पात्र आयु वर्ग और वार्षिक प्रीमियम राशि का सही युग्म कौन-सा है?
Q4 भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किए जाने वाले वित्तीय समावेशन सूचकांक (FI-Index) में सर्वाधिक भारांश (Weightage) किस घटक को दिया गया है?
Q5 भारत में साइबर सुरक्षा घटनाओं की निगरानी और प्रतिक्रिया देने वाली नोडल एजेंसी CERT-In किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित की गई है?







