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सहकारी संघवाद पर 23वें विधि आयोग का सम्मेलन, उन्नत NMMS ऐप और 19वां UMI सम्मेलन

23वें विधि आयोग ने 'सिटिजन फ्रिक्शन टेस्ट' का प्रस्ताव रखा, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नया NMMS ऐप पेश किया और भुवनेश्वर में 19वां UMI सम्मेलन शुरू हुआ।

⭐ मुख्य बिंदु

  • 23वें विधि आयोग ने नई दिल्ली में 'सहकारी संघवाद और विधि सुधार' पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया।
  • कानूनों के प्रक्रियात्मक बोझ और लागत के मूल्यांकन के लिए 'सिटिजन फ्रिक्शन टेस्ट' का प्रस्ताव रखा गया।
  • केंद्रीय कानून मंत्री ने विधि सुधार के लिए चार प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय ने IIT मद्रास के सहयोग से विकसित नया व उन्नत NMMS ऐप लॉन्च किया।
  • उन्नत NMMS ऐप में एआई सत्यापन, डिवाइस-स्तरीय सुरक्षा और ऑफलाइन उपस्थिति की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
  • 19वां अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) सम्मेलन भुवनेश्वर, ओडिशा में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
  • UMI 2026 का केंद्रीय विषय 'डिजिटल युग में शहरी सुगम्यता और जीवंतता' निर्धारित किया गया।

1. सहकारी संघवाद और विधि सुधार पर 23वें विधि आयोग का राष्ट्रीय सम्मेलन

क्या हुआ: 23वें विधि आयोग ने नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में ‘सहकारी संघवाद और विधि सुधार: राष्ट्रीय एवं राज्य परिप्रेक्ष्य’ (Co-operative Federalism and Law Reforms: National and State Perspectives) विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन का उद्घाटन भारत के उपराष्ट्रपति ने किया। केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने विधि सुधारों के लिए चार प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। इसी मंच से विधि आयोग के अध्यक्ष ने कानूनों के समय, लागत और प्रक्रियात्मक जटिलता का आकलन करने के लिए ‘सिटिजन फ्रिक्शन टेस्ट’ (Citizen Friction Test) की अभिनव अवधारणा पेश की।

पृष्ठभूमि: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची के तहत केंद्र व राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है। बदलते सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में समवर्ती सूची (Concurrent List) और राज्य सूची के कई विषयों पर सुसंगत कानूनों की आवश्यकता महसूस की जाती रही है। विधि सुधार केवल केंद्रीय स्तर पर सीमित न रहकर राज्यों की वास्तविक प्रशासनिक आवश्यकताओं से जुड़ें, इसी उद्देश्य से केंद्रीय एवं राज्य विधि सुधार संस्थानों, न्यायविदों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच पर लाया गया।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु:

  • चार प्रमुख प्राथमिकताएँ: केंद्रीय विधि मंत्री द्वारा निरंतर संस्थागत संवाद, साक्ष्य-आधारित एवं सहभागी विधि सुधार, मानवीय निगरानी के साथ उन्नत तकनीक का उपयोग तथा नागरिक-केंद्रित विधिक डिजाइन (Citizen-Centric Legal Design) पर बल दिया गया।
  • सिटिजन फ्रिक्शन टेस्ट: यह विधिक ढांचा यह मापने का प्रयास करेगा कि किसी कानून अथवा नियम के अनुपालन में एक आम नागरिक को कितनी समय-हानि, आर्थिक लागत और प्रशासनिक अड़चनों का सामना करना पड़ता है।
  • संवैधानिक परिप्रेक्ष्य: भारतीय संघवाद की प्रकृति सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) है, जो ‘विकसित भारत’ के विजन को गति देने के लिए आवश्यक सुदृढ़ और न्यायसंगत कानूनी व्यवस्था की आधारशिला रखता है।

2. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने लॉन्च किया सुरक्षा-संवर्धित NMMS ऐप

क्या हुआ: केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण रोजगार योजनाओं में श्रमिकों की दैनिक उपस्थिति दर्ज करने हेतु राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (National Mobile Monitoring System - NMMS) का नया और अत्यधिक सुरक्षित संस्करण लॉन्च किया। इस उन्नत संस्करण को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) के तकनीकी सहयोग से तैयार किया गया है।

पृष्ठभूमि: ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए कार्यस्थल पर डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। पूर्व में दूरदराज के क्षेत्रों में कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी, ऐप से छेड़छाड़ (tampering) और फर्जी हाजिरी की चुनौतियों को देखते हुए एक सुदृढ़, छेड़छाड़-रोधी और व्यावहारिक तकनीक की जरूरत थी।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु:

