बैंकिंग सुधारों हेतु सुरेश पटेल समिति गठित व अक्टूबर विनिर्माण PMI 54.7 पर
केंद्र सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र के व्यापक सुधारों हेतु सुरेश एन. पटेल समिति का गठन किया है, वहीं अक्टूबर में विनिर्माण PMI 54.7 दर्ज हुआ।
⭐ मुख्य बिंदु
- केंद्र सरकार ने बैंकिंग सुधारों और डिजिटल नवाचार के लिए पूर्व CVC सुरेश एन. पटेल की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
- सुरेश पटेल समिति का कार्यकाल छह महीने का होगा, जिसमें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बैंक बनाने और विनियामक ढांचे की समीक्षा का दायित्व सौंपा गया है।
- अक्टूबर 2026 में भारत का विनिर्माण PMI 54.7 दर्ज किया गया, जो उद्योग में मजबूत विस्तार की निरंतरता दर्शाता है।
- अक्टूबर के विनिर्माण आंकड़ों में नए अंतरराष्ट्रीय निर्यात ऑर्डरों में पिछले छह महीनों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है।
- विनिर्माण क्षेत्र में इनपुट लागत और उत्पाद विक्रय मूल्य मुद्रास्फीति चार साल के निचले स्तर के करीब आ गई है।
- PMI सूचकांक में 50 से ऊपर का अंक आर्थिक विस्तार और 50 से नीचे का स्तर संकुचन का प्रतीक होता है।
- भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति इनपुट हेतु 19 शहरों में उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण और मुद्रास्फीति प्रत्याशा सर्वेक्षण शुरू किया है।
भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में दो बड़े नीतिगत व सांख्यिकीय घटनाक्रम सामने आए हैं। केंद्र सरकार ने विकसित भारत 2047 के वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने और बैंकों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC) सुरेश एन. पटेल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee on Banking) का गठन किया है। वहीं दूसरी ओर, एसएंडपी ग्लोबल और एचएसबीसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर 2026 में भारत का विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (HSBC India Manufacturing PMI) 54.7 दर्ज किया गया, जिसमें मजबूत विदेशी मांग के कारण नए निर्यात ऑर्डरों में पिछले छह महीनों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है।
1. विकसित भारत हेतु बैंकिंग सुधार: सुरेश एन. पटेल समिति का गठन
क्या हुआ?
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने भारतीय बैंकिंग प्रणाली में संरचनात्मक और विनियामक सुधारों की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। पूर्व बैंकर और केंद्रीय सतर्कता आयुक्त सुरेश एन. पटेल को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। समिति का कार्यकाल छह महीने निर्धारित किया गया है।
- समिति के सदस्य: समिति में पूर्व डिप्टी गवर्नर एन. एस. विश्वनाथन, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के वरिष्ठ अधिकारी और इंडियन बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक (MD) पद्मजा चुंदुरु शामिल हैं।
- मुख्य अधिदेश (Terms of Reference): बैंकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं अत्याधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकियों के एकीकरण का रोडमैप तैयार करना, प्रूडेंशियल मानदंडों को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालना और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) व सहकारी बैंकों के विनियामक ढांचे की समीक्षा करना।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा: शीर्ष भारतीय बैंकों को परिसंपत्ति और दक्षता के मामले में वैश्विक शीर्ष 20 बैंकों की सूची में स्थापित करने हेतु रणनीतिक विलय और पूंजी पर्याप्तता के सुझाव देना।
पृष्ठभूमि
भारतीय बैंकिंग क्षेत्र वर्तमान में ऐतिहासिक रूप से सबसे मजबूत वित्तीय स्थिति में है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (GNPA) अनुपात कई वर्षों के न्यूनतम स्तर पर आ चुका है और पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) 16% से अधिक बना हुआ है। सरकार का उद्देश्य 'ईज 7.0' (EASE) सुधारों से आगे बढ़कर बैंकों को अगले 25 वर्षों के आर्थिक विस्तार का इंजन बनाना है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- पी. जे. नायक समिति (2014): बैंक बोर्ड्स में कॉर्पोरेट गवर्नेंस सुधार और BBB (अब FSIB) के गठन की सिफारिश के लिए जानी जाती है।
- नरसिम्हम समिति (I व II): भारत में 1991 और 1998 में बैंकिंग क्षेत्र के वित्तीय और संरचनात्मक उदारीकरण की आधारशिला रखी थी।
- पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR): बेसल-III मानदंडों के तहत बैंकों को अपनी जोखिम-भारित संपत्तियों (RWA) के अनुपात में न्यूनतम 8% (भारत में RBI के अनुसार 9% और CCB जोड़कर 11.5%) नियामक पूंजी रखनी होती है।
2. अक्टूबर 2026 विनिर्माण PMI: उत्पादन में निरंतर विस्तार और निर्यात उछाल
क्या हुआ?
एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (HSBC India Manufacturing PMI) अक्टूबर 2026 में 54.7 पर दर्ज किया गया। यद्यपि यह सितंबर के 55.1 से मामूली रूप से धीमा रहा, लेकिन यह 50 के तटस्थ स्तर (neutral mark) से काफी ऊपर बना हुआ है, जो अर्थव्यवस्था के विनिर्माण क्षेत्र में ठोस विस्तार (expansion) को रेखांकित करता है।
| प्रमुख संकेतक | अक्टूबर 2026 | सितंबर 2026 | प्रवृत्ति / निष्कर्ष |
|---|---|---|---|
| विनिर्माण PMI सूचकांक | 54.7 | 55.1 | निरंतर मजबूत विस्तार (50 से ऊपर) |
| नए निर्यात ऑर्डर | 6 माह का उच्च स्तर | स्थिर | अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई व एशिया से मजबूत मांग |
| लागत मुद्रास्फीति (Input Costs) | फरवरी के बाद सबसे कम | मध्यम | कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता |
| उत्पाद विक्रय मूल्य वृद्धि | 4 वर्ष के न्यूनतम स्तर पर | सामान्य | उपभोक्ताओं पर मूल्य वृद्धि का दबाव कम |
पृष्ठभूमि व आर्थिक निहितार्थ
क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) एक प्रमुख अग्रिम आर्थिक संकेतक (leading indicator) है। अक्टूबर के आंकड़ों में सबसे सकारात्मक पहलू विदेशी मांग में पुनरुत्थान रहा। अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कनाडा और दक्षिण एशियाई देशों से भारतीय विनिर्मित उत्पादों के ऑर्डर में तेज बढ़ोतरी देखी गई। साथ ही, इनपुट लागतों में नरमी के कारण कंपनियों की लाभप्रदता मार्जिन में सुधार का अवसर मिला है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- PMI की कार्यप्रणाली: 50 से अधिक अंक उद्योग में 'विस्तार' (Expansion), 50 का अंक 'स्थिरता' तथा 50 से कम अंक 'संकुचन' (Contraction) दर्शाता है।
- गणना आधार: विनिर्माण PMI की गणना पांच प्रमुख संकेतकों के आधार पर होती है—नए ऑर्डर (30%), आउटपुट (25%), रोजगार (20%), आपूर्तिकर्ता वितरण समय (15%), और खरीद का भंडार (10%)।
- अंतर: जहां औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी सरकारी पिछड़ा संकेतक (lagging indicator) है, वहीं PMI निजी सर्वेक्षण आधारित अग्रिम संकेतक है।
3. मौद्रिक नीति हेतु RBI के द्विमासिक घरेलू सर्वेक्षण
गुणात्मक इनपुट का महत्व
भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी आगामी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के दृष्टिगत देश के 19 प्रमुख शहरों में उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण (CCS) और परिवारों के मुद्रास्फीति प्रत्याशा सर्वेक्षण (IESH) का नया दौर संचालित किया है। यह सर्वेक्षण परिवारों से रोजगार, सामान्य आर्थिक स्थिति, मूल्य स्तर तथा व्यय प्राथमिकताओं पर गुणात्मक प्रतिक्रिया एकत्र करता है, जो MPC (Monetary Policy Committee) को ब्याज दरों के निर्धारण में मार्गदर्शक डेटा उपलब्ध कराता है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| बैंकिंग सुधार समिति के अध्यक्ष | सुरेश एन. पटेल (पूर्व CVC) |
|---|---|
| बैंकिंग समिति का कार्यकाल | 6 महीने |
| अक्टूबर 2026 विनिर्माण PMI | 54.7 अंक |
| PMI न्यूट्रल थ्रेशोल्ड स्तर | 50.0 अंक |
| RBI उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण का कवरेज | 19 प्रमुख भारतीय शहर |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा गठित ‘High-Level Committee on Banking for Viksit Bharat’ का अध्यक्ष किसे नियुक्त किया गया है?
Q2 अक्टूबर 2026 में दर्ज किया गया भारत का विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (HSBC India Manufacturing PMI) कितना रहा?
Q3 परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के संदर्भ में 50 से अधिक का मान क्या प्रदर्शित करता है?
Q4 विनिर्माण PMI की गणना में निम्नलिखित में से किस घटक को सर्वाधिक भार (30%) दिया जाता है?
Q5 भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नियमित रूप से संचालित ‘उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण’ (CCS) देश के कितने शहरों में आयोजित किया जाता है?







