बिहार विशेष

पटना पुनर्विकास के लिए NBCC से ₹5,152 करोड़ का करार, बनेगा पहला टेक पार्क व UPYOG पोर्टल शुरू

बिहार सरकार ने पटना में ₹5,152 करोड़ की पुनर्विकास परियोजनाओं हेतु NBCC के साथ समझौता किया है, साथ ही UPYOG पोर्टल और नदियों के बाढ़ क्षेत्र अध्ययन को मंजूरी दी गई।

⭐ मुख्य बिंदु

  • NBCC (इंडिया) लिमिटेड और बिहार सरकार के बीच पटना में ₹5,152 करोड़ के चार प्रमुख पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स हेतु समझौता हुआ।
  • पटना के गर्दनीबाग में बिहार का पहला समर्पित आईटी टेक पार्क स्थापित किया जाएगा।
  • पुनर्विकास परियोजना के तहत बहादुरपुर और सेक्टर-5 टीवी टावर क्षेत्र में कुल 3,331 बहुमंजिला आवासीय फ्लैट्स बनेंगे।
  • यह संपूर्ण परियोजना स्व-वित्तीय (Self-Financing) मॉडल पर आधारित होगी, जिसमें राज्य सरकार पर बजटीय भार नहीं पड़ेगा।
  • राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन के तहत बिहार के सभी नगर निकायों के लिए 'UPYOG' पोर्टल शुरू किया गया।
  • जल संसाधन विभाग ने कोसी, गंडक और सोन नदियों के बाढ़ क्षेत्र अध्ययन (Flood Plain Mapping) हेतु NIH रुड़की से करार किया।
  • बाढ़ अध्ययन का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक नदी प्रबंधन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मानव व संपत्ति के नुकसान को कम करना है।

बिहार में शहरी अवसंरचना, आधुनिक प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में दूरगामी प्रभाव वाले नीतिगत निर्णय लिए गए हैं। राजधानी पटना के सुनियोजित कायाकल्प के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के नवरत्न उपक्रम NBCC (इंडिया) लिमिटेड के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही राज्य के सभी नगर निकायों में पारदर्शी व त्वरित नागरिक सेवाएँ मुहैया कराने हेतु 'उपयोग' (UPYOG) पोर्टल का लोकार्पण किया गया है तथा प्रमुख नदियों के वैज्ञानिक बाढ़ प्रबंधन हेतु राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के साथ तकनीकी साझेदारी को अंतिम रूप दिया गया है।

पटना पुनर्विकास परियोजना: NBCC के साथ ₹5,152 करोड़ का ऐतिहासिक समझौता

क्या हुआ?

बिहार सरकार के विभिन्न विभागों और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम NBCC (इंडिया) लिमिटेड के बीच पटना पुनर्विकास परियोजना (चरण-1) के क्रियान्वयन हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

  • कुल अनुमानित बिक्री/पट्टा राजस्व: लगभग ₹5,152 करोड़।
  • परियोजना निर्माण लागत: लगभग ₹2,000 करोड़ (जीएसटी अतिरिक्त)।
  • मॉडल: पूर्णतः स्व-वित्तीय मॉडल (Self-Financing Basis), जिसके तहत राज्य सरकार के खजाने पर कोई प्रत्यक्ष बजटीय भार नहीं पड़ेगा।
  • भूमि का रकबा व रोजगार: लगभग 34.34 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इन परियोजनाओं से 40,000 से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है।

परियोजना के चार प्रमुख घटक

  1. बिहार का पहला आईटी टेक पार्क (गर्दनीबाग, पटना): सूचना प्रावैधिकी विभाग (DIT) की पहल पर गर्दनीबाग में अत्याधुनिक टेक पार्क स्थापित होगा, जो वैश्विक आईटी/आईटीईएस (IT/ITeS) कंपनियों, स्टार्टअप्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) को आकर्षित करेगा।
  2. आवासीय पुनर्विकास (सेक्टर-5, टीवी टावर): बिहार राज्य आवास बोर्ड (BSHB) की 8.5 एकड़ भूमि पर ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी श्रेणियों के लिए आधुनिक बहुमंजिला आवास।
  3. आवासीय पुनर्विकास (सेक्टर-6, बहादुरपुर): आवास बोर्ड की भूमि का आधुनिकीकरण, दोनों आवासीय परियोजनाओं को मिलाकर कुल 3,331 फ्लैट्स तथा सामुदायिक केंद्र, जिम व क्लब हाउस का निर्माण होगा।
  4. होटल एवं वाणिज्यिक हब (बेली रोड): जल संसाधन विभाग के बेली रोड स्थित परिसर में आधुनिक होटल, निरीक्षण भवन और प्रीमियम वाणिज्यिक परिसंपत्तियों का विकास।

पृष्ठभूमि एवं नीतिगत जुड़ाव

यह परियोजना बिहार आईटी नीति-2024 और बिहार जीसीसी नीति-2026 के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर है। राज्य से प्रतिभा पलायन (Brain Drain) रोकने तथा सरकारी भूमि के मूल्य संवर्धन (Land Monetization) हेतु कैबिनेट ने नामांकन के आधार पर NBCC का चयन किया है।

नगरीय सेवाओं का डिजिटलीकरण: 'उपयोग' (UPYOG) पोर्टल का शुभारंभ

क्या हुआ?