  • उन्नत सुरक्षा तकनीक: नए संस्करण में डिवाइस-स्तरीय सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और ऐप छेड़छाड़-रोधी सुरक्षा प्रणाली जोड़ी गई है।
  • ऑफलाइन सुविधा: नेटवर्क विहीन सुदूर ग्रामीण अंचलों में यह ऐप ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज करने की अनुमति देता है, जो कनेक्टिविटी आने पर स्वतः सिंक हो जाती है।
  • अपवाद निवारण तंत्र: वास्तविक श्रमिकों को तकनीकी या कनेक्टिविटी त्रुटियों के कारण मजदूरी से वंचित न होना पड़े, इसके लिए विशेष 'एक्सेप्शन मैकेनिज्म' शामिल किया गया है।
  • प्रशासनिक प्रगति: इस अवसर पर जानकारी दी गई कि देश भर में लगभग 11 करोड़ फार्मर आईडी (Farmer IDs) तैयार करने के लक्ष्य के अत्यंत निकट पहुँच हासिल कर ली गई है।

3. भुवनेश्वर में 19वां अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) सम्मेलन और राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव

क्या हुआ: आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा ओडिशा सरकार के सहयोग से भुवनेश्वर में दो दिवसीय 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) सम्मेलन एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसके तुरंत बाद दूसरे राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव (National Urban Conclave) का भी आयोजन निर्धारित किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘डिजिटल युग में शहरी सुगम्यता और जीवंतता’ (Urban Accessibility and Liveability in Digital Age) रखा गया।

पृष्ठभूमि: तेजी से होते शहरीकरण के साथ भारतीय शहरों में सुगम, सुरक्षित, हरित और कुशल सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता निरंतर बढ़ रही है। 2006 की राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति (NUTP) के तहत शुरू हुआ यूएमआई सम्मेलन देश भर के नीति-निर्माताओं, मेट्रो रेल निगमों, शहरी नियोजकों और वैश्विक विशेषज्ञों को संवाद का मंच उपलब्ध कराता है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु:

  • प्रमुख विषय: UMI 2026 की थीम ‘डिजिटल युग में शहरी सुगम्यता और जीवंतता’ है, जबकि राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव की थीम ‘अर्बन राइजिंग – रीथिंकिंग अर्बन सिस्टम्स, सॉल्यूशंस एंड डिलीवरी’ है।
  • सतत विकास लक्ष्य (SDG): यह पहल SDG लक्ष्य 11 (संवहनीय शहर और समुदाय) तथा भारत के नेट-जीरो 2070 के लक्ष्यों के अनुरूप इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन और गैर-मोटर चालित परिवहन को बढ़ावा देती है।
  • शहरीकरण से जुड़े पहलू: सम्मेलन में एकीकृत टिकट प्रणाली (One Nation One Card), एआई-आधारित ट्रैफिक प्रबंधन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी जैसे आधुनिक समाधानों पर जोर दिया गया।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

23वें विधि आयोग के सम्मेलन का स्थलविज्ञान भवन, नई दिल्ली
सिटिजन फ्रिक्शन टेस्ट का उद्देश्यकानूनों के अनुपालन में समय, लागत व प्रक्रियात्मक बोझ का मूल्यांकन
NMMS ऐप का तकनीकी सहयोगीभारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras)
19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन का स्थलभुवनेश्वर, ओडिशा
UMI 2026 का मुख्य विषय (Theme)Urban Accessibility and Liveability in Digital Age
विधिक सुधार के 4 स्तंभसंस्थागत संवाद, साक्ष्य-आधारित सुधार, मानव निगरानी संग तकनीक, नागरिक-केंद्रित डिजाइन

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 हाल ही में 23वें विधि आयोग द्वारा आयोजित सम्मेलन में कानूनों की प्रक्रियात्मक जटिलता और आम जनता पर पड़ने वाले बोझ के मूल्यांकन के लिए किस अवधारणा का प्रस्ताव किया गया?

Q2 विधि आयोग द्वारा 'सहकारी संघवाद और विधि सुधार: राष्ट्रीय एवं राज्य परिप्रेक्ष्य' सम्मेलन कहाँ आयोजित किया गया?

Q3 ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कार्यस्थल पर श्रमिकों की पारदर्शी हाजिरी दर्ज करने वाले उन्नत NMMS ऐप को किस संस्थान के तकनीकी सहयोग से तैयार किया है?

Q4 19वां अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) सम्मेलन एवं प्रदर्शनी किस शहर में आयोजित किया गया?

Q5 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) सम्मेलन का मुख्य विषय (Theme) क्या था?

स्रोत