राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों में बड़ा सुधार, विश्व पोलियो दिवस और वैश्विक नागरिक सम्मान
खेल मंत्रालय ने ध्यानचंद लाइफटाइम पुरस्कार की जगह अर्जुन लाइफटाइम अवार्ड शुरू किया। 24 अक्टूबर को UN व विश्व पोलियो दिवस मनाया गया तथा श्री श्री रविशंकर फिजी के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए।
⭐ मुख्य बिंदु
- खेल मंत्रालय ने 2002 से जारी ‘ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार’ को समाप्त कर ‘अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम)’ शुरू किया।
- जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने वाले ग्रासरूट कोचों को अब प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार के दायरे में शामिल किया गया है।
- मौलाना अबुल कलाम आजाद (MAKA) ट्रॉफी में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के प्रदर्शन को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा।
- प्रत्येक वर्ष 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के लागू होने के उपलक्ष्य में ‘संयुक्त राष्ट्र दिवस’ मनाया जाता है।
- विश्व पोलियो दिवस 24 अक्टूबर को पोलियो टीके के खोजकर्ता डॉ. जोनास साल्क की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।
- वर्ष 2024 के लिए विश्व पोलियो दिवस की थीम ‘A Global Mission to Reach Every Child’ निर्धारित की गई।
- भारत को डब्ल्यूएचओ द्वारा 27 मार्च 2014 को आधिकारिक रूप से पोलियो मुक्त प्रमाणित किया गया था।
- आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को फिजी के राष्ट्रपति द्वारा देश के सर्वोच्च सम्मान ‘ऑनररी ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी’ से नवाजा गया।
प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, BPSC, SSC, Banking व Railways) के दृष्टिकोण से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कारों, खेल नीतियों और महत्वपूर्ण दिवसों से संबंधित हालिया घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की संरचना में ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। वहीं, 24 अक्टूबर को वैश्विक स्तर पर संयुक्त राष्ट्र दिवस और विश्व पोलियो दिवस मनाया गया तथा भारतीय आध्यात्मिक विभूति को अंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मान प्राप्त हुआ है।
1. राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों में सुधार: ध्यानचंद लाइफटाइम की जगह ‘अर्जुन अवार्ड (लाइफटाइम)’
क्या हुआ?
युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से बड़ा नीतिगत निर्णय लिया है। मंत्रालय ने वर्ष 2002 से दिए जा रहे ‘ध्यानचंद पुरस्कार फॉर लाइफटाइम अचीवमेंट इन स्पोर्ट्स एंड गेम्स’ को समाप्त कर इसके स्थान पर ‘अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम)’ [Arjuna Award (Lifetime)] शुरू करने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, खेल प्रतिभाओं को प्राथमिक स्तर पर तराशने वाले ग्रासरूट और डेवलपमेंटल स्तर के प्रशिक्षकों (Coaches) को भी अब प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए पात्र बनाया गया है। साथ ही, मौलाना अबुल कलाम आजाद (MAKA) ट्रॉफी की रैंकिंग में अब खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के प्रदर्शन को भी शामिल किया जाएगा।
पृष्ठभूमि
भारत में खेल पुरस्कारों को लेकर अक्सर श्रेणियों के बीच भ्रम की स्थिति रहती थी। देश का सर्वोच्च खेल सम्मान पहले ‘राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार’ था, जिसका नाम अगस्त 2021 में बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया गया था। वहीं, लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए ‘ध्यानचंद पुरस्कार’ भी मौजूद था। दोनों पुरस्कारों में महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद का नाम होने से आम जनता और खिलाड़ियों में भ्रम उत्पन्न होता था। इसी को युक्तिसंगत (Rationalise) बनाने के लिए लाइफटाइम उपलब्धि को अर्जुन पुरस्कार की छत्रछाया में लाते हुए ‘अर्जुन अवार्ड (लाइफटाइम)’ नाम दिया गया है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- अर्जुन पुरस्कार की स्थापना: वर्ष 1961 (पुरस्कार राशि: ₹15 लाख और कांस्य प्रतिमा)।
- मेजर ध्यानचंद खेल रत्न: स्थापना 1991-92 (प्रथम विजेता: विश्वनाथन आनंद, पुरस्कार राशि: ₹25 लाख)।
- द्रोणाचार्य पुरस्कार: वर्ष 1985 में स्थापित (उत्कृष्ट प्रशिक्षकों हेतु)। अब यह नियमित, लाइफटाइम और ग्रासरूट तीनों श्रेणियों के कोचों को सम्मानित करेगा।
- मौलाना अबुल कलाम आजाद (MAKA) ट्रॉफी: वर्ष 1956-57 में शुरू; यह अंतर-विश्वविद्यालय टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय को दी जाती है।
2. 24 अक्टूबर: संयुक्त राष्ट्र दिवस एवं विश्व पोलियो दिवस 2024
क्या हुआ?