बिहार के सभी नगर निकायों (Urban Local Bodies) के लिए राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (NUDM) के अंतर्गत विकसित एकीकृत 'उपयोग' (UPYOG - Urban Platform for Delivery of Online Governance) पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

मुख्य विशेषताएँ एवं नागरिक लाभ

  • एकल खिड़की प्रणाली: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, ट्रेड लाइसेंस (व्यापार अनुज्ञप्ति), होल्डिंग टैक्स/संपत्ति कर भुगतान और जल संयोजन जैसी दैनिक नागरिक सुविधाएँ अब पूरी तरह ऑनलाइन, फेसलेस और समयबद्ध मिलेंगी।
  • ऑनलाइन भवन निर्माण स्वीकृति (OBPAS): डिजिटल मानचित्र अनुमोदन और प्रमाणन प्रक्रिया से लालफीताशाही और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
  • पारदर्शिता और राजस्व निगरानी: सभी 261 से अधिक शहरी स्थानीय निकायों का वित्तीय व प्रशासनिक डेटा वास्तविक समय (Real-Time) पर राज्य मुख्यालय से ट्रैक किया जा सकेगा।

कोसी, गंडक और सोन नदियों का 'फ्लड प्लेन ज़ोनिंग स्टडी'

क्या हुआ?

बिहार मंत्रिमंडल ने गंगा की प्रमुख सहायक नदियों—कोसी, गंडक और सोन के तटीय क्षेत्रों में वैज्ञानिक बाढ़ प्रबंधन हेतु 'फ्लड प्लेन ज़ोन डिलीनिएशन स्टडी' (बाढ़ मैदान क्षेत्र निर्धारण अध्ययन) को मंजूरी प्रदान की है।

  • तकनीकी संस्थान: यह अध्ययन केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के शीर्ष अनुसंधान संस्थान राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की द्वारा किया जाएगा।
  • अनुमोदित लागत: ₹1.99 करोड़।
  • अध्ययन का उद्देश्य: उच्च रिज़ॉल्यूशन मैपिंग के माध्यम से बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान, बफर ज़ोन का निर्धारण, गाद (Silt) जमाव का विश्लेषण और अनियंत्रित निर्माण पर रोक लगाकर जन-धन की क्षति को न्यूनतम करना।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

परियोजना / पहलनोडल विभाग / एजेंसीप्रमुख परीक्षा तथ्य
पटना पुनर्विकास (फेज-1)NBCC & नगर विकास विभाग₹5,152 करोड़ मूल्य, 3,331 आवास, गर्दनीबाग में प्रथम आईटी पार्क
UPYOG पोर्टलनगर विकास एवं आवास विभाग (UDHD)नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन (NUDM) के तहत पूर्णतः डिजिटल नागरिक सेवाएँ
फ्लड प्लेन मैपिंगजल संसाधन विभाग व NIH रुड़कीकोसी, गंडक एवं सोन नदियों के बाढ़ बेसिन का वैज्ञानिक सीमांकन
संपादकीय दृष्टिकोण: बिहार सरकार का स्व-वित्तीय मॉडल पर बुनियादी ढांचा तैयार करना और ई-गवर्नेंस को अंतिम नगर निकाय तक ले जाना यह दर्शाता है कि राज्य अब केवल पारंपरिक योजनाओं पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक वित्तीय और तकनीकी उपकरणों को शासन का आधार बना रहा है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

पटना पुनर्विकास परियोजना मूल्य₹5,152 करोड़ (निर्माण लागत ₹2,000 करोड़)
कार्यान्वयन एजेंसीNBCC (इंडिया) लिमिटेड (नवरत्न CPSE)
राज्य का पहला आईटी टेक पार्कगर्दनीबाग, पटना
निर्मित होने वाले आवास3,331 फ्लैट्स (EWS, LIG, MIG, HIG)
नगरीय डिजिटल सेवा पोर्टलUPYOG (अर्बन प्लेटफॉर्म फॉर डिलीवरी ऑफ ऑनलाइन गवर्नेंस)
बाढ़ मैदान अध्ययन संस्थानराष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 हाल ही में बिहार सरकार ने पटना में ₹5,152 करोड़ की पुनर्विकास परियोजनाओं हेतु किस नवरत्न सीपीएसई (CPSE) के साथ समझौता किया है?

Q2 बिहार का पहला समर्पित 'आईटी टेक पार्क' (IT Tech Park) राजधानी पटना के किस इलाके में विकसित किया जा रहा है?

Q3 राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (NUDM) के अंतर्गत बिहार के सभी नगर निकायों में नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने हेतु कौन-सा पोर्टल लॉन्च किया गया?

Q4 बिहार जल संसाधन विभाग ने किन तीन नदियों के 'फ्लड प्लेन ज़ोन डिलीनिएशन स्टडी' हेतु NIH रुड़की के साथ ₹1.99 करोड़ का करार किया है?

Q5 पटना पुनर्विकास परियोजना के अंतर्गत कुल कितने आवासीय फ्लैट्स का निर्माण समाज के विभिन्न वर्गों (EWS, LIG, MIG, HIG) के लिए किया जाएगा?

स्रोत