नीति आयोग का ‘इंडिया एसएंडटी स्कोरबोर्ड’ और इसरो का ऐतिहासिक ‘स्पाडेक्स’ मिशन
नीति आयोग ने राज्यों में शोध व नवाचार की निगरानी हेतु ‘इंडिया एसएंडटी स्कोरबोर्ड’ लॉन्च किया। वहीं इसरो के स्वायत्त डॉकिंग मिशन ‘स्पाडेक्स’ ने अंतरिक्ष अभियानों की नई नींव रखी।
⭐ मुख्य बिंदु
- नीति आयोग ने राज्यों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिदृश्य की निगरानी हेतु ‘इंडिया एसएंडटी स्कोरबोर्ड’ लॉन्च किया।
- इंडिया एसएंडटी स्कोरबोर्ड 2024-25 के अनुसार तमिलनाडु शोध प्रकाशनों और पेटेंट आवेदनों दोनों में देश में शीर्ष पर रहा।
- शोध प्रकाशनों में तमिलनाडु के बाद उत्तर प्रदेश दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहे।
- पेटेंट फाइलिंग के मामले में तमिलनाडु के बाद महाराष्ट्र दूसरे तथा कर्नाटक तीसरे स्थान पर रहे।
- इसरो के उपग्रह 'स्पाडेक्स' (SpaDeX) ने 21 महीनों के सफल संचालन के बाद वायुमंडलीय री-एंट्री पूरी की।
- स्पाडेक्स मिशन के माध्यम से भारत अंतरिक्ष में स्वायत्त डॉकिंग करने वाला विश्व का चौथा देश बना।
- स्पाडेक्स तकनीक भारत के आगामी चंद्रयान-4 लूनर सैंपल रिटर्न और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) के लिए आधारभूत है।
भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिदृश्य में दो अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। नीति आयोग ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अनुसंधान, नवाचार और बौद्धिक संपदा के मूल्यांकन के लिए पहला ‘इंडिया एसएंडटी स्कोरबोर्ड’ (India S&T Scoreboard) पेश किया है। दूसरी ओर, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के ऐतिहासिक ‘स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट’ (SpaDeX) मिशन ने लगभग 21 महीनों के सफल कक्षीय परिचालन के बाद पृथ्वी के वायुमंडल में सुरक्षित री-एंट्री पूरी कर ली है। यह उपलब्धि भारत के भावी मानव अंतरिक्ष मिशन और स्पेस स्टेशन निर्माण की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।
नीति आयोग का ‘इंडिया एसएंडटी स्कोरबोर्ड’: राज्यवार नवाचार का एकीकृत तंत्र
क्या हुआ?
नीति आयोग द्वारा नई दिल्ली स्थित सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट (CSOI) में ‘इंडिया एसएंडटी स्कोरबोर्ड’ (पोर्टल: sts.niti.gov.in) आधिकारिक तौर पर जारी किया गया। इस इंटरैक्टिव डिजिटल प्लेटफॉर्म का अनावरण नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। इस डैशबोर्ड का प्राथमिक उद्देश्य साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (Evidence-based Policymaking) को बढ़ावा देना और राज्यों के मध्य स्वस्थ प्रतिस्पर्धी संघवाद (Competitive Federalism) विकसित करना है।
स्कोरबोर्ड के प्रमुख निष्कर्ष एवं रैंकिंग
- अनुसंधान प्रकाशन (Research Publications): वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु 44,611 शोध प्रकाशनों के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद उत्तर प्रदेश (29,298 प्रकाशन) दूसरे तथा महाराष्ट्र (28,947 प्रकाशन) तीसरे स्थान पर रहे। कर्नाटक और दिल्ली क्रमशः चौथे व पांचवें स्थान पर रहे।
- पेटेंट फाइलिंग (Patent Applications): पेटेंट आवेदन दाखिल करने में भी तमिलनाडु 16,048 पेटेंट आवेदनों के साथ पहले स्थान पर रहा। महाराष्ट्र (8,567 पेटेंट) दूसरे और कर्नाटक (8,413 पेटेंट) तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद उत्तर प्रदेश व तेलंगाना का स्थान रहा।
- इंटीग्रेटेड डेटा फ्रेमवर्क: यह स्कोरबोर्ड केवल शोध पत्रों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उच्च शिक्षण संस्थानों, आरएंडडी प्रयोगशालाओं, डीप-टेक स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटरों, उद्धरणों (Citations) और उद्योग-अकादमिक सहयोग की गुणवत्ता का भी विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- साक्ष्य आधारित आवंटन: यह प्रणाली राज्यों को अनुसंधान और विकास (R&D) में अपने बजट आवंटन की पहचान करने और लक्षित सुधार लागू करने में सक्षम बनाती है।
- राष्ट्रीय विज्ञान सूचकांकों से जुड़ाव: भारत वैश्विक नवाचार सूचकांक (Global Innovation Index) में शीर्ष 40 देशों में शामिल हो चुका है तथा शोध प्रकाशनों में विश्व स्तर पर तीसरे स्थान पर है। राज्य-स्तरीय स्कोरबोर्ड इस राष्ट्रीय प्रगति को विकेंद्रीकृत गति प्रदान करेगा।
इसरो का ‘स्पाडेक्स’ (SpaDeX) मिशन: स्वायत्त डॉकिंग से अंतरिक्ष स्टेशन की ओर
क्या हुआ?
