एलएसी पर सत्यापन गश्त, भारत-रूस 100 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य और रायसीना डाउन अंडर
भारत-चीन सीमा पर सत्यापन गश्त शुरू, नई दिल्ली में भारत-रूस आयोग की 25वीं बैठक तथा कैनबरा में रायसीना डाउन अंडर संवाद के प्रमुख कूटनीतिक घटनाक्रम।
⭐ मुख्य बिंदु
- पूर्वी लद्दाख के डेपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में सैनिकों की वापसी पूरी होने के बाद भारत और चीन के बीच सत्यापन गश्त शुरू हुई।
- भारत और चीन ने 21 अक्टूबर 2024 के गश्त समझौते के आधार पर सीमावर्ती अग्रिम मोर्चों से अस्थायी ढांचे हटा लिए हैं।
- नई दिल्ली में आयोजित 25वें IRIGC-TEC सत्र में भारत और रूस ने 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को हासिल करने पर सहमति जताई।
- भारत और रूस ने द्विपक्षीय व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए राष्ट्रीय मुद्राओं में भुगतान और EAEU मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा की।
- ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में दूसरे ‘रायसीना डाउन अंडर’ भू-राजनीतिक मंच का आयोजन किया गया।
- कैनबरा में भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच एक विशेष त्रिपक्षीय विदेश मंत्रिस्तरीय संवाद आयोजित हुआ।
- विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में भारत के चौथे महावाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और द्विपक्षीय संबंधों के दृष्टिकोण से पिछले कुछ दिन अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चार वर्ष से अधिक समय से जारी सैन्य गतिरोध को हल करने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है। वहीं, भारत और रूस ने अपने आर्थिक रिश्तों को नई गति देते हुए 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर काम तेज कर दिया है। इसके अतिरिक्त, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए कैनबरा में ‘रायसीना डाउन अंडर’ का सफल आयोजन हुआ।
1. भारत-चीन सीमा: डेपसांग और डेमचोक में सैनिकों की वापसी के बाद ‘सत्यापन गश्त’ शुरू
क्या हुआ?
विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के दो प्रमुख गतिरोध बिंदुओं—डेपसांग मैदान (Depsang Plains) और डेमचोक (Demchok)—में दोनों पक्षों द्वारा सैनिकों की वापसी (Disengagement) पूरी करने के बाद पारस्परिक सहमति से ‘सत्यापन गश्त’ (Verification Patrolling) शुरू हो गई है। दोनों सेनाओं ने सीमावर्ती मोर्चों से अपने अस्थायी तंबू और बंकर हटा लिए हैं और सैनिकों को पूर्व निर्धारित स्थानों पर पीछे बुला लिया है।
पृष्ठभूमि
मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में चीनी घुसपैठ और गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच संबंध पिछले छह दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे। कूटनीतिक और सैन्य स्तर की मैराथन वार्ताओं के बाद 21 अक्टूबर 2024 को दोनों देशों ने गश्त व्यवस्था पर ऐतिहासिक समझौता किया। इसके तत्काल बाद रूस के कज़ान में आयोजित 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच पांच वर्षों में पहली औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसने सीमा पर शांति बहाली को गति दी।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- डेपसांग का रणनीतिक महत्व: डेपसांग मैदान भारत के सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हवाई ठिकाने दौलत बेग ओल्डी (DBO) और काराकोरम दर्रे के निकट स्थित है। यहां भारत को पेट्रोलिंग प्वाइंट (PP) 10, 11, 11A, 12 और 13 तक पहुंच पुनः हासिल होगी।
- विशेष प्रतिनिधि (SR) वार्ता तंत्र: दोनों देशों ने सीमा प्रश्न के स्थायी समाधान हेतु राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) स्तर के विशेष प्रतिनिधि तंत्र को पुनः सक्रिय करने पर सहमति जताई है।
- द्विपक्षीय संबंधों के तीन आधार: भारत ने स्पष्ट किया है कि संबंध ‘पारस्परिक सम्मान, पारस्परिक संवेदनशीलता और पारस्परिक हित’ के सिद्धांतों पर ही सामान्य हो सकते हैं।
2. भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC): 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर जोर
क्या हुआ?
नई दिल्ली में भारत-रूस व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) के 25वें सत्र की बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मांतुरोव ने की। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को तय समय से पहले हासिल करने के लिए साझा रोडमैप की समीक्षा की।
पृष्ठभूमि
IRIGC-TEC तंत्र की स्थापना 1992 के द्विपक्षीय समझौते के तहत हुई थी, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों का प्राथमिक संस्थागत मंच है। जुलाई 2024 में मॉस्को में 22वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने 2030 तक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया था। ऊर्जा और उर्वरक आयात के कारण वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार 65 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है, जिसे संतुलित करना दोनों पक्षों की प्राथमिकता है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- व्यापार संतुलन और गैर-ऊर्जा निर्यात: भारत ने रूस के बाजारों में भारतीय फार्मास्यूटिकल्स, कृषि उत्पाद, ऑटोमोबाइल पुर्जों और मशीनरी के लिए अधिक बाजार पहुंच (Market Access) की मांग की।
- कनेक्टिविटी गलियारे: वार्ता में अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC), चेन्नई-व्लादिवोस्तोक पूर्वी समुद्री गलियारा और उत्तरी समुद्री मार्ग (NSR) को क्रियाशील बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
- FTA वार्ता: भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ (EAEU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता को गति देने पर सहमति बनी।
- भुगतान तंत्र: पश्चिमी प्रतिबंधों के प्रभाव से बचने के लिए राष्ट्रीय मुद्राओं (रुपया-रूबल) और द्विपक्षीय वित्तीय मैसेजिंग तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
3. रायसीना डाउन अंडर 2024: कैनबरा में हिंद-प्रशांत सुरक्षा और त्रिपक्षीय संवाद
क्या हुआ?
ऑस्ट्रेलिया की संसद, कैनबरा में दूसरे ‘रायसीना डाउन अंडर’ (Raisina Down Under 2024) सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन भारत के ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) और ऑस्ट्रेलियन स्ट्रैटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट (ASPI) द्वारा दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के सहयोग से आयोजित किया गया। सम्मेलन के दौरान भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रियों का एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय सत्र भी आयोजित हुआ।
पृष्ठभूमि
रायसीना डायलॉग भारत का प्रमुख भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक सम्मेलन है। इसके अंतरराष्ट्रीय संस्करण के रूप में ‘रायसीना डाउन अंडर’ की शुरुआत हिंद-प्रशांत क्षेत्र की चुनौतियों पर साझा रणनीतिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से की गई है। इस यात्रा के दौरान भारतीय विदेश मंत्री ने क्वींसलैंड की राजधानी ब्रिस्बेन में भारत के चौथे महावाणिज्य दूतावास (Consulate General) का उद्घाटन भी किया।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- थीम और स्तंभ: सम्मेलन में हिंद-प्रशांत की भू-राजनीति, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) आपूर्ति श्रृंखला, सेमीकंडक्टर, समुद्री सुरक्षा, और हरित ऊर्जा संक्रमण पर चर्चा हुई।
- क्वाड और क्षेत्रीय संगठन: संवाद में आसियान (ASEAN), बिम्सटेक (BIMSTEC) और पैसिफिक आइलैंड्स फोरम (PIF) के साथ बहुपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया गया।
- ऑस्ट्रेलिया में भारतीय राजनयिक विस्तार: सिडनी, मेलबर्न और पर्थ के बाद ब्रिस्बेन में वाणिज्य दूतावास खुलने से व्यापार, शिक्षा और 10 लाख से अधिक प्रवासी भारतीयों को सीधी सहायता मिलेगी।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| IRIGC-TEC की स्थापना | वर्ष 1992 |
|---|---|
| भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य | 100 अरब अमेरिकी डॉलर (वर्ष 2030 तक) |
| रायसीना डाउन अंडर 2024 का स्थल | कैनबरा, ऑस्ट्रेलिया |
| एलएसी पर नवीनतम डिसइंगेजमेंट बिंदु | डेपसांग मैदान और डेमचोक |
| ऑस्ट्रेलिया में भारत का चौथा वाणिज्य दूतावास | ब्रिस्बेन |
| यूरेशियन आर्थिक संघ (EAEU) के सदस्य | 5 देश (रूस, बेलारूस, कजाकिस्तान, आर्मेनिया, किर्गिस्तान) |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 हाल ही में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर किन दो क्षेत्रों में सैनिकों की वापसी के बाद दोनों देशों द्वारा ‘सत्यापन गश्त’ (Verification Patrolling) शुरू की गई?
Q2 25वें भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) सत्र में दोनों देशों ने किस वर्ष तक 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य निर्धारित किया है?
Q3 भारत के प्रतिष्ठित भू-राजनीतिक मंच ‘रायसीना डायलॉग’ का विदेशी संस्करण ‘रायसीना डाउन अंडर 2024’ किस शहर में आयोजित किया गया?
Q4 हाल ही में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया के किस शहर में भारत के नए (चौथे) महावाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया?
Q5 ‘अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा’ (INSTC) भारत को मुख्य रूप से किस देश और क्षेत्र से जोड़ने वाला बहु-मॉडल मालवहन नेटवर्क है?







