निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का स्नातकों तक विस्तार और 264 नगर निकायों का विकास रोडमैप
बिहार सरकार ने निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार कर बेरोजगार स्नातकों को ₹1000 मासिक भत्ता देने और सभी 264 नगर निकायों के लिए सामाजिक अवसंरचना रोडमैप तैयार करने का निर्णय लिया है।
⭐ मुख्य बिंदु
- बिहार में मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार कला, विज्ञान व वाणिज्य के बेरोजगार स्नातकों तक किया गया।
- 20 से 25 वर्ष के पात्र स्नातकों को रोजगार खोज के दौरान 2 वर्षों तक ₹1,000 मासिक सहायता मिलेगी।
- योजना का लाभ लेने के लिए कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) का 240 घंटे का कौशल प्रशिक्षण पूरा करना आवश्यक है।
- बिहार के सभी 264 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के लिए सामाजिक बुनियादी ढांचा रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
- रोडमैप के तहत नगर निकायों में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल परिसर, पार्क और अपशिष्ट प्रबंधन का गैप एनालिसिस होगा।
- मंत्रिमंडल सचिवालय ने पूरी तरह पेपरलेस कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए 'ई-कैबिनेट' व्यवस्था लागू की।
- पटना में सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए चौथे ‘बिहार ग्रीन कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन हुआ।
1. मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना (MNSSBY) का स्नातकों तक विस्तार
बिहार सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय’ (Saat Nishchay) पहल के अंतर्गत संचालित ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ का दायरा बढ़ाते हुए राज्य के शिक्षित बेरोजगार स्नातकों को भी इसमें शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। पहले यह योजना केवल 12वीं (इंटरमीडिएट) पास युवाओं तक सीमित थी, लेकिन अब कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के स्नातक युवा भी इसका लाभ उठा सकेंगे।
क्या हुआ?
- मासिक वित्तीय सहायता: पात्र स्नातक युवाओं को रोजगार की तलाश और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान प्रति माह ₹1,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- अवधि: यह भत्ता अधिकतम 2 वर्ष (24 माह) की अवधि के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से बैंक खाते में दिया जाएगा।
- आयु सीमा: योजना का लाभ 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के उन युवाओं को मिलेगा जो उच्चतर औपचारिक शिक्षा में नामांकित नहीं हैं तथा किसी सरकारी, गैर-सरकारी या निजी रोजगार में संलग्न नहीं हैं।
- कौशल प्रशिक्षण की अनिवार्यता: योजना के लाभार्थियों को ‘कुशल युवा कार्यक्रम’ (KYP) के अंतर्गत 240 घंटे का बुनियादी कंप्यूटर, भाषा संवाद और सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।
पृष्ठभूमि व प्रशासनिक उद्देश्य
बिहार सरकार ने वर्ष 2016 में ‘आर्थिक हल, युवाओं को बल’ निश्चय के तहत इस योजना की शुरुआत की थी। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी या कौशल संवर्धन के दौरान ग्रामीण व अर्ध-शहरी युवाओं पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करना इसका मुख्य उद्देश्य है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- योजना का नाम: मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना (MNSSBY)।
- प्रारंभिक वर्ष: 2016 (सात निश्चय-1 के तहत)।
- क्रियान्वयन एजेंसी: योजना एवं विकास विभाग तथा बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM)।
- संबंधित योजना: कुशल युवा कार्यक्रम (KYP), जिसके तहत 3 महीने में 240 घंटे का मॉड्यूल (IT Literacy, Communication Skills, Soft Skills) कराया जाता है।
2. बिहार के सभी 264 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) हेतु सामाजिक बुनियादी ढांचा रोडमैप
बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग (UDHD) ने राज्य के सभी 264 शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) के संतुलित और समावेशी विकास के लिए एक व्यापक ‘डेवलपमेंट रोडमैप’ तैयार करने की योजना बनाई है।
प्रमुख प्रावधान एवं कार्ययोजना
- सामाजिक अवसंरचना का गैप एनालिसिस: इस रोडमैप के अंतर्गत सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गुणवत्तापूर्ण शहरी विद्यालय, सामुदायिक भवन, पार्क, खेल परिसर और सार्वजनिक पुस्तकालयों की उपलब्धता का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा।
- नागरिक जीवन की गुणवत्ता में सुधार: तीव्र गति से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management), सीवरेज नेटवर्क, सुरक्षित पेयजल और हरित सार्वजनिक स्थलों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।
- डेटा आधारित योजना: प्रत्येक निकाय की जनसंख्या घनत्व, भौगोलिक स्थिति और वर्तमान संसाधनों के आधार पर कस्टमाइज्ड मास्टर प्लान तैयार किए जाएंगे।
संवैधानिक व स्टैटिक संदर्भ (BPSC विशेष)
- 74वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992: इसके द्वारा संविधान में भाग IX-A और 12वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें नगरपालिकाओं के 18 कार्यात्मक विषय शामिल हैं।
- बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007: राज्य में शहरी निकायों के गठन, शक्तियों और कार्यों का नियमन इसी अधिनियम के तहत होता है।
- बिहार में शहरीकरण की स्थिति: 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में शहरीकरण दर केवल 11.3% थी, लेकिन हाल के वर्षों में नए निकायों के गठन और उन्नयन के बाद यह 15% से अधिक हो चुकी है।
3. बिहार 'ई-कैबिनेट' व्यवस्था और चौथा 'बिहार ग्रीन कॉन्क्लेव 2026'
प्रशासनिक पारदर्शिता और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार में दो महत्वपूर्ण पहलें सामने आई हैं:
- पूर्ण डिजिटल ई-कैबिनेट (e-Cabinet): मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने कैबिनेट बैठकों के एजेंडा, मेमो और पत्राचार को पूरी तरह पेपरलेस करने के लिए ई-कैबिनेट प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
- चौथा बिहार ग्रीन कॉन्क्लेव 2026: भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) द्वारा पटना में चौथे ‘बिहार ग्रीन कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन किया गया। इसका मुख्य विषय (Theme) ‘टुवर्ड्स अ ग्रीन ट्रिलियन: सस्टेनेबल बिल्ट एनवायरनमेंट फॉर विकसित बिहार’ था, जिसमें हरित भवनों और जलवायु-सक्षम शहरी नियोजन पर बल दिया गया।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| विस्तारित योजना | मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना (MNSSBY) |
|---|---|
| भत्ता राशि व अवधि | ₹1,000 प्रतिमाह, अधिकतम 2 वर्ष (24 माह) |
| स्नातक लाभार्थियों की आयु सीमा | 20 से 25 वर्ष |
| अनिवार्य प्रशिक्षण | कुशल युवा कार्यक्रम (240 घंटे) |
| शहरी स्थानीय निकायों की संख्या | 264 (ULBs) |
| संबंधित संवैधानिक प्रावधान | 74वां संविधान संशोधन (12वीं अनुसूची) |
| ग्रीन कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन स्थल | पटना (थीम: Towards a Green Trillion) |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 बिहार सरकार द्वारा विस्तारित 'मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना' के तहत स्नातक युवाओं के लिए कौन-सी आयु सीमा निर्धारित की गई है?
Q2 मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को किस कार्यक्रम का प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य है?
Q3 हाल ही में बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के कितने शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के लिए समग्र सामाजिक बुनियादी ढांचा विकास रोडमैप तैयार करने की घोषणा की है?
Q4 भारतीय संविधान की 12वीं अनुसूची में नगरपालिकाओं के लिए कुल कितने कार्यात्मक विषय (Functional Items) शामिल किए गए हैं?
Q5 पटना में आयोजित चौथे ‘बिहार ग्रीन कॉन्क्लेव 2026’ का मुख्य विषय (Theme) क्या था?