प्रत्येक वर्ष 24 अक्टूबर को विश्व भर में दो अत्यंत महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दिवस—‘संयुक्त राष्ट्र दिवस’ (United Nations Day) और ‘विश्व पोलियो दिवस’ (World Polio Day) मनाए जाते हैं। वर्ष 2024 में विश्व पोलियो दिवस की आधिकारिक थीम ‘A Global Mission to Reach Every Child’ (प्रत्येक बच्चे तक पहुँचने का वैश्विक मिशन) रखी गई, जिसका उद्देश्य दुनिया के हर कोने से इस संक्रामक रोग का समूल नाश करना है।
पृष्ठभूमि एवं ऐतिहासिक संदर्भ
संयुक्त राष्ट्र चार्टर 24 अक्टूबर 1945 को आधिकारिक रूप से लागू हुआ था, जिसके उपलक्ष्य में 1948 से प्रतिवर्ष यह दिवस मनाया जाता है। 1971 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने संकल्प 2782 के तहत सदस्य देशों द्वारा इसे सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाने की अनुशंसा की थी। वहीं, 24 अक्टूबर को ही विश्व विकास सूचना दिवस (World Development Information Day) भी मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 1972 में हुई थी।
दूसरी ओर, विश्व पोलियो दिवस की स्थापना रोटरी इंटरनेशनल द्वारा पोलियो के विरुद्ध पहले सुरक्षित और प्रभावी टीके (इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन - IPV) का आविष्कार करने वाली टीम के नेतृत्वकर्ता डॉ. जोनास साल्क (Dr. Jonas Salk) की जयंती के सम्मान में की गई थी।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- पोलियो का कारक: पोलियोमाइलाइटिस एक अत्यंत संक्रामक विषाणु जनित (Viral) रोग है, जो मुख्य रूप से 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को प्रभावित करता है।
- टीकाकरण के प्रकार: जोनास साल्क ने 1955 में इंजेक्टेबल वैक्सीन (IPV) विकसित की, जबकि 1961 में अल्बर्ट साबिन (Albert Sabin) ने ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV) विकसित की।
- भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि: भारत में पोलियो का अंतिम मामला 13 जनवरी 2011 को हावड़ा (पश्चिम बंगाल) में दर्ज हुआ था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 27 मार्च 2014 को भारत सहित पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र को ‘पोलियो मुक्त’ प्रमाणित किया था।
- वैश्विक स्थिति: वर्तमान में वाइल्ड पोलियो वायरस केवल दो देशों—पाकिस्तान और अफगानिस्तान में स्थानिक (Endemic) बना हुआ है।
3. श्री श्री रविशंकर को फिजी का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
क्या हुआ?
प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्री श्री रविशंकर को प्रशांत महासागरीय द्वीप राष्ट्र फिजी के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑनररी ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी’ (Honorary Officer of the Order of Fiji) से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें फिजी के राष्ट्रपति रातू विलीयामे काटोनिवेरे द्वारा प्रदान किया गया।
पृष्ठभूमि
यह पुरस्कार श्री श्री रविशंकर को विश्व भर में शांति, मानवीय संवेदनाओं के उत्थान, विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव स्थापित करने और उनके वैश्विक सामाजिक कल्याणकारी कार्यों के लिए प्रदान किया गया है। उल्लेखनीय है कि फिजी ऐसा छठा देश बन गया है जिसने श्री श्री रविशंकर को अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय नागरिक सम्मान से अलंकृत किया है। इससे पहले कोलंबिया, मंगोलिया, पराग्वे सहित कई अन्य देश उन्हें सर्वोच्च सम्मान दे चुके हैं।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- फिजी की भौगोलिक एवं राजनीतिक स्थिति: फिजी दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है।
- राजधानी: सुवा (Suva) | मुद्रा: फिजी डॉलर (Fijian Dollar)।
- भारत-फिजी संबंध: फिजी की आबादी का एक बड़ा हिस्सा भारतीय मूल (गिरमिटिया मजदूरों के वंशज) के लोगों का है। भारत और फिजी के बीच प्रगाढ़ सांस्कृतिक और राजनयिक संबंध हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| अर्जुन पुरस्कार की स्थापना | वर्ष 1961 |
|---|---|
| द्रोणाचार्य पुरस्कार की स्थापना | वर्ष 1985 |
| संयुक्त राष्ट्र (UN) की स्थापना | 24 अक्टूबर 1945 (मुख्यालय: न्यूयॉर्क) |
| भारत पोलियो-मुक्त घोषित | 27 मार्च 2014 (WHO द्वारा) |
| पहला पोलियो टीका (IPV) | डॉ. जोनास साल्क (1955) |
| फिजी की राजधानी एवं मुद्रा | सुवा (राजधानी), फिजी डॉलर (मुद्रा) |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।
Q1 हाल ही में खेल मंत्रालय द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, ‘ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार’ का स्थान अब कौन-सा पुरस्कार लेगा?
Q2 प्रतिवर्ष 24 अक्टूबर को मनाया जाने वाला ‘विश्व पोलियो दिवस’ किस वैज्ञानिक की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता है?
Q3 विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा भारत को किस वर्ष आधिकारिक तौर पर ‘पोलियो मुक्त’ प्रमाणित किया गया था?
Q4 हाल ही में किस देश ने भारतीय आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ फिजी’ से सम्मानित किया है?
Q5 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र दिवस के साथ-साथ कौन-सा अन्य अंतरराष्ट्रीय दिवस भी मनाया जाता है?