इसरो के स्पेस डॉकिंग प्रयोग (SpaDeX) के दो उपग्रहों—SDX01 (चेज़र) और SDX02 (टारगेट)—ने अपने सभी वैज्ञानिक व तकनीकी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद पृथ्वी के वायुमंडल में नियंत्रित री-एंट्री की। लगभग 21 महीनों तक अंतरिक्ष में सक्रिय रहने के बाद इस मिशन का औपचारिक समापन हुआ, जिसने भारत को अंतरिक्ष में जटिल डॉकिंग तकनीक प्रदर्शित करने वाला दुनिया का केवल चौथा देश (अमेरिका, रूस और चीन के बाद) बना दिया।
स्पाडेक्स मिशन की प्रमुख उपलब्धियां
- स्वायत्त डॉकिंग व अनडॉकिंग: दिसंबर 2024 में ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV-C60) द्वारा प्रक्षेपित इस मिशन ने कक्षा में दो पृथक उपग्रहों को मिलीमीटर्स की सटीकता के साथ आपस में जोड़ने (Autonomous Docking) और उन्हें सुरक्षित अलग करने की क्षमता प्रमाणित की।
- इन-ऑर्बिट पावर ट्रांसफर: स्पाडेक्स ने अंतरिक्ष में डॉक किए गए उपग्रहों के बीच विद्युत ऊर्जा और डेटा के सफल द्विदिशीय (Bi-directional) हस्तांतरण का भी प्रदर्शन किया।
- देसी तकनीक का प्रदर्शन: इसमें लो-इम्पैक्ट एंड्रोजिनस पेरिफेरल डॉकिंग मैकेनिज्म तथा अत्याधुनिक इंटर-सैटेलाइट कम्युनिकेशन लिंक का उपयोग किया गया।
भावी अभियानों पर प्रभाव
| मिशन का नाम | स्पाडेक्स तकनीक की उपयोगिता | लक्ष्य वर्ष |
|---|---|---|
| चंद्रयान-4 (Chandrayaan-4) | चंद्रमा की सतह से नमूने एकत्रित कर पृथ्वी पर लाने हेतु चंद्र कक्षा में मॉड्यूल डॉकिंग | 2028 |
| भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) | विभिन्न कक्षीय मॉड्यूल को जोड़कर स्थायी स्पेस स्टेशन का निर्माण व संचालन | 2035 |
| गगनयान (Gaganyaan) | मानव अंतरिक्ष यान के आपातकालीन बचाव, पुनः आपूर्ति और इन-स्पेस सर्विसिंग | चालू चरण |
निष्कर्ष
नीति आयोग का ‘इंडिया एसएंडटी स्कोरबोर्ड’ जहां धरातल पर राज्यों के भीतर अनुसंधान व बौद्धिक संपदा के बुनियादी ढांचे को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बना रहा है, वहीं इसरो का ‘स्पाडेक्स’ मिशन भारत को गहन अंतरिक्ष अन्वेषण और संप्रभु अंतरिक्ष अवसंरचना निर्माण की वैश्विक अग्रिम पंक्ति में स्थापित कर रहा है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| स्कोरबोर्ड जारीकर्ता संस्था | नीति आयोग (NITI Aayog) |
|---|---|
| स्कोरबोर्ड आधिकारिक पोर्टल | sts.niti.gov.in |
| शोध व पेटेंट में शीर्ष राज्य | तमिलनाडु |
| स्पाडेक्स मिशन प्रक्षेपक रॉकेट | PSLV-C60 |
| अंतरिक्ष डॉकिंग में भारत का वैश्विक स्थान | चौथा (अमेरिका, रूस, चीन के बाद) |
| भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) का लक्ष्य | वर्ष 2035 तक |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 हाल ही में नीति आयोग द्वारा जारी ‘इंडिया एसएंडटी स्कोरबोर्ड’ के अनुसार, वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक शोध प्रकाशन और पेटेंट आवेदन दर्ज करने वाला राज्य कौन-सा है?
Q2 ‘इंडिया एसएंडटी स्कोरबोर्ड’ (sts.niti.gov.in) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Q3 इसरो का ‘स्पाडेक्स’ (SpaDeX) मिशन मुख्य रूप से किस अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के प्रदर्शन से संबंधित था?
Q4 अंतरिक्ष में दो उपग्रहों की स्वायत्त डॉकिंग (Autonomous Space Docking) तकनीक सफलतापूर्वक हासिल करने वाला भारत दुनिया का कौन-सा देश बना?
Q5 स्पाडेक्स मिशन द्वारा परीक्षित तकनीक भारत के किस आगामी प्रमुख अंतरिक्ष मिशन के लिए अनिवार्य है?








