वित्तीय बाज़ारों हेतु RBI की 'TCCFM' समिति गठित और सेवा PMI उछलकर 55.8 पर पहुँचा
आरबीआई ने वित्तीय बाज़ारों के लिए तकनीकी परामर्शदात्री समिति गठित की। वहीं अक्टूबर में भारत का सेवा PMI चार महीने के उच्च स्तर 55.8 पर दर्ज हुआ।
⭐ मुख्य बिंदु
- आरबीआई ने वित्तीय बाज़ारों की तरलता और बुनियादी ढाँचे के लिए तकनीकी परामर्शदात्री समिति (TCCFM) गठित की।
- समिति की अध्यक्षता रिज़र्व बैंक के डिप्टी गवर्नर रोहित जैन करेंगे और इसमें सात बाह्य सदस्य शामिल हैं।
- TCCFM सरकारी प्रतिभूतियों, मुद्रा बाज़ार, फॉरेक्स और डेरिवेटिव्स के विनियामक ढाँचे पर परामर्श देगी।
- अक्टूबर 2026 में एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई बढ़कर 55.8 दर्ज हुआ, जो 4 महीने का उच्चतम स्तर है।
- भारत का कंपोजिट पीएमआई सूचकांक भी सितंबर के 55.9 से उछलकर अक्टूबर में 56.2 पर पहुँचा।
- भारतीय सेवा क्षेत्र का विस्तार लगातार 63 महीनों से 50 अंक के स्तर से ऊपर बना हुआ है।
- एनबीएफसी खाता एग्रीगेटर इंटरऑपरेबिलिटी और डिमैट CAS में बैंक जमा समावेशन 31 दिसंबर 2026 तक लागू होगा।
भारतीय वित्तीय और व्यापक आर्थिक परिदृश्य में दो महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। एक ओर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश के मुद्रा, बॉन्ड और विदेशी मुद्रा बाज़ारों की तरलता, दक्षता और बुनियादी ढाँचे की समीक्षा के लिए वित्तीय बाज़ार तकनीकी परामर्शदात्री समिति (TCCFM) का गठन किया है। वहीं दूसरी ओर, अनुकूल घरेलू माँग और घटते लागत दबाव के दम पर अक्टूबर 2026 में एचएसबीसी इंडिया सेवा PMI (HSBC India Services PMI) चार महीने के उच्चतम स्तर 55.8 पर पहुँच गया है।
1. वित्तीय बाज़ार तकनीकी परामर्शदात्री समिति (TCCFM) का गठन
क्या हुआ?
भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय बाज़ार विनियमन विभाग (FMRD) के प्रभारी डिप्टी गवर्नर रोहित जैन की अध्यक्षता में ‘टेक्निकल कंसल्टेटिव कमेटी फॉर फाइनेंशियल मार्केट्स’ (TCCFM) के गठन की औपचारिक अधिसूचना जारी की। इस उच्च-स्तरीय समिति में वित्तीय बाज़ार, बैंकिंग और अकादमिक जगत के 7 बाह्य विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इनमें सेबी के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य प्रो. अनंत नारायण, फिमडा (FIMMDA) के अध्यक्ष व एसबीआई के उप प्रबंध निदेशक शमशेर सिंह, एक्सिस बैंक के कार्यकारी निदेशक नीरज गंभीर, आईसीआईसीआई बैंक के शैलेंद्र झिंगन, सिटीबैंक के आदित्य बागरी, सीसीआईएल के प्रबंध निदेशक नंद किशोर और मॉर्गन स्टेनली के रिधम देसाई शामिल हैं।
पृष्ठभूमि व संदर्भ शर्तें (Terms of Reference)
आरबीआई ने 7 अक्टूबर 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीति वक्तव्य में इस समिति के गठन की घोषणा की थी। समिति की बैठक प्रति तिमाही कम से कम एक बार आयोजित होगी। समिति के मुख्य दायित्व निम्नलिखित हैं:
- बाज़ार तरलता व दक्षता: मुद्रा बाज़ार (Money Market), सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs), विदेशी मुद्रा (Forex) और ब्याज दर डेरिवेटिव बाज़ारों की तरलता और मजबूती का आकलन करना।
- बाज़ार अवसंरचना: ट्रेडिंग, क्लियरिंग (समाशोधन), सेटलमेंट और रिपोर्टिंग प्रणालियों तथा क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCIL) से जुड़े विनियामक ढाँचे का विश्लेषण।
- उभरते जोखिम: वैश्विक वित्तीय उथल-पुथल, तकनीकी नवाचारों और अनपेक्षित बाज़ार घर्षणों (Market Frictions) की पहचान कर नीतिगत समाधान सुझाना।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- FMRD: वित्तीय बाज़ार विनियमन विभाग रिज़र्व बैंक का वह विभाग है जो वित्तीय बाज़ार के उपकरणों और सहभागियों के नियमों का निर्धारण करता है।
- स्थिरता का महत्व: बाज़ार प्रतिभागियों के साथ नियमित परामर्श से नीतिगत निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
2. अक्टूबर 2026 में भारत का सेवा PMI चार महीने के उच्च स्तर पर
क्या हुआ?
एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) द्वारा जारी सर्वेक्षण के अनुसार, एचएसबीसी इंडिया सेवा व्यवसाय गतिविधि सूचकांक (Services PMI) सितंबर के 55.2 से सुधरकर अक्टूबर में 55.8 पर दर्ज हुआ। यह सेवा क्षेत्र में पिछले चार महीनों का सबसे तेज़ विस्तार है। इसके साथ ही विनिर्माण और सेवा दोनों को मिलाकर बना ‘कंपोजिट पीएमआई’ (Composite PMI) भी 55.9 से बढ़कर 56.2 हो गया है।
प्रमुख चालक व प्रवृत्तियाँ
- लगातार विस्तार: भारतीय सेवा क्षेत्र का पीएमआई लगातार 63वें महीने 50 के तटस्थ स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो निरंतर विस्तार (Expansion) का संकेत है।
- माँग एवं नए ऑर्डर: घरेलू बाज़ार में ग्राहकों की मजबूत माँग, नए व्यावसायिक अनुबंधों और प्रभावी विपणन अभियानों के कारण नए ऑर्डरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वित्त और बीमा (Finance & Insurance) उप-क्षेत्र का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा।
- लागत दबाव में कमी: इनपुट लागत मुद्रास्फीति में भारी नरमी आई है, जिससे कंपनियों पर मूल्य वृद्धि का दबाव कम हुआ और आउटपुट चार्ज में वृद्धि की दर धीमी रही।
- रोज़गार परिदृश्य: सेवा क्षेत्र में रोज़गार वृद्धि जून के बाद के सबसे धीमे स्तर पर रही, जिसका मुख्य कारण मौजूदा कर्मचारियों की पर्याप्त क्षमता का होना है।
PMI का आर्थिक महत्व (Static GK)
परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) एक सर्वेक्षण-आधारित आर्थिक संकेतक है। इसमें 50 से ऊपर का अंक विस्तार, 50 से नीचे संकुचन (Contraction), और ठीक 50 अपरिवर्तित स्थिति को दर्शाता है। भारतीय सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में सेवा क्षेत्र का योगदान 54% से अधिक है, अतः सेवाओं का यह उछाल दूसरी तिमाही के बाद समग्र जीडीपी वृद्धि को गति देने का स्पष्ट संकेत है।
3. खाता एग्रीगेटर (NBFC-AA) और समेकित खाता विवरण (CAS) सुधार
आरबीआई और सेबी ने वित्तीय उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए संयुक्त नियामक सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-अकाउंट एग्रीगेटर्स (NBFC-AAs) के मध्य पूर्ण इंटरऑपरेबिलिटी लागू की जा रही है। साथ ही, सेबी-विनियमित डिपॉजिटरीज़ (NSDL/CDSL) को एनबीएफसी-एए के माध्यम से डिमैट खाताधारकों के ‘कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट’ (CAS) में बैंक सावधि व चालू जमा विवरण को शामिल करने की अनुमति दी गई है। यह व्यवस्था 31 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी, जिससे वित्तीय पारदर्शिता और ऋण मूल्यांकन में सुगमता आएगी।
प्रमुख संकेतकों की तुलना
| सूचक / घटक | अक्टूबर 2026 मान | सितंबर 2026 मान | संकेत / प्रभाव |
|---|---|---|---|
| सेवा पीएमआई (Services PMI) | 55.8 | 55.2 | 4 महीने का उच्च स्तर (मजबूत विस्तार) |
| कंपोजिट पीएमआई (Composite PMI) | 56.2 | 55.9 | समग्र निजी क्षेत्र उत्पादन में तेज़ वृद्धि |
| TCCFM समिति अध्यक्ष | रोहित जैन (डिप्टी गवर्नर) | - | मुद्रा व बॉन्ड बाज़ार अवसंरचना सुदृढ़ीकरण |
| एकाउंट एग्रीगेटर पूर्ण क्रियान्वयन | 31 दिसंबर 2026 लक्ष्य | - | डिमैट व बैंक जमा का एकीकृत वित्तीय डेटा |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| TCCFM समिति अध्यक्ष | रोहित जैन (डिप्टी गवर्नर, RBI) |
|---|---|
| TCCFM के बाह्य सदस्यों की संख्या | 7 सदस्य |
| सेवा पीएमआई (अक्टूबर 2026) | 55.8 |
| कंपोजिट पीएमआई (अक्टूबर 2026) | 56.2 |
| PMI विस्तार की सीमा (Threshold) | 50 से अधिक अंक |
| भारतीय जीडीपी में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी | लगभग 54.7% |
| NBFC-AA इंटरऑपरेबिलिटी की अंतिम तिथि | 31 दिसंबर 2026 |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा नवगठित ‘वित्तीय बाज़ार तकनीकी परामर्शदात्री समिति’ (TCCFM) की अध्यक्षता किसके द्वारा की जा रही है?
Q2 एसएंडपी ग्लोबल के सर्वेक्षण के अनुसार अक्टूबर 2026 में भारत का सेवा पीएमआई (Services PMI) कितना दर्ज किया गया?
Q3 परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
Q4 आरबीआई की TCCFM समिति के विचारार्थ विषयों (Terms of Reference) में कौन-सा क्षेत्र शामिल है?
Q5 सेबी विनियमित डिपॉजिटरीज़ द्वारा CAS में बैंक जमा जोड़ने और अकाउंट एग्रीगेटर्स की इंटरऑपरेबिलिटी की समयसीमा क्या है?







