विज्ञान एवं तकनीक

अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के लिए ₹1,000 करोड़ का वीसी फंड और डीआरडीओ का रक्षा सुधार रोडमैप

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ₹1,000 करोड़ के वेंचर कैपिटल फंड को मंजूरी दी, जबकि पुणे में डीआरडीओ ने रक्षा अनुसंधान पुनर्गठन का रोडमैप प्रस्तुत किया।

⭐ मुख्य बिंदु

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने IN-SPACe के तहत ₹1,000 करोड़ के समर्पित स्पेस वेंचर कैपिटल फंड को मंजूरी दी।
  • यह फंड आगामी 5 वर्षों (2025-26 से 2029-30) में लगभग 40 अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को इक्विटी सहायता देगा।
  • फंड का उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स और बौद्धिक संपदा के विदेश पलायन को रोकना है।
  • डीआरडीओ डायरेक्टर्स कॉन्क्लेव का आयोजन आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ARDE), पुणे में हुआ।
  • सम्मेलन का मुख्य विषय ‘Transforming DRDO for Redefined Defence R&D’ रखा गया।
  • डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर जोर दिया।
  • सम्मेलन में पूर्व प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के. विजयराघवन समिति के सुधारों के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई।
  • डीएसटी ने विनिर्माण और रणनीतिक क्षेत्रों में ‘फिजिकल एआई’ और स्वायत्त रोबोटिक्स को बढ़ावा देने की योजना बनाई।

भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र में दो बड़े रणनीतिक नीतिगत कदम उठाए गए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) के तहत अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के विकास को गति देने के लिए ₹1,000 करोड़ के वेंचर कैपिटल (VC) फंड की स्थापना को स्वीकृति दी है। वहीं दूसरी ओर, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने पुणे में आयोजित निदेशकों के सम्मेलन में भविष्य के युद्धों के अनुकूल संगठनात्मक पुनर्गठन और ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ की रणनीति तय की है।

1. अंतरिक्ष क्षेत्र हेतु ₹1,000 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड

क्या हुआ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के वित्तपोषण के लिए ₹1,000 करोड़ के समर्पित वेंचर कैपिटल फंड को मंजूरी दी है। यह फंड IN-SPACe के तत्वावधान में संचालित होगा और इसे वित्त वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पांच वर्षों की अवधि में चरणबद्ध रूप से जारी किया जाएगा।

फंडिंग का ढांचा और प्रमुख प्रावधान

  • वार्षिक आवंटन: परियोजना की आवश्यकताओं और निवेश अवसरों के आधार पर प्रति वर्ष लगभग ₹150 करोड़ से ₹250 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
  • इक्विटी निवेश सीमा: ग्रोथ स्टेज (विकास चरण) की कंपनियों के लिए ₹10 करोड़ से ₹30 करोड़ और लेट-ग्रोथ स्टेज की कंपनियों के लिए ₹30 करोड़ से ₹60 करोड़ तक का इक्विटी निवेश प्रस्तावित है।
  • लक्षित उद्यम: इस कोष के माध्यम से लगभग 40 अग्रणी डीप-टेक और अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को वित्तीय संबल दिए जाने का लक्ष्य है।
  • पलायन रोकना: इसका प्रमुख उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष कंपनियों और बौद्धिक संपदा (IP) को घरेलू स्तर पर बनाए रखना है, ताकि उन्हें पूंजी की कमी के कारण विदेशों में मुख्यालय स्थानांतरित न करना पड़े।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

भारत वर्तमान में वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में लगभग 2 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है, जिसे वर्ष 2033 तक 8-10 प्रतिशत (लगभग 44 बिलियन डॉलर) तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह फंड ‘भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023’ के उद्देश्यों के अनुरूप निजी क्षेत्र को रॉकेट निर्माण, उपग्रह संचार और रिमोट सेंसिंग एनालिटिक्स में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करेगा।

2. डीआरडीओ डायरेक्टर्स कॉन्क्लेव: रक्षा R&D का पुनर्गठन

क्या हुआ?

आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ARDE), पुणे में दो दिवसीय DRDO डायरेक्टर्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत द्वारा किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘ट्रांसफॉर्मिंग डीआरडीओ फॉर रीडिफाइंड डिफेंस आरएंडडी’ (Transforming DRDO for Redefined Defence R&D) था।

प्रमुख निर्णय और रणनीतिक विमर्श

  • प्रोफेसर विजयराघवन समिति की सिफारिशें: रक्षा मंत्रालय द्वारा डीआरडीओ के पुनर्गठन और दक्षता सुधार के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई।
  • नेक्स्ट-जेन युद्ध प्रौद्योगिकियां: हाइपरसोनिक सिस्टम, निर्देशित ऊर्जा हथियार (DEWs), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम एन्क्रिप्शन और स्वायत्त मानव रहित प्लेटफॉर्म्स (UAVs) में स्वदेशी अनुसंधान में तेजी लाने पर बल दिया गया।
  • उद्योग और शिक्षा जगत की साझेदारी: डीआरडीओ प्रयोगशालाओं को केवल प्राथमिक अनुसंधान तक सीमित न रखकर उद्योग जगत के साथ विकास-सह-उत्पादन मॉडल (Development-cum-Production Partner - DcPP) पर कार्य करने का निर्देश दिया गया।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

डीआरडीओ की स्थापना 1958 में रक्षा बलों के तकनीकी आधार को मजबूत करने के लिए की गई थी। आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति में ‘असममित युद्ध’ (Asymmetric Warfare) और साइबर-इलेक्ट्रॉनिक खतरों से निपटने हेतु डीआरडीओ का यह संरचनात्मक सुधार भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण (थिएटर कमान संरचना और स्वदेशीकरण) में मील का पत्थर साबित होगा।

3. भौतिक AI और स्वायत्त प्रणालियों पर डीएसटी की नई पहल

क्या हुआ?

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने उभरती प्रौद्योगिकियों पर आयोजित सत्र में भारत को भौतिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Physical AI), साइबर-फिजिकल सिस्टम्स और एडवांस्ड रोबोटिक्स का वैश्विक केंद्र बनाने की रणनीति साझा की। विभाग ने प्रयोगशालाओं में विकसित मॉडल्स को विनिर्माण और कृषि क्षेत्र में वास्तविक अनुप्रयोगों में बदलने के लिए त्रिपक्षीय मॉडल (अकादमिक-उद्योग-स्टार्टअप) की रूपरेखा प्रस्तुत की।

पहल / मिशननोडल एजेंसीमुख्य उद्देश्य
अंतरिक्ष VC फंडIN-SPACe / DoS₹1,000 करोड़ से ~40 स्पेस स्टार्टअप्स को वित्तीय पोषण
रक्षा R&D सुधारDRDO / रक्षा मंत्रालयविजयराघवन समिति रिपोर्ट के तहत ढांचागत पुनर्गठन
राष्ट्रीय क्वांटम मिशनDSTक्वांटम कंप्यूटिंग, संचार और सुरक्षित नेटवर्किंग का विस्तार

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

अंतरिक्ष VC फंड का कुल कॉर्पस₹1,000 करोड़
फंड की परिचालन अवधि5 वर्ष (FY 2025-26 से 2029-30)
अंतरिक्ष VC फंड नियामकIN-SPACe (अंतरिक्ष विभाग)
डीआरडीओ की स्थापना वर्ष1958
वर्तमान डीआरडीओ अध्यक्षडॉ. समीर वी. कामत
ARDE का स्थानपुणे, महाराष्ट्र

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में अनुमोदित ₹1,000 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड किस संस्था के तत्वावधान में संचालित किया जाएगा?

Q2 अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए स्वीकृत ₹1,000 करोड़ के वेंचर कैपिटल फंड के तहत लगभग कितने स्टार्टअप्स को वित्तीय समर्थन मिलने का अनुमान है?

Q3 अक्टूबर में डीआरडीओ डायरेक्टर्स कॉन्क्लेव का आयोजन किस शहर में स्थित ‘आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ARDE)’ में किया गया?

Q4 डीआरडीओ के व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन और कार्यप्रणाली में सुधार हेतु सरकार ने किसकी अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित की थी?

Q5 भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 के संदर्भ में ‘IN-SPACe’ की प्राथमिक भूमिका क्या है?

स्रोत